‘परीक्षा पे चर्चा 2026’: पीएम मोदी ने बताया फिटनेस और ग्लोइंग स्किन का फंडा, डाइट को लेकर दिया खास मैसेज

‘परीक्षा पे चर्चा 2026’: पीएम मोदी ने बताया फिटनेस और ग्लोइंग स्किन का फंडा, डाइट को लेकर दिया खास मैसेज

बोर्ड परीक्षाओं के समय छात्रों पर पढ़ाई, भविष्य और अच्छे प्रदर्शन को लेकर दबाव बढ़ जाता है। इसी तनाव को कम करने और विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संवाद कार्यक्रम ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के दूसरे एपिसोड में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए छात्रों ने प्रधानमंत्री से शिक्षा, करियर, तकनीक, जीवनशैली और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े कई सवाल पूछे। पीएम मोदी ने छात्रों के सवालों का जवाब देते हुए अपने अनुभव साझा किए और उन्हें बेहतर जीवन के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

इस दौरान एक छात्र ने प्रधानमंत्री से उनकी फिटनेस, ऊर्जा और चमकदार त्वचा से जुड़े सवाल पूछे। छात्र के सवाल पर पीएम मोदी ने अपनी दिनचर्या, भोजन की आदतों और स्वास्थ्य को लेकर अपनाए जाने वाले सामान्य नियमों के बारे में जानकारी दी।

प्रधानमंत्री ने बताया कि स्वस्थ रहने के लिए हमेशा कठिन नियमों की जरूरत नहीं होती, बल्कि जीवन में संतुलन, अनुशासन और सही आदतों को अपनाना जरूरी होता है।

खाने-पीने की आदतों पर पीएम मोदी ने साझा किए अनुभव

फिटनेस से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उन्होंने कभी अपनी डाइट को लेकर बहुत सख्त नियम नहीं बनाए। उनका मानना है कि शरीर की जरूरत को समझते हुए संतुलित भोजन करना सबसे महत्वपूर्ण है।

उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान अक्सर जो साधारण और उपलब्ध भोजन होता है, वही ग्रहण करते हैं। पीएम मोदी ने अपने शुरुआती जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि कई बार परिस्थितियों के कारण उन्हें खुद खाना बनाना पड़ा और साधारण भोजन जैसे खिचड़ी से भी जीवन चलाया।

प्रधानमंत्री ने छात्रों को संदेश दिया कि भोजन केवल स्वाद के लिए नहीं बल्कि शरीर की आवश्यकता को ध्यान में रखकर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जरूरत से ज्यादा खाना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है, जबकि सीमित मात्रा में संतुलित आहार शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है।

उन्होंने यह भी कहा कि खाने की आदतों में नियंत्रण रखना जरूरी है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए यह समझना आवश्यक है कि कब, कितना और क्या खाना चाहिए।

स्वास्थ्य के लिए संतुलित जीवनशैली जरूरी

प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के दौरान स्वास्थ्य को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें बताईं। उन्होंने कहा कि शरीर और मन दोनों का स्वस्थ रहना जीवन में सफलता के लिए जरूरी है।

उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि पढ़ाई के दबाव में अपनी सेहत को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई विद्यार्थी परीक्षा की तैयारी के दौरान लगातार पढ़ाई करते रहते हैं और आराम या स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं देते।

पीएम मोदी ने कहा कि यदि शरीर स्वस्थ रहेगा तो दिमाग बेहतर तरीके से काम करेगा और पढ़ाई में भी सकारात्मक परिणाम मिलेंगे।

उन्होंने छात्रों को यह समझने की सलाह दी कि सफलता केवल मेहनत करने से नहीं बल्कि खुद को स्वस्थ और ऊर्जावान बनाए रखने से भी जुड़ी होती है।

अच्छी नींद और सकारात्मक सोच का महत्व

परीक्षा पे चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री ने नींद के महत्व पर भी बात की। उन्होंने कहा कि पर्याप्त नींद लेने से दिमाग को आराम मिलता है और सोचने की क्षमता बेहतर होती है।

पीएम मोदी के अनुसार, अच्छी नींद लेने वाला व्यक्ति अधिक ऊर्जा के साथ अपने काम पर ध्यान केंद्रित कर सकता है। छात्रों के लिए यह और भी जरूरी है क्योंकि लगातार पढ़ाई और तनाव के कारण मानसिक थकान बढ़ सकती है।

उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि देर रात तक जागकर पढ़ाई करने के बजाय एक संतुलित दिनचर्या अपनानी चाहिए।

प्रधानमंत्री ने हंसी और सकारात्मक सोच को भी मानसिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जीवन में छोटी-छोटी खुशियों को महसूस करना चाहिए और तनाव को खुद पर हावी नहीं होने देना चाहिए।

सुबह की आदतों से मिलती है नई ऊर्जा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी दिनचर्या से जुड़ी कुछ आदतों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रकृति के साथ समय बिताना और सुबह की शुरुआत सकारात्मक तरीके से करना मन और शरीर दोनों के लिए लाभदायक होता है।

उन्होंने सूर्योदय देखने जैसी छोटी आदतों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियां व्यक्ति के भीतर नई ऊर्जा और उत्साह पैदा करती हैं।

पीएम मोदी ने छात्रों को सलाह दी कि वे अपनी दिनचर्या में ऐसी आदतें शामिल करें जो उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाएं।

उन्होंने कहा कि जीवन में संतुलन बनाए रखना जरूरी है। पढ़ाई के साथ-साथ आराम, व्यायाम, परिवार और स्वयं के लिए समय निकालना भी आवश्यक है।

शरीर को आखिरी प्राथमिकता न बनाएं

प्रधानमंत्री ने छात्रों को यह भी संदेश दिया कि स्वास्थ्य को जीवन की अंतिम प्राथमिकता नहीं बनाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कई लोग सफलता हासिल करने के लिए अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन लंबे समय में यह नुकसान पहुंचा सकता है।

पीएम मोदी ने कहा कि जब शरीर स्वस्थ होता है तभी मन और मस्तिष्क अपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर सकते हैं। इसलिए विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ अपनी शारीरिक और मानसिक सेहत का भी ध्यान रखना चाहिए।

उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे छोटी-छोटी अच्छी आदतों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। इससे न केवल परीक्षा के समय तनाव कम होगा, बल्कि जीवन में भी सकारात्मक बदलाव आएगा।

सही सांस लेने और मानसिक शांति पर दिया जोर

प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य के लिए सही तरीके से सांस लेने के महत्व का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि शरीर और मन को शांत रखने के लिए सांस लेने की प्रक्रिया पर ध्यान देना उपयोगी हो सकता है।

तनाव के समय व्यक्ति अक्सर परेशान महसूस करता है, ऐसे में शांत रहना और खुद पर नियंत्रण रखना जरूरी होता है।

पीएम मोदी ने छात्रों को संदेश दिया कि परीक्षा को डर की तरह नहीं बल्कि सीखने और अपनी क्षमता दिखाने के अवसर के रूप में देखना चाहिए।

सफलता के लिए अनुशासन और प्रेरणा दोनों जरूरी

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने सफलता के लिए अनुशासन और प्रेरणा के महत्व पर भी चर्चा की।

उन्होंने कहा कि केवल प्रेरणा के सहारे लंबे समय तक सफलता हासिल नहीं की जा सकती। प्रेरणा व्यक्ति को शुरुआत करने की ऊर्जा देती है, लेकिन अनुशासन उसे लगातार आगे बढ़ने में मदद करता है।

प्रधानमंत्री ने उदाहरण देते हुए समझाया कि एक ही काम करने वाले दो लोगों में अंतर उनके अनुशासन से पैदा होता है। जो व्यक्ति नियमितता, मेहनत और जिम्मेदारी के साथ काम करता है, वह आगे बढ़ने की अधिक संभावना रखता है।

उन्होंने कहा कि जब प्रेरणा के साथ अनुशासन जुड़ जाता है तो व्यक्ति अपने लक्ष्य को हासिल करने में अधिक सक्षम हो जाता है।

छात्रों के लिए परीक्षा पे चर्चा का संदेश

‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों को केवल परीक्षा की तैयारी से जुड़े सुझाव नहीं दिए, बल्कि जीवन को बेहतर बनाने वाली आदतों पर भी ध्यान केंद्रित किया।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन, सकारात्मक सोच, अनुशासन और आत्मविश्वास जैसे विषयों पर चर्चा हुई।

प्रधानमंत्री के संदेश का मुख्य उद्देश्य यह रहा कि विद्यार्थी परीक्षा के दबाव को कम करें, अपनी क्षमताओं पर भरोसा रखें और संतुलित जीवनशैली अपनाकर आगे बढ़ें।

छात्रों के लिए पढ़ाई के साथ स्वास्थ्य, आराम और मानसिक शांति का ध्यान रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है, क्योंकि एक स्वस्थ शरीर और शांत मन ही बेहतर प्रदर्शन की नींव तैयार करते हैं।

Source: PTI