दशहरे पर रावण दहन की राख घर लाने की क्या है मान्यता? जानिए सुख-समृद्धि से लेकर नकारात्मकता दूर करने तक की पूरी परंपरा

दशहरा यानी विजयादशमी का त्योहार देशभर में बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्रीराम की रावण पर विजय की याद में जगह-जगह रावण के पुतले जलाए जाते हैं। कई स्थानों पर रावण के साथ कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का भी दहन किया जाता है। शाम होते ही मैदानों में लोगों की भीड़ जुटती है और आतिशबाजी के बीच रावण दहन का आयोजन होता है। हालांकि, इस पर्व से जुड़ी कुछ ऐसी लोक परंपराएं भी हैं, जिनके बारे में बहुत से लोग जानते तो हैं, लेकिन उनके पीछे की मान्यताओं…