प्रेमानंद महाराज के जन्मदिवस पर पहुंचे 2 लाख भक्त:2 किमी के रास्ते को फूलों की रंगोली बनाकर सजाया, जमकर हुई आतिशबाजी

प्रेमानंद महाराज के जन्मदिवस पर पहुंचे 2 लाख भक्त:2 किमी के रास्ते को फूलों की रंगोली बनाकर सजाया, जमकर हुई आतिशबाजी

संत प्रेमानंद महाराज का नव संवत्सर पर जन्म दिवस धूमधाम से मनाया गया। करीब 2 लाख भक्त उनकी पदयात्रा में उमड़े। हर कोई उनके दर्शन कर बधाई देने की चाहत लिए देर शाम से ही पदयात्रा के रास्ते में खड़ा हो गया। पदयात्रा का दो किलोमीटर का रास्ता भक्तों ने फूल से सजा रखा था। जगह-जगह भक्त राधा नाम का कीर्तन करते नजर आए। पदयात्रा के रास्ते को फूल, गुब्बारे और रंगीन लाइट से सजाया
प्रेमानंद महाराज ने वृंदावन की श्री कृष्णम शरणम् सोसाइटी से तड़के करीब 2 बजे पदयात्रा शुरू की। दो किलोमीटर का सफर तय कर रमणरेती स्थित अपने आश्रम केली कुंज पहुंचे। इस दौरान पदयात्रा के पूरे रास्ते में बेहद आकर्षक सजावट की गई। फूलों से रास्ते पटे थे तो जगह-जगह गुब्बारे लगाकर सजावट की गई। कई जगह रंगीन लाइटिंग की गई थी। करीब 10 क्विंटल गेंदा, गुलाब से रंगोली सजाई गई। जगह-जगह जमकर आतिशबाजी भी हुई। जन्म दिवस से जुड़ी 3 तस्वीरें पदयात्रा में ऊंट और घोड़े भी रहे
2 बजे संत प्रेमानंद महाराज पदयात्रा करने निकले तो सबसे आगे घोड़े, उसके पीछे ऊंट चल रहे थे। इसके बाद अलग-अलग राज्यों के वाद्य यंत्र धार्मिक ध्वनि बजाते हुए चल रहे थे। महिलाएं सिर पर कलश लेकर संत प्रेमानंद महाराज के आगे आगे चल रही थीं। जन्म दिवस पर बधाई देने में कोई कोर कसर न रह जाए, इसकी भक्तों ने भरपूर कोशिश की। देर शाम से ही दर्शनों के लिए बैठे भक्त
संत प्रेमानंद महाराज का जन्म दिवस मनाने के लिए कोई जम्मू से आया तो कोई हरियाणा से, कोई राजस्थान से आया तो कोई महाराष्ट्र से। सभी की बस एक ही चाहत कि जन्म दिन पर महाराज की एक झलक मिल जाए। भक्तों ने पदयात्रा के रास्ते में देर शाम से ही डेरा जमा लिया, जिसको जहां जगह मिली वह बैठ गया। क्या बुजुर्ग, क्या बच्चे, क्या महिला और क्या युवा… सभी शाम से ही सड़क किनारे बैठने लग गए। स्थिति यह थी कि नींद आई तो सड़क किनारे जहां बैठे थे, वहीं सो गए। रात बढ़ी तो सर्दी लगने लगी, ऐसे में जो पॉलीथिन बैठने के लिए खरीदी थी, उसी को ओढ़कर भक्त दर्शनों की चाहत में बैठे रहे। प्रेमानंद महाराज ने किया भक्तों का अभिवादन
रोज की तरह संत प्रेमानंद महाराज पदयात्रा करते हुए आगे बढ़ रहे थे। दर्शनों के लिए खड़े भक्तों का प्रेमानंद महाराज ने हाथ उठाकर आशीर्वाद देते हुए अभिवादन किया। इस दौरान भक्त उनको उपहार देने के लिए भी लाए। लेकिन, वह स्वास्थ्य कारणों से उन तक नहीं पहुंच सके। अब 5 और तस्वीरें देखिए- सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
प्रेमानंद महाराज की जन्म दिवस पर निकली पदयात्रा के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। पदयात्रा के दौरान 3 एसपी, 4 सीओ के अलावा थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी सुरक्षा व्यवस्था में लगे थे। ———————–
ये खबर भी पढ़िए- प्रेमानंद महाराज 40 साल से अपने गांव नहीं लौटे:जिस स्कूल में पढ़े, वो जर्जर; दोस्त बोले- संन्यासियों की सेवा के लिए स्कूल छोड़ देते थे गांव के बीच में शिव मंदिर, वहां पूजा करती महिलाएं। खेतों में गेहूं की कटाई चल रही है। लोग चबूतरे पर बैठे देश-दुनिया की बात कर रहे हैं। यह सीन है कानपुर के अखरी गांव का। यहां प्रेमानंद का जिक्र होते ही लोग तपाक से कहते हैं- कौन अनिरुद्ध पांडेय? वो तो यही के रहने वाले हैं। यहीं पास में उनका घर है। ये सामने के शिव मंदिर में ही तो पूजा किया करते थे। पढ़िए पूरी खबर… संत प्रेमानंद महाराज का नव संवत्सर पर जन्म दिवस धूमधाम से मनाया गया। करीब 2 लाख भक्त उनकी पदयात्रा में उमड़े। हर कोई उनके दर्शन कर बधाई देने की चाहत लिए देर शाम से ही पदयात्रा के रास्ते में खड़ा हो गया। पदयात्रा का दो किलोमीटर का रास्ता भक्तों ने फूल से सजा रखा था। जगह-जगह भक्त राधा नाम का कीर्तन करते नजर आए। पदयात्रा के रास्ते को फूल, गुब्बारे और रंगीन लाइट से सजाया
प्रेमानंद महाराज ने वृंदावन की श्री कृष्णम शरणम् सोसाइटी से तड़के करीब 2 बजे पदयात्रा शुरू की। दो किलोमीटर का सफर तय कर रमणरेती स्थित अपने आश्रम केली कुंज पहुंचे। इस दौरान पदयात्रा के पूरे रास्ते में बेहद आकर्षक सजावट की गई। फूलों से रास्ते पटे थे तो जगह-जगह गुब्बारे लगाकर सजावट की गई। कई जगह रंगीन लाइटिंग की गई थी। करीब 10 क्विंटल गेंदा, गुलाब से रंगोली सजाई गई। जगह-जगह जमकर आतिशबाजी भी हुई। जन्म दिवस से जुड़ी 3 तस्वीरें पदयात्रा में ऊंट और घोड़े भी रहे
2 बजे संत प्रेमानंद महाराज पदयात्रा करने निकले तो सबसे आगे घोड़े, उसके पीछे ऊंट चल रहे थे। इसके बाद अलग-अलग राज्यों के वाद्य यंत्र धार्मिक ध्वनि बजाते हुए चल रहे थे। महिलाएं सिर पर कलश लेकर संत प्रेमानंद महाराज के आगे आगे चल रही थीं। जन्म दिवस पर बधाई देने में कोई कोर कसर न रह जाए, इसकी भक्तों ने भरपूर कोशिश की। देर शाम से ही दर्शनों के लिए बैठे भक्त
संत प्रेमानंद महाराज का जन्म दिवस मनाने के लिए कोई जम्मू से आया तो कोई हरियाणा से, कोई राजस्थान से आया तो कोई महाराष्ट्र से। सभी की बस एक ही चाहत कि जन्म दिन पर महाराज की एक झलक मिल जाए। भक्तों ने पदयात्रा के रास्ते में देर शाम से ही डेरा जमा लिया, जिसको जहां जगह मिली वह बैठ गया। क्या बुजुर्ग, क्या बच्चे, क्या महिला और क्या युवा… सभी शाम से ही सड़क किनारे बैठने लग गए। स्थिति यह थी कि नींद आई तो सड़क किनारे जहां बैठे थे, वहीं सो गए। रात बढ़ी तो सर्दी लगने लगी, ऐसे में जो पॉलीथिन बैठने के लिए खरीदी थी, उसी को ओढ़कर भक्त दर्शनों की चाहत में बैठे रहे। प्रेमानंद महाराज ने किया भक्तों का अभिवादन
रोज की तरह संत प्रेमानंद महाराज पदयात्रा करते हुए आगे बढ़ रहे थे। दर्शनों के लिए खड़े भक्तों का प्रेमानंद महाराज ने हाथ उठाकर आशीर्वाद देते हुए अभिवादन किया। इस दौरान भक्त उनको उपहार देने के लिए भी लाए। लेकिन, वह स्वास्थ्य कारणों से उन तक नहीं पहुंच सके। अब 5 और तस्वीरें देखिए- सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
प्रेमानंद महाराज की जन्म दिवस पर निकली पदयात्रा के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। पदयात्रा के दौरान 3 एसपी, 4 सीओ के अलावा थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी सुरक्षा व्यवस्था में लगे थे। ———————–
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