लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर खेले जा रहे भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरे टेस्ट मैच के पहले दिन का खेल रोमांचक उतार-चढ़ाव से भरा रहा। दिन की शुरुआत में भारतीय गेंदबाजों ने इंग्लैंड के शीर्ष क्रम पर दबाव बनाया, लेकिन इसके बाद अनुभवी बल्लेबाज जो रूट और ओली पोप ने शानदार साझेदारी करते हुए मेजबान टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।
पहले दिन का खेल समाप्त होने तक इंग्लैंड ने 4 विकेट के नुकसान पर 251 रन बना लिए थे। जो रूट 99 रन बनाकर नाबाद लौटे और कप्तान बेन स्टोक्स 39 रन बनाकर उनका साथ दे रहे थे। रूट अपने टेस्ट करियर के एक और शतक से सिर्फ एक रन दूर थे। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआती सत्र में अच्छी पकड़ बनाई थी, लेकिन दूसरे और तीसरे सत्र में इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने धैर्य और अनुभव का इस्तेमाल करते हुए मुकाबले में वापसी कर ली।
इंग्लैंड की शुरुआत रही संभली हुई
इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। लॉर्ड्स की पिच पर हल्की घास मौजूद थी, लेकिन शुरुआत में गेंद ज्यादा स्विंग या अतिरिक्त उछाल नहीं ले रही थी। भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और आकाश दीप ने शुरुआती ओवरों में इंग्लिश बल्लेबाजों को परेशान करने की कोशिश की।
सलामी बल्लेबाज जैक क्रॉली और बेन डकेट ने शुरुआत में सावधानी से खेलते हुए भारतीय गेंदबाजों का सामना किया। दोनों बल्लेबाजों ने पहले कुछ ओवरों में जोखिम नहीं लिया और धीरे-धीरे पारी को आगे बढ़ाया।
क्रॉली ने आकाश दीप के एक ओवर में कुछ शानदार शॉट लगाए, जिसमें कवर ड्राइव और स्लिप के ऊपर से लगाए गए चौके शामिल थे। वहीं डकेट ने भी संभलकर बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड को स्थिर शुरुआत देने की कोशिश की।
हालांकि, भारतीय टीम को जल्द ही सफलता मिली और इंग्लैंड की मजबूत शुरुआत को बड़ा झटका लगा।
नितीश कुमार रेड्डी ने दिलाई भारत को पहली सफलता
भारतीय टीम के लिए ऑलराउंडर नितीश कुमार रेड्डी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड के दोनों सलामी बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। उनकी गेंदबाजी ने भारत को मुकाबले में वापस ला दिया।
पहले उन्होंने बेन डकेट को आउट किया। डकेट 40 गेंदों में 23 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद उन्होंने जैक क्रॉली का विकेट हासिल किया, जो 43 गेंदों में 18 रन बनाकर पवेलियन लौटे।
दोनों विकेट विकेटकीपर ऋषभ पंत के शानदार कैच के कारण मिले। डकेट पुल शॉट खेलने की कोशिश में आउट हुए, जबकि क्रॉली का कैच गेंद के बल्ले का किनारा लगने के बाद पंत ने पकड़ा।
इन दो विकेटों के बाद इंग्लैंड का स्कोर 44 रन पर 2 विकेट हो गया और भारतीय टीम ने मैच पर पकड़ बनानी शुरू कर दी थी।
Joe Root और ओली पोप ने संभाली इंग्लैंड की पारी
शुरुआती झटकों के बाद इंग्लैंड के सबसे अनुभवी बल्लेबाज जो रूट ने जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने ओली पोप के साथ मिलकर भारतीय गेंदबाजी का डटकर सामना किया।
रूट ने अपनी क्लास दिखाते हुए मोहम्मद सिराज के ओवर में शानदार चौके लगाए और इंग्लैंड को 50 रन के पार पहुंचाया। उन्होंने अपनी पारी में धैर्य, तकनीक और अनुभव का बेहतरीन इस्तेमाल किया।
दूसरे सत्र में रूट और पोप ने भारतीय गेंदबाजों को कोई आसान मौका नहीं दिया। दोनों ने लगातार रोटेशन ऑफ स्ट्राइक पर ध्यान दिया और खराब गेंदों को बाउंड्री तक पहुंचाया।
जो रूट ने 102 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। चायकाल तक वह 54 रन बनाकर नाबाद थे, जबकि ओली पोप 44 रन बनाकर उनका साथ दे रहे थे।
दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 109 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की, जिसने इंग्लैंड को मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला।
रवींद्र जडेजा ने तोड़ी साझेदारी
तीसरे सत्र में भारतीय टीम को आखिरकार सफलता मिली। रवींद्र जडेजा ने ओली पोप की शानदार पारी का अंत किया।
जडेजा की गेंद पर विकेटकीपर ध्रुव जुरेल ने बेहतरीन कैच पकड़ा। पोप 104 गेंदों में चार चौकों की मदद से 44 रन बनाकर आउट हुए।
इस विकेट के साथ इंग्लैंड का स्कोर 153 रन पर 3 विकेट हो गया और भारत को उम्मीद थी कि वह जल्दी और विकेट हासिल कर लेगा।
जसप्रीत बुमराह ने हैरी ब्रूक को किया बोल्ड
इंग्लैंड के नए नंबर-1 टेस्ट बल्लेबाज हैरी ब्रूक क्रीज पर आए और उन्होंने शुरुआत में आक्रामक अंदाज दिखाने की कोशिश की। उन्होंने जडेजा और बुमराह के खिलाफ कुछ अच्छे शॉट खेले।
लेकिन जसप्रीत बुमराह ने अपनी शानदार गेंदबाजी का प्रदर्शन करते हुए ब्रूक को बोल्ड कर दिया। बुमराह की तेज और सटीक गेंद ने ब्रूक के स्टंप्स उड़ा दिए।
ब्रूक 20 गेंदों में 11 रन बनाकर आउट हुए। उस समय इंग्लैंड का स्कोर 172 रन पर 4 विकेट था।
बेन स्टोक्स और जो रूट ने संभाला मोर्चा
इसके बाद कप्तान बेन स्टोक्स और जो रूट ने कोई जल्दबाजी नहीं दिखाई। दोनों बल्लेबाजों ने पारंपरिक टेस्ट क्रिकेट का प्रदर्शन करते हुए भारतीय गेंदबाजों का सम्मान किया और धीरे-धीरे स्कोर आगे बढ़ाया।
दोनों ने मिलकर इंग्लैंड को 200 रन के पार पहुंचाया। स्टोक्स ने संयमित पारी खेलते हुए रूट को अच्छा साथ दिया।
दिन के अंत तक दोनों बल्लेबाजों ने इंग्लैंड को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया था। खास तौर पर जो रूट की बल्लेबाजी भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी रही।
ऋषभ पंत की चोट से भारत को झटका
मैच के दौरान भारतीय टीम को उस समय चिंता हुई जब विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत की उंगली में गेंद लग गई। चोट के बाद उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा और उनकी जगह ध्रुव जुरेल ने विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभाली।
भारतीय टीम उम्मीद करेगी कि पंत जल्द फिट होकर मैदान पर लौटें, क्योंकि वह बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग दोनों में टीम के लिए महत्वपूर्ण खिलाड़ी हैं।
पहले दिन का स्कोर
इंग्लैंड – 251/4
- जो रूट – 99*
- बेन स्टोक्स – 39*
- ओली पोप – 44
- बेन डकेट – 23
- जैक क्रॉली – 18
भारत की ओर से गेंदबाजी:
- नितीश कुमार रेड्डी – 2 विकेट
- जसप्रीत बुमराह – 1 विकेट
- रवींद्र जडेजा – 1 विकेट
दूसरे दिन भारत की रणनीति पर होंगी नजरें
पहले दिन के खेल के बाद इंग्लैंड की स्थिति मजबूत नजर आ रही है, लेकिन लॉर्ड्स की पिच पर एक अच्छा गेंदबाजी स्पेल मैच का रुख बदल सकता है। भारतीय टीम की कोशिश होगी कि दूसरे दिन शुरुआत में ही जो रूट और बेन स्टोक्स की साझेदारी को तोड़ा जाए।
वहीं इंग्लैंड चाहेगा कि रूट अपना शतक पूरा करें और टीम पहली पारी में बड़ा स्कोर खड़ा कर भारत पर दबाव बनाए। तीसरे टेस्ट का दूसरा दिन दोनों टीमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है, क्योंकि पहली पारी का स्कोर मैच की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।



