देशभर में घरेलू रसोई गैस (LPG) का उपयोग करने वाले करोड़ों परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। केंद्र सरकार ने 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में 50 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें 8 अप्रैल से प्रभावी हो गई हैं। इस संशोधन का असर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों के साथ-साथ सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं पर भी पड़ेगा।
रसोई गैस आज लगभग हर घर की आवश्यक जरूरत बन चुकी है। ऐसे में LPG सिलेंडर की कीमतों में होने वाला कोई भी बदलाव सीधे घरेलू बजट को प्रभावित करता है। सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में LPG की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण यह निर्णय लेना आवश्यक हो गया था। हालांकि सरकार का दावा है कि वास्तविक लागत की तुलना में उपभोक्ताओं पर सीमित भार डाला गया है।
घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में बदलाव ऐसे समय पर किया गया है जब महंगाई, ईंधन की कीमतें और घरेलू खर्च पहले से ही चर्चा का विषय बने हुए हैं। ऐसे में नई कीमतें आम उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।
8 अप्रैल से लागू हुई घरेलू LPG सिलेंडर की नई कीमतें
नई दरों के अनुसार अब 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर के लिए उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में 50 रुपये अधिक भुगतान करना होगा। यह संशोधन पूरे देश में लागू किया गया है और संबंधित शहरों में स्थानीय करों के अनुसार अंतिम कीमतों में मामूली अंतर हो सकता है।
सरकार द्वारा जारी जानकारी के अनुसार नई कीमतें लागू होने के बाद घरेलू गैस उपभोक्ताओं को अपने मासिक बजट में अतिरिक्त राशि शामिल करनी होगी। रसोई गैस का उपयोग भोजन तैयार करने का प्रमुख साधन होने के कारण इसका प्रभाव अधिकांश परिवारों पर पड़ता है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए नई दरें
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस कनेक्शन प्राप्त करने वाले लाभार्थियों को भी इस मूल्य वृद्धि का सामना करना पड़ेगा। पहले जहां इस श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए 14.2 किलो LPG सिलेंडर की कीमत 503 रुपये थी, वहीं अब यह बढ़कर 553 रुपये हो गई है।
उज्ज्वला योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों तक स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत देशभर में करोड़ों परिवारों को गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। नई कीमत लागू होने के बाद लाभार्थियों को भी अतिरिक्त 50 रुपये का भुगतान करना होगा।
सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं के लिए कीमत कितनी बढ़ी?
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से बाहर आने वाले सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं के लिए भी कीमतों में समान वृद्धि की गई है। पहले जहां घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत 803 रुपये थी, वहीं अब नई कीमत 853 रुपये हो गई है।
यह बढ़ोतरी उन सभी परिवारों पर लागू होगी जो नियमित घरेलू LPG सिलेंडर का उपयोग करते हैं। गैस कंपनियों के अनुसार नई दरें सभी अधिकृत वितरण केंद्रों पर लागू कर दी गई हैं।
देश में कितने घरेलू LPG उपभोक्ता हैं?
भारत दुनिया के सबसे बड़े घरेलू LPG उपभोक्ता देशों में शामिल है। उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार देश में लगभग 32.94 करोड़ सक्रिय घरेलू LPG कनेक्शन हैं। इनमें लगभग 10.33 करोड़ कनेक्शन प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत जारी किए गए हैं।
इसका अर्थ है कि गैस सिलेंडर की कीमतों में किसी भी प्रकार का बदलाव करोड़ों परिवारों को सीधे प्रभावित करता है। यही कारण है कि LPG की कीमतों पर उपभोक्ताओं और नीति निर्माताओं दोनों की विशेष नजर रहती है।
सरकार ने क्या बताया मूल्य वृद्धि का कारण?
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में LPG की कीमतों में लगातार वृद्धि हुई है। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल और एलपीजी की लागत बढ़ने से गैस विपणन कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है। इसी वजह से घरेलू बाजार में भी कीमतों में संशोधन किया गया है।
सरकार का कहना है कि वैश्विक मूल्य वृद्धि का पूरा भार उपभोक्ताओं पर नहीं डाला गया है। केवल सीमित स्तर पर कीमतों में वृद्धि कर लागत और उपभोक्ता हितों के बीच संतुलन बनाने का प्रयास किया गया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कितनी बढ़ी LPG की कीमत?
सरकारी जानकारी के अनुसार जुलाई 2023 में अंतरराष्ट्रीय बाजार में LPG की औसत कीमत लगभग 385 डॉलर प्रति टन थी। इसके बाद वैश्विक मांग और अन्य आर्थिक कारणों से कीमतों में लगातार वृद्धि दर्ज की गई और यह लगभग 629 डॉलर प्रति टन तक पहुंच गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले ऐसे बदलावों का प्रभाव भारत जैसे आयात आधारित देशों पर भी पड़ता है, क्योंकि घरेलू आवश्यकता का एक बड़ा हिस्सा आयातित LPG से पूरा किया जाता है।
सरकार ने क्यों नहीं बढ़ाई पूरी लागत?
सरकार का कहना है कि यदि वैश्विक बाजार के अनुरूप पूरी लागत उपभोक्ताओं पर डाली जाती तो कई शहरों में घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत एक हजार रुपये से अधिक हो सकती थी। ऐसे में आम लोगों पर अचानक आर्थिक बोझ बढ़ जाता है।
इसी कारण केवल 50 रुपये की वृद्धि करने का निर्णय लिया गया ताकि गैस कंपनियों के नुकसान को कुछ हद तक कम किया जा सके और उपभोक्ताओं पर भी अत्यधिक दबाव न पड़े।
CNG की कीमतों में भी हुआ बदलाव, कमर्शियल LPG सिलेंडर हुआ सस्ता
घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ-साथ CNG उपभोक्ताओं के लिए भी नई दरें लागू की गई हैं। वहीं दूसरी ओर व्यावसायिक उपयोग में आने वाले 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में राहत दी गई है।
दिल्ली में CNG हुई महंगी
CNG की कीमत में 1 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई है। नई दर लागू होने के बाद दिल्ली में CNG की कीमत 75.09 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। गैस कंपनियों का कहना है कि प्राकृतिक गैस की लागत में वृद्धि के कारण यह संशोधन किया गया है।
सीएनजी की कीमतों में बदलाव का असर निजी वाहनों के अलावा टैक्सी, ऑटो रिक्शा और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर भी पड़ सकता है। हालांकि वृद्धि सीमित स्तर पर की गई है।
कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम में मिली राहत
जहां घरेलू उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर के लिए अधिक राशि चुकानी होगी, वहीं होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को कुछ राहत मिली है। 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में 41 रुपये की कटौती की गई है।
दिल्ली में कमर्शियल LPG सिलेंडर की नई कीमत 1,762 रुपये हो गई है। इसके अलावा मुंबई, कोलकाता और चेन्नई सहित अन्य महानगरों में भी कीमतों में कमी दर्ज की गई है।
कमर्शियल सिलेंडर की कीमत घटाने का क्या असर होगा?
कमर्शियल LPG सिलेंडर का उपयोग होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट, कैंटीन और कई छोटे व्यवसायों में किया जाता है। कीमतों में कमी से इन क्षेत्रों के परिचालन खर्च में कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि इसका प्रत्यक्ष लाभ ग्राहकों तक पहुंचेगा या नहीं, यह संबंधित व्यवसायों की मूल्य निर्धारण नीति पर निर्भर करेगा।
पेट्रोलियम मंत्री ने दी मूल्य संशोधन पर जानकारी
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि तेल विपणन कंपनियां लंबे समय से घरेलू LPG की बिक्री में आर्थिक दबाव का सामना कर रही थीं। उनके अनुसार कंपनियों को हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जिसे देखते हुए कीमतों में संशोधन आवश्यक माना गया।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार लगातार वैश्विक बाजार की स्थिति पर नजर रख रही है। यदि भविष्य में अंतरराष्ट्रीय बाजार में LPG की कीमतों में कमी आती है तो उसके अनुरूप घरेलू कीमतों की भी समीक्षा की जा सकती है।
घरेलू बजट पर पड़ सकता है असर
रसोई गैस की कीमतों में वृद्धि का सीधा प्रभाव घरेलू खर्च पर पड़ता है। जिन परिवारों में हर महीने एक या उससे अधिक LPG सिलेंडर की खपत होती है, उन्हें अब पहले की तुलना में अधिक राशि खर्च करनी होगी। खासकर मध्यम वर्ग और सीमित आय वाले परिवारों के मासिक बजट पर इसका असर दिखाई दे सकता है।
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय ईंधन बाजार में उतार-चढ़ाव का असर समय-समय पर घरेलू गैस की कीमतों पर देखने को मिलता है। इसलिए उपभोक्ताओं के लिए यह आवश्यक है कि वे समय-समय पर जारी नई दरों की जानकारी प्राप्त करते रहें और अपने मासिक खर्च की योजना उसी अनुसार तैयार करें।


