25 जुलाई से शुरू होगा चार महीने का विशेष आध्यात्मिक काल, जानिए क्यों रुक जाते हैं विवाह और अन्य शुभ कार्य
सनातन धर्म में वर्ष भर अनेक पर्व, व्रत और धार्मिक अवसर आते हैं, लेकिन कुछ विशेष काल ऐसे भी होते हैं जिन्हें केवल उत्सवों का समय नहीं बल्कि आत्मसंयम, साधना और आध्यात्मिक उन्नति का श्रेष्ठ अवसर माना जाता है। इन्हीं पवित्र अवधियों में सबसे महत्वपूर्ण स्थान चातुर्मास का है। यह चार महीनों तक चलने वाला धार्मिक काल है, जिसमें भगवान विष्णु के योगनिद्रा में रहने की मान्यता है और श्रद्धालु सांसारिक सुख-सुविधाओं की अपेक्षा ईश्वर भक्ति, व्रत, जप, तप, दान और धार्मिक अनुष्ठानों को अधिक महत्व देते हैं। वर्ष 2026 में चातुर्मास का आरंभ 25 जुलाई 2026, शनिवार को देवशयनी…
