कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026: टनकपुर पहुंचा दूसरा जत्था, 11 राज्यों के 47 श्रद्धालुओं का पारंपरिक अंदाज में हुआ स्वागत

कैलाश मानसरोवर यात्रा-2026 का दूसरा दल बुधवार शाम उत्तराखंड के टनकपुर पहुंचा, जहां श्रद्धालुओं का स्थानीय परंपराओं के अनुरूप बेहद गर्मजोशी से स्वागत किया गया। देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत की झलक ढोल-दमाऊं की गूंज, पुष्पवर्षा और पारंपरिक लोक रीति-रिवाजों के बीच देखने को मिली। देश के अलग-अलग हिस्सों से आए श्रद्धालुओं ने इस आत्मिक यात्रा की शुरुआत उत्तराखंड की धरती से की। जिला प्रशासन, कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) और अन्य संबंधित विभागों ने यात्रियों के स्वागत से लेकर उनके ठहरने और आगे की यात्रा तक सभी जरूरी व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित कर रखी थीं। इस बार दूसरे जत्थे में…

पहाड़ी राज्यों में बाहरी लोगों की जमीन खरीद पर रोक क्यों? जानिए कब बने नियम और क्या हैं इसके पीछे की बड़ी वजहें

भारत एक संघीय व्यवस्था वाला देश है, जहां प्रत्येक राज्य को अपनी भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार कुछ विषयों पर कानून बनाने का अधिकार प्राप्त है। इन्हीं विषयों में भूमि से जुड़े कानून भी शामिल हैं। यही कारण है कि देश के अलग-अलग राज्यों में जमीन खरीदने और उसके स्वामित्व से संबंधित नियम एक जैसे नहीं हैं। अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि जब कोई व्यक्ति भारत का नागरिक है, तो वह देश के किसी भी राज्य में जमीन क्यों नहीं खरीद सकता। यह प्रश्न विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और कुछ अन्य…

चार दिन की तनातनी के बाद नगरासू गुरुद्वारा मामला शांत, प्रशासन करेगा पूरे घटनाक्रम की जांच

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू स्थित गुरुद्वारा साहिब में पिछले चार दिनों से चल रहा विवाद आखिरकार बातचीत और आपसी सहमति के बाद समाप्त हो गया। गुरुद्वारे की छत पर मौजूद सभी निहंग सिख मंगलवार शाम सुरक्षित नीचे उतर आए। इसके बाद उन्होंने धार्मिक जयघोष किया और अपने वाहनों से आगे की यात्रा के लिए रवाना हो गए। इस घटनाक्रम के समाप्त होने के बाद प्रशासन, स्थानीय नागरिकों और गुरुद्वारा प्रबंधन ने राहत की सांस ली। पूरे मामले के दौरान जिला प्रशासन ने संयम बरतते हुए बल प्रयोग से बचने की नीति अपनाई और लगातार संवाद के माध्यम से…

4 जुलाई से फिर खुलेगा आस्था का मार्ग, कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए 10 जत्थों की तैयारी पूरी

भगवान शिव के पवित्र धाम कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील की यात्रा का इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर है। वर्ष 2026 की कैलाश मानसरोवर यात्रा का शुभारंभ 4 जुलाई से होने जा रहा है। भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के समन्वय में आयोजित इस वर्ष की यात्रा के लिए तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल विकास निगम (KMVN), जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, आईटीबीपी और अन्य संबंधित एजेंसियां यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियों में जुटी हैं। इस बार भी श्रद्धालु उत्तराखंड…

कैंची धाम में 15 जून को जुटेंगे लाखों श्रद्धालु, नीम करौली बाबा के स्थापना दिवस पर तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार

उत्तराखंड की शांत वादियों में स्थित कैंची धाम एक बार फिर विशाल धार्मिक आयोजन का केंद्र बनने जा रहा है। आगामी 15 जून को आश्रम का स्थापना दिवस मनाया जाएगा, जिसके लिए प्रशासन, मंदिर ट्रस्ट और स्थानीय व्यवस्थापक पूरी तरह सक्रिय हो चुके हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। श्रद्धालुओं की बढ़ती आमद को देखते हुए आश्रम परिसर और आसपास के क्षेत्रों में विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। जून का महीना शुरू होते ही नीम करौली बाबा के अनुयायियों में उत्साह बढ़ने लगता है। स्थापना दिवस…

Uttarakhand में Chamoli में Cloudburst, 7 लोग लापता, Mussoorie में 2500 Touristsफंसे; Himachal में 419 मौतें, देशभर में 8% ज्यादा बारिश

देश के कई हिस्सों में सितंबर के मध्य तक मानसून की सक्रियता बनी हुई है। पहाड़ी राज्यों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, बादल फटने और अचानक बाढ़ जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में मौसम का असर सबसे अधिक दिखाई दे रहा है, जबकि उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों में भी अलग-अलग स्तर पर बारिश और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। 17 सितंबर की रात उत्तराखंड के चमोली जिले के नंदानगर घाट क्षेत्र में बादल फटने की घटना ने स्थानीय प्रशासन की चिंता बढ़ा दी। अचानक आई तेज…

Uttarakhand के 4 जिलों में Landslide का High Alert, भारी बारिश के बीच प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी; लोगों से सतर्क रहने की अपील

उत्तराखंड में मानसून के सक्रिय होते ही पहाड़ी इलाकों में प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बढ़ गया है। राज्य के चार जिलों—टिहरी गढ़वाल, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए भूस्खलन (Landslide) का खतरा बढ़ गया है। स्थिति को देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (State Emergency Operation Centre – SEOC) ने इन जिलों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है। यह अलर्ट 7 और 8 जुलाई के लिए जारी किया गया है। मौसम विभाग (IMD) और जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (GSI) की रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने यह कदम उठाया है। अधिकारियों का कहना…