एयर इंडिया की कमान आज नए हाथों में, फिर CEO की कुर्सी पर क्यों है असमंजस?

टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया में सोमवार को नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इथियोपियन एयरलाइंस को लंबे समय तक नेतृत्व देने वाले टेवोल्डे गेब्रेमरियम अब एयर इंडिया के संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगे। हालांकि, दिलचस्प बात यह है कि एयरलाइन में उनकी औपचारिक एंट्री तो आज हो जाएगी, लेकिन फिलहाल उनकी सीट पर ‘CEO’ का बोर्ड नहीं लगा होगा। इसके पीछे उनकी सुरक्षा मंजूरी से जुड़ा एक अहम मामला है। गेब्रेमरियम एयर इंडिया के पूर्व चीफ एग्जीक्यूटिव कैंपबेल विल्सन की जगह लेने जा रहे हैं। एयरलाइन के लिए उनका आगमन ऐसे समय में हो रहा…

टाटा संस में नेतृत्व संकट गहराया, एन चंद्रशेखरन ने दिया इस्तीफा; फरवरी 2027 तक संभालेंगे कमान

टाटा समूह की कमान को लेकर चल रही अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने 12 अगस्त को अपने पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया। हालांकि, उनका कार्यकाल तत्काल खत्म नहीं होगा। वे 20 फरवरी 2027 तक चेयरमैन के पद पर बने रहेंगे, ताकि कंपनी को अगला नेतृत्व चुनने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। चंद्रशेखरन का यह फैसला 18 अगस्त को होने वाली टाटा संस की सालाना आम बैठक यानी AGM से कुछ दिन पहले आया है। उनके इस्तीफे के साथ ही टाटा समूह में अगले चेयरमैन को लेकर…

टाटा संस में नेतृत्व को लेकर बढ़ी हलचल, एन चंद्रशेखरन के पद छोड़ने की अटकलें तेज

टाटा समूह की सबसे अहम कंपनी टाटा संस में आने वाले दिनों में नेतृत्व को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। कंपनी के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के पद से हटने की संभावना की चर्चा ने समूह के भीतर और कारोबारी हलकों में हलचल बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार, चंद्रशेखरन ने अपने करीबी लोगों के साथ इस संभावना को लेकर बातचीत की है कि वह टाटा संस के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे सकते हैं। हालांकि, इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। टाटा संस की सालाना आम बैठक यानी AGM 18 अगस्त को…

बिना पारंपरिक मालिक के भी चल रही दिग्गज कंपनियां, जानिए क्या है पूरा सिस्टम

जब भी किसी बड़ी कंपनी का नाम सामने आता है, तो आमतौर पर लोगों के मन में यह सवाल जरूर आता है कि आखिर उसका मालिक कौन है। अधिकांश पारिवारिक कारोबारों में किसी एक व्यक्ति, परिवार या प्रमोटर समूह का नियंत्रण होता है, इसलिए यह धारणा बन गई है कि हर सफल कंपनी के पीछे एक ही मालिक या परिवार होता है। हालांकि कॉरपोरेट जगत की वास्तविकता इससे कहीं अधिक व्यापक है। भारत और दुनिया में कई ऐसी कंपनियां हैं जिनका संचालन किसी एक व्यक्ति के हाथ में नहीं होता। इन कंपनियों का प्रबंधन बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स, ट्रस्ट, फाउंडेशन, संस्थागत…