अधिकमास अमावस्या पर पितृ तर्पण का विशेष संयोग, रविवार को सूर्य उपासना के साथ जानें दिनभर के शुभ-अशुभ मुहूर्त
आज का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि अधिकमास की अमावस्या और रविवार का संयोग एक साथ बना है। इस अमावस्या को दर्श अमावस्या भी कहा जाता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार अमावस्या तिथि पितरों के स्मरण, तर्पण, श्राद्ध और दान-पुण्य के लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती है। वहीं रविवार होने के कारण सूर्य देव की पूजा का भी विशेष महत्व है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस दिन विधि-विधान से किए गए धार्मिक कार्यों से पितृ दोष में कमी आती है और सूर्य से संबंधित कष्टों में भी राहत मिल सकती है। मान्यता है कि अमावस्या…
