ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार से टूटा भारत का वर्ल्ड कप सपना, हरमनप्रीत की पारी भी नहीं बचा सकी टीम को

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार से टूटा भारत का वर्ल्ड कप सपना, हरमनप्रीत की पारी भी नहीं बचा सकी टीम को

भारतीय महिला क्रिकेट टीम का टी-20 वर्ल्ड कप अभियान निराशाजनक अंदाज में समाप्त हो गया। करो या मरो के मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 6 विकेट से मात देकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। लॉर्ड्स में खेले गए इस अहम मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 171 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा था, लेकिन ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 19 ओवर में ही 172 रन बनाकर जीत अपने नाम कर ली।

भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर की शानदार अर्धशतकीय पारी भी टीम को जीत नहीं दिला सकी। उन्होंने सिर्फ 27 गेंदों में 56 रनों की तेजतर्रार पारी खेली, जिसमें 6 चौके और 3 छक्के शामिल थे। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया की एलिस पेरी और एश्ले गार्डनर की जबरदस्त साझेदारी ने भारत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

इस हार के साथ भारतीय टीम ग्रुप-ए में तीसरे स्थान पर रही और टूर्नामेंट से बाहर हो गई। वहीं ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका ने सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।

भारत ने रखी थी मजबूत शुरुआत

मुकाबले में टॉस जीतने के बाद भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। ओपनिंग जोड़ी शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने टीम को तेज शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने शुरुआती ओवरों में आक्रामक रवैया अपनाया और ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों पर दबाव बनाया। शेफाली और स्मृति ने पहले विकेट के लिए 66 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। शेफाली वर्मा ने 26 गेंदों पर 34 रन बनाए और टीम को तेज गति देने में अहम भूमिका निभाई। दूसरी तरफ स्मृति मंधाना ने संयम के साथ बल्लेबाजी करते हुए 37 गेंदों में 38 रन जोड़े।

भारत की शुरुआत अच्छी रही, लेकिन बीच के ओवरों में कुछ विकेट गिरने से टीम को रन गति बनाए रखने के लिए संघर्ष करना पड़ा। इसके बाद जिम्मेदारी कप्तान हरमनप्रीत कौर और जेमिमा रोड्रिग्स ने संभाली।

हरमनप्रीत और जेमिमा ने संभाली भारतीय पारी

मध्यक्रम में बल्लेबाजी करने आई हरमनप्रीत कौर ने आते ही आक्रामक अंदाज दिखाया। उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के खिलाफ बड़े शॉट लगाए और रन गति को फिर से बढ़ा दिया। हरमनप्रीत ने जेमिमा रोड्रिग्स के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 64 रनों की अहम साझेदारी की। जेमिमा ने 34 रनों का योगदान दिया और कप्तान का अच्छा साथ निभाया।

भारत की पारी के अंतिम ओवर में हरमनप्रीत ने अपनी बल्लेबाजी का शानदार प्रदर्शन दिखाया। उन्होंने सोफी मोलिन्यू के ओवर में लगातार तीन छक्के लगाकर टीम का स्कोर 170 रन तक पहुंचा दिया। इस पारी से ऐसा लग रहा था कि भारत ऑस्ट्रेलिया के सामने एक मजबूत लक्ष्य रखने में सफल हो गया है।

भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत में बनाया दबाव

171 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। भारतीय गेंदबाजों ने पहले ही ओवरों में शानदार प्रदर्शन किया और ऑस्ट्रेलिया पर दबाव बना दिया। रेणुका सिंह ने पारी की दूसरी ही गेंद पर जॉर्जिया वॉल को LBW आउट कर भारत को पहली सफलता दिलाई। इसके बाद गेंदबाजों ने लगातार दबाव बनाए रखा।

श्री चरणी ने फीबी लिचफील्ड को आउट कर भारत को दूसरी सफलता दिलाई, जबकि दीप्ति शर्मा ने खतरनाक बल्लेबाज बेथ मूनी को पवेलियन भेज दिया। एक समय ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 68 रन पर तीन विकेट था और भारतीय टीम मजबूत स्थिति में नजर आ रही थी। उस समय ऐसा लग रहा था कि भारत मुकाबले में पूरी तरह वापसी कर चुका है और ऑस्ट्रेलिया के लिए लक्ष्य हासिल करना आसान नहीं होगा।

पेरी और गार्डनर ने बदल दिया मैच का रुख

ऑस्ट्रेलिया के तीन विकेट गिरने के बाद एलिस पेरी और एश्ले गार्डनर ने मैच की पूरी कहानी बदल दी। दोनों बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए शानदार साझेदारी की। पेरी और गार्डनर ने चौथे विकेट के लिए 57 गेंदों में 100 रनों की मैच जिताऊ साझेदारी की। इस साझेदारी के दौरान दोनों ने मैदान के चारों तरफ शानदार शॉट लगाए और भारत को दबाव में ला दिया।

एलिस पेरी ने 38 गेंदों में 56 रन बनाए और टीम को जीत के करीब पहुंचाया। वहीं एश्ले गार्डनर ने नाबाद 53 रनों की तेज पारी खेली। उनकी बल्लेबाजी ने ऑस्ट्रेलिया को लक्ष्य तक पहुंचाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई। आखिरकार ऑस्ट्रेलिया ने 19 ओवर में 4 विकेट खोकर 172 रन बना लिए और 6 विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया।

भारत के लिए सेमीफाइनल की राह हुई मुश्किल

इस मुकाबले से पहले ही भारत के लिए समीकरण बेहद कठिन थे। ग्रुप-ए के दूसरे मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने बांग्लादेश को हराकर 8 अंक हासिल कर लिए थे। ऐसे में भारत को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए हर हाल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत दर्ज करनी थी। लेकिन हार के बाद भारतीय टीम के पास आगे बढ़ने का मौका खत्म हो गया। भारत ने अपने ग्रुप मुकाबलों में 5 मैच खेले और 6 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। ऑस्ट्रेलिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 अंकों के साथ ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि साउथ अफ्रीका 8 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रही। दोनों टीमों ने सेमीफाइनल में जगह बना ली।

हरमनप्रीत की पारी बनी यादगार

भले ही भारतीय टीम मुकाबला नहीं जीत सकी, लेकिन कप्तान हरमनप्रीत कौर की पारी लंबे समय तक याद रखी जाएगी। मुश्किल स्थिति में उन्होंने जिस तरह तेजी से रन बनाए, उससे भारत एक बड़े स्कोर तक पहुंच पाया। उनकी 56 रनों की पारी में आक्रामकता और अनुभव दोनों देखने को मिले। आखिरी ओवर में लगाए गए लगातार तीन छक्कों ने भारतीय फैंस की उम्मीदें भी बढ़ा दी थीं।

हालांकि, क्रिकेट में सिर्फ एक खिलाड़ी का प्रदर्शन जीत के लिए काफी नहीं होता। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबले में भारत ने कई अच्छे पल बनाए, लेकिन पेरी और गार्डनर की साझेदारी ने पूरा मैच ऑस्ट्रेलिया की ओर मोड़ दिया। इस हार के साथ भारतीय महिला टीम का टी-20 वर्ल्ड कप सफर समाप्त हो गया, जबकि ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका ने खिताब की दौड़ में अपनी जगह मजबूत कर ली।