अनशन के दौरान अगर किसी प्रदर्शनकारी की मौत हो जाए तो क्या सरकार पर बनता है केस? जानिए कानून क्या कहता है

दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन ने एक बार फिर देशभर में कानूनी और संवैधानिक बहस को तेज कर दिया है। लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि यदि कोई व्यक्ति अपनी मांगों को लेकर लंबे समय तक भूख हड़ताल करता है और इसी दौरान उसकी मृत्यु हो जाती है, तो क्या सरकार को इसके लिए कानूनी रूप से जिम्मेदार ठहराया जा सकता है? क्या ऐसी स्थिति में सरकार के खिलाफ हत्या या लापरवाही का मामला दर्ज हो सकता है, या फिर कानून इसे अलग नजरिए से देखता है?…