अगर आप आने वाले दिनों में हवाई यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो अब टिकट बुक करने से पहले अपने बजट को थोड़ा बढ़ाकर चलना पड़ सकता है। देश की प्रमुख एयरलाइन IndiGo ने हवाई किराए में बढ़ोतरी कर दी है। यह बदलाव 2 अप्रैल 2026 की रात 12:01 बजे से लागू हो गया है। इसका मतलब है कि अब नई टिकट बुकिंग कराने वाले यात्रियों को पहले की तुलना में अधिक भुगतान करना होगा।
एयरलाइन की ओर से यह बदलाव बढ़ते ऑपरेशन खर्च और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को देखते हुए किया गया है। हवाई यात्रा में ईंधन की लागत सबसे बड़े खर्चों में से एक होती है। जब ATF की कीमतों में बढ़ोतरी होती है, तो इसका सीधा असर एयरलाइंस के संचालन खर्च पर पड़ता है और कंपनियां इसका कुछ हिस्सा यात्रियों से वसूल करती हैं।
ATF की कीमतों में बढ़ोतरी बनी किराया बढ़ाने की वजह
हवाई जहाजों के संचालन के लिए इस्तेमाल होने वाले एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF की कीमतों में हाल के समय में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। रिपोर्ट्स के अनुसार, वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतों में महीने-दर-महीने 130 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।
ईंधन की कीमत बढ़ने से एयरलाइंस के लिए विमान संचालन, रखरखाव और अन्य सेवाओं की लागत बढ़ जाती है। इसी वजह से IndiGo ने टिकट किराए में अतिरिक्त फ्यूल चार्ज लागू करने का फैसला लिया है।
हालांकि, यात्रियों पर बढ़ते खर्च का प्रभाव कम रखने के लिए फिलहाल शुल्क में सीमित बढ़ोतरी की गई है। सरकार और संबंधित विभागों के हस्तक्षेप के बाद एयरलाइन ने करीब 25 प्रतिशत तक ही अतिरिक्त शुल्क बढ़ाया है।
घरेलू उड़ानों पर लगेगा दूरी के अनुसार अतिरिक्त फ्यूल चार्ज
नई व्यवस्था के तहत घरेलू उड़ानों में यात्रियों को यात्रा की दूरी के हिसाब से अतिरिक्त फ्यूल चार्ज देना होगा। लंबी दूरी की उड़ानों में अतिरिक्त शुल्क अधिक होगा, जबकि कम दूरी की उड़ानों में यात्रियों को अपेक्षाकृत कम अतिरिक्त भुगतान करना पड़ेगा।
नई अतिरिक्त फीस इस प्रकार निर्धारित की गई है:
0 से 500 किलोमीटर की उड़ान पर ₹275 अतिरिक्त शुल्क
500 किलोमीटर तक की घरेलू उड़ानों के लिए यात्रियों को टिकट किराए के अलावा 275 रुपये अतिरिक्त फ्यूल चार्ज देना होगा। यह शुल्क छोटी दूरी की उड़ानों पर लागू होगा।
इस श्रेणी में दिल्ली से लखनऊ जैसे कई छोटे घरेलू रूट शामिल हो सकते हैं, जहां यात्रा की दूरी अपेक्षाकृत कम होती है।
501 से 1000 किलोमीटर की उड़ान पर ₹400 अतिरिक्त शुल्क
501 से 1000 किलोमीटर तक की दूरी तय करने वाली उड़ानों के लिए अतिरिक्त चार्ज 400 रुपये रखा गया है।
इस श्रेणी में कई प्रमुख शहरों के बीच होने वाली उड़ानें शामिल होती हैं। यात्रियों को अब टिकट बुक करते समय इस अतिरिक्त राशि को ध्यान में रखना होगा।
1001 से 1500 किलोमीटर की उड़ान पर ₹600 अतिरिक्त शुल्क
मध्यम दूरी की उड़ानों के लिए यात्रियों को 600 रुपये अतिरिक्त भुगतान करना होगा। यह चार्ज उन घरेलू मार्गों पर लागू होगा जहां उड़ान की दूरी 1001 से 1500 किलोमीटर के बीच होगी।
1501 से 2000 किलोमीटर की उड़ान पर ₹800 अतिरिक्त शुल्क
लंबी दूरी की घरेलू उड़ानों के लिए अतिरिक्त फ्यूल चार्ज 800 रुपये निर्धारित किया गया है। ऐसे यात्रियों को अब पहले की तुलना में अधिक टिकट कीमत चुकानी होगी।
2000 किलोमीटर से ज्यादा दूरी पर ₹950 अतिरिक्त शुल्क
देश के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों पर सबसे ज्यादा घरेलू फ्यूल चार्ज लागू होगा। 2000 किलोमीटर से अधिक दूरी वाली उड़ानों के लिए 950 रुपये अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
दिल्ली से उड़ान भरने वाले यात्रियों पर पड़ेगा असर
दिल्ली से देश के अलग-अलग शहरों के लिए यात्रा करने वाले यात्रियों को भी नई दरों के अनुसार अतिरिक्त भुगतान करना होगा। राजधानी से कई प्रमुख शहरों के लिए उड़ानों पर दूरी के हिसाब से अलग-अलग चार्ज लागू होगा।
दिल्ली से विभिन्न शहरों के लिए अतिरिक्त शुल्क इस प्रकार रहेगा:
दिल्ली से लखनऊ यात्रा पर ₹275 ज्यादा खर्च
दिल्ली से लखनऊ जाने वाले यात्रियों को अब टिकट किराए के अलावा 275 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। यह छोटी दूरी की घरेलू उड़ान श्रेणी में आता है।
दिल्ली से भोपाल, इंदौर और अहमदाबाद के लिए ₹400 अतिरिक्त
भोपाल, इंदौर और अहमदाबाद जैसे शहरों के लिए उड़ान भरने वाले यात्रियों को 400 रुपये अतिरिक्त फ्यूल चार्ज देना होगा।
दिल्ली से मुंबई और कोलकाता के लिए ₹600 अतिरिक्त
मुंबई और कोलकाता जैसे प्रमुख महानगरों की यात्रा अब 600 रुपये अतिरिक्त शुल्क के साथ महंगी हो जाएगी। इन शहरों के लिए बड़ी संख्या में यात्री हवाई यात्रा करते हैं।
दिल्ली से बेंगलुरु और हैदराबाद के लिए ₹800 अतिरिक्त
आईटी और बिजनेस हब माने जाने वाले बेंगलुरु और हैदराबाद के लिए उड़ान भरने वाले यात्रियों को अब 800 रुपये अतिरिक्त भुगतान करना होगा।
दिल्ली से चेन्नई के लिए ₹950 अतिरिक्त शुल्क
दिल्ली से चेन्नई जाने वाली लंबी दूरी की उड़ानों पर यात्रियों को सबसे अधिक घरेलू फ्यूल चार्ज देना होगा। इस रूट पर अतिरिक्त शुल्क 950 रुपये रखा गया है।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी बढ़ेगा खर्च
केवल घरेलू उड़ानें ही नहीं, बल्कि विदेश यात्रा करने वाले यात्रियों पर भी इस बदलाव का असर पड़ेगा। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए अतिरिक्त शुल्क घरेलू उड़ानों की तुलना में काफी अधिक निर्धारित किया गया है।
विदेश जाने वाले यात्रियों को अब रूट के अनुसार अतिरिक्त भुगतान करना होगा।
भारतीय उपमहाद्वीप के लिए ₹900 से ₹2500 तक अतिरिक्त शुल्क
भारत के आसपास के देशों की यात्रा करने वाले यात्रियों को दूरी और रूट के आधार पर 900 रुपये से लेकर 2500 रुपये तक अतिरिक्त फ्यूल चार्ज देना पड़ सकता है।
दक्षिण-पूर्व एशिया और चीन के लिए ₹2500 अतिरिक्त
दक्षिण-पूर्व एशिया और चीन जाने वाले यात्रियों के लिए अतिरिक्त शुल्क 2500 रुपये रखा गया है। इन क्षेत्रों के लिए भारत से बड़ी संख्या में लोग व्यापार, शिक्षा और पर्यटन के उद्देश्य से यात्रा करते हैं।
खाड़ी देशों और मध्य पूर्व के लिए ₹3000 से ₹5000 तक शुल्क
मध्य पूर्व और खाड़ी देशों की यात्रा करने वाले यात्रियों को 3000 रुपये से 5000 रुपये तक अतिरिक्त भुगतान करना होगा। इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में भारतीय कामगार और कारोबारी यात्रा करते हैं।
अफ्रीका यात्रा पर ₹5000 अतिरिक्त शुल्क
अफ्रीकी देशों के लिए उड़ानों पर अतिरिक्त फ्यूल चार्ज 5000 रुपये रखा गया है। लंबी दूरी और अधिक ईंधन खपत के कारण इन रूट्स पर खर्च ज्यादा होता है।
यूरोप और UK जाने वालों को ₹10000 तक अतिरिक्त भुगतान
यूरोप और यूनाइटेड किंगडम जाने वाले यात्रियों पर सबसे अधिक असर देखने को मिल सकता है। इन अंतरराष्ट्रीय रूट्स के लिए अतिरिक्त शुल्क 10,000 रुपये तक पहुंच सकता है।
ग्रीस और तुर्की के लिए ₹7500 अतिरिक्त शुल्क
ग्रीस और तुर्की जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों की यात्रा करने वाले यात्रियों को भी अतिरिक्त भुगतान करना होगा। इन रूट्स पर फ्यूल चार्ज 7500 रुपये निर्धारित किया गया है।
एयरलाइन ने बढ़ते खर्च को बताया कारण
IndiGo ने किराए में बढ़ोतरी के पीछे बढ़ते ऑपरेशन खर्च को मुख्य कारण बताया है। एयरलाइन के अनुसार, ईंधन की कीमतों में वृद्धि का असर विमान संचालन की लागत पर पड़ता है।
हालांकि, कंपनी ने यह भी संकेत दिया है कि अगर आने वाले समय में ईंधन की कीमतों में कमी आती है और संचालन खर्च घटता है, तो यात्रियों को किराए में राहत मिल सकती है।
यात्रियों को टिकट बुक करते समय रखना होगा अतिरिक्त बजट
नई फ्यूल चार्ज व्यवस्था के बाद यात्रियों को फ्लाइट टिकट बुक करते समय केवल बेस किराए को नहीं, बल्कि अतिरिक्त शुल्क को भी ध्यान में रखना होगा।
छुट्टियों की यात्रा, पारिवारिक कार्यक्रम, बिजनेस मीटिंग या अन्य जरूरी कामों के लिए हवाई यात्रा करने वाले लोगों को अब पहले से अधिक बजट तैयार रखना होगा। खासतौर पर लंबी दूरी और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में अतिरिक्त खर्च का असर अधिक दिखाई देगा।




