पूजा में परिक्रमा का नियम: हर देवी-देवता के लिए अलग है संख्या, जानिए सही विधि
सनातन धर्म में पूजा-पाठ केवल भगवान के सामने प्रार्थना करने तक सीमित नहीं माना जाता। मंदिर में प्रवेश करने से लेकर दर्शन, आरती, प्रसाद ग्रहण करने और परिक्रमा करने तक हर धार्मिक क्रिया का अपना अलग महत्व बताया गया है। इनमें परिक्रमा को विशेष स्थान प्राप्त है। श्रद्धालु जब किसी देवी-देवता या मंदिर के गर्भगृह के चारों ओर घूमते हैं, तो इसे भगवान के प्रति श्रद्धा, समर्पण और आस्था की अभिव्यक्ति माना जाता है। हिंदू धार्मिक परंपराओं में यह मान्यता प्रचलित है कि मंदिर में स्थापित देवता को जीवन का केंद्र मानकर उनके चारों ओर परिक्रमा करने से मन में…
