क्या स्मार्टवॉच पहनने से कैंसर का खतरा बढ़ सकता है? जानिए वैज्ञानिक रिसर्च और विशेषज्ञों की राय

पिछले कुछ वर्षों में स्मार्टवॉच लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुकी है। पहले जहां घड़ी का इस्तेमाल केवल समय देखने तक सीमित था, वहीं अब यह छोटी-सी डिवाइस स्वास्थ्य से जुड़ी कई जानकारियां भी उपलब्ध कराती है। हार्ट रेट की निगरानी, रोजाना चले गए कदमों की गिनती, ब्लड ऑक्सीजन लेवल, नींद का विश्लेषण और एक्सरसाइज ट्रैकिंग जैसी सुविधाओं के कारण करोड़ों लोग पूरे दिन इसे अपनी कलाई पर पहनकर रखते हैं। कई लोग तो रात में सोते समय भी स्मार्टवॉच नहीं उतारते ताकि उनकी नींद का डेटा रिकॉर्ड हो सके। हालांकि, स्मार्टवॉच की बढ़ती लोकप्रियता के…