भगत सिंह के जन्मदिवस पर लुधियाना में इंकलाब का रंग, पीली पगड़ियों में उमड़ा पंजाब; घंटों जाम में फंसे लोग

भगत सिंह के जन्मदिवस पर लुधियाना में इंकलाब का रंग, पीली पगड़ियों में उमड़ा पंजाब; घंटों जाम में फंसे लोग

पीएयू में ‘जश्न-ए-इंकलाब’ में हजारों युवाओं ने लिया हिस्सा, कुलविंदर बिल्ला और रणजीत बावा की प्रस्तुतियों पर देर रात तक झूमता रहा परिसर

लुधियाना। शहीद-ए-आजम भगत सिंह के जन्मदिवस पर सोमवार को पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (पीएयू) में आयोजित ‘जश्न-ए-इंकलाब’ कार्यक्रम में पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से युवाओं का हुजूम उमड़ पड़ा। दोपहर बाद से ही पीएयू की ओर जाने वाली सड़कों पर वाहनों की संख्या लगातार बढ़ती गई। शाम होते-होते हालात ऐसे हो गए कि बद्दोवाल से लेकर भारत नगर चौक तक यातायात की रफ्तार थम गई। पीएयू के आसपास की सड़कों पर भी वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोग निजी वाहनों से पहुंचे। कई लोग परिवार के साथ आए तो बड़ी संख्या में युवा अपने दोस्तों के साथ समारोह स्थल तक पहुंचे। कार्यक्रम में शामिल होने वाले कई लोगों ने भगत सिंह की पहचान और विचारधारा से जुड़े पीले रंग की पगड़ियां पहनी हुई थीं। शहर के विभिन्न हिस्सों से आए युवाओं के साथ कई जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग भी इसी रंग में नजर आए।

पीएयू में प्रवेश करने से पहले ही लोगों को यातायात की चुनौती का सामना करना पड़ा। कई वाहन चालक लंबे समय तक जाम में फंसे रहे। लोगों का कहना था कि आयोजन स्थल के आसपास पहुंचने में ही काफी समय लग गया। इसके बावजूद समारोह में पहुंचने के बाद युवाओं का उत्साह कम नहीं हुआ।

दोपहर बाद बढ़ने लगी वाहनों की भीड़

जश्न-ए-इंकलाब कार्यक्रम को लेकर दोपहर करीब तीन बजे से ही पीएयू की तरफ वाहनों का पहुंचना शुरू हो गया था। पंजाब के विभिन्न जिलों से लोग लुधियाना पहुंचे थे। जैसे-जैसे शाम आगे बढ़ी, पीएयू के आसपास सड़कों पर वाहनों की संख्या बढ़ती चली गई।

बद्दोवाल की ओर से आने वाले मार्ग पर भी यातायात का दबाव बढ़ गया। दूसरी तरफ शहर के अंदर से पीएयू की ओर जाने वाले रास्तों पर भी वाहनों की कतारें लग गईं। शाम के बाद पीएयू के आसपास के क्षेत्र में कई जगह ऐसी स्थिति बन गई कि वाहनों को निकलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल रही थी।

जाम में फंसे लोगों को कई स्थानों पर काफी देर तक अपने वाहनों में ही इंतजार करना पड़ा। कुछ लोगों ने वाहनों को दूर खड़ा कर पैदल ही आयोजन स्थल की ओर जाने का रास्ता चुना। कार्यक्रम में पहुंचने की उत्सुकता के चलते लोग तमाम परेशानियों के बावजूद पीएयू की ओर बढ़ते रहे।

भीड़ के आगे व्यवस्था पर बढ़ा दबाव

कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद भी भीड़ का दबाव लगातार बढ़ता रहा। पीएयू के अंदर बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के कारण आयोजन स्थल के विभिन्न हिस्सों में लोगों की आवाजाही बढ़ गई। जिला प्रशासन और आयोजन से जुड़े लोगों के लिए इतनी बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों की व्यवस्था करना चुनौतीपूर्ण रहा।

इसके बावजूद कार्यक्रम में शामिल लोगों के बीच उत्साह बना रहा। भगत सिंह के जन्मदिवस को लेकर युवाओं में खास जोश देखने को मिला। पीली पगड़ी पहने युवाओं के समूह कार्यक्रम स्थल पर आकर्षण का केंद्र रहे। कई लोग भगत सिंह के विचारों और उनके बलिदान से जुड़े संदेश लिखी पगड़ियां और अन्य सामग्री के साथ पहुंचे।

कार्यक्रम में पहुंचे लोगों का कहना था कि वे केवल मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि भगत सिंह की विरासत को याद करने और नई पीढ़ी के बीच उनके विचारों को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से भी कार्यक्रम का हिस्सा बने हैं।

कुलविंदर बिल्ला ने बांधा समां

कार्यक्रम में पंजाबी गायक कुलविंदर बिल्ला की प्रस्तुति शुरू होते ही माहौल पूरी तरह बदल गया। लंबे समय से जाम और भीड़ की परेशानी झेलकर पहुंचे लोगों के चेहरों पर कलाकार की प्रस्तुति के साथ उत्साह लौट आया।

बिल्ला ने अपनी प्रस्तुति की शुरुआत भगत सिंह को समर्पित गीत से की। इसके बाद उन्होंने पंजाबी संस्कृति और युवाओं की पसंद से जुड़े कई गीत पेश किए। उनकी प्रस्तुति के दौरान दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं और बड़ी संख्या में युवा संगीत की धुनों पर झूमते नजर आए।

भगत सिंह को समर्पित प्रस्तुति के बाद उन्होंने ऐसे गीत पेश किए, जिन्हें दर्शकों ने खूब पसंद किया। करीब एक घंटे तक चली प्रस्तुति में अलग-अलग रंग देखने को मिले। पारंपरिक पंजाबी धुनों से लेकर जोशीले गीतों तक बिल्ला ने लगातार दर्शकों को जोड़े रखा।

जाम और भीड़ के कारण घंटों परेशान होकर कार्यक्रम में पहुंचे कई लोगों के लिए यह प्रस्तुति राहत और मनोरंजन का माध्यम बनी। जैसे-जैसे संगीत तेज होता गया, दर्शकों की भीड़ भी उत्साह के साथ प्रतिक्रिया देती रही।

रणजीत बावा के गीतों पर सबसे ज्यादा जोश

कुलविंदर बिल्ला के बाद पंजाबी गायक रणजीत बावा की प्रस्तुति का युवाओं को बेसब्री से इंतजार था। मंच पर पहुंचते ही बावा ने अपने लोकप्रिय गीतों के साथ कार्यक्रम की ऊर्जा को और बढ़ा दिया।

उनकी प्रस्तुति शुरू होते ही युवा दर्शकों का उत्साह देखते ही बनता था। बड़ी संख्या में लोग अपने स्थान पर खड़े होकर गीतों पर झूमने लगे। बावा ने पंजाबी मिट्टी, ग्रामीण जीवन और युवाओं की पसंद से जुड़े गीतों के साथ माहौल को पूरी तरह रंगीन बना दिया।

उनके लोकप्रिय गीतों पर युवाओं के साथ बुजुर्ग भी झूमते नज़र आए। खास तौर पर ‘मेरा बापू’ सहित कई लोकप्रिय गीतों पर दर्शकों ने जोरदार प्रतिक्रिया दी। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों ने मोबाइल फोन की रोशनी और कैमरों के जरिए इन पलों को रिकॉर्ड किया।

बावा की प्रस्तुति के दौरान युवाओं का उत्साह कई बार इतना बढ़ गया कि कार्यक्रम को कुछ समय के लिए रोककर व्यवस्था संभालनी पड़ी। इसके बाद प्रस्तुति दोबारा शुरू की गई।

पीली पगड़ियों में नजर आए युवा

भगत सिंह के जन्मदिवस पर आयोजित कार्यक्रम की सबसे खास तस्वीरों में युवाओं का पीली पगड़ी पहनकर पहुंचना भी रहा। पीएयू परिसर में बड़ी संख्या में युवा पीली पगड़ी में दिखाई दिए। कई समूहों ने एक साथ पहुंचकर कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

पीली पगड़ी भगत सिंह की सार्वजनिक स्मृति से जुड़ी पहचान का एक प्रमुख प्रतीक बन चुकी है। इसी वजह से कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं ने इसे पहनकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कई लोगों ने भगत सिंह के चित्र और उनके नाम से जुड़े संदेशों वाले पोस्टर भी हाथों में लिए हुए थे।

जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों में भी इस आयोजन को लेकर उत्साह नजर आया। युवाओं की बड़ी भागीदारी ने कार्यक्रम को एक व्यापक सार्वजनिक आयोजन का रूप दे दिया।

रात करीब दस बजे तक बना रहा माहौल

रणजीत बावा ने देर शाम तक अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को जोड़े रखा। रात करीब दस बजे तक पीएयू परिसर में संगीत और युवाओं के उत्साह का माहौल बना रहा था। अलग-अलग गीतों पर दर्शकों की प्रतिक्रिया लगातार जारी रही।

कार्यक्रम में पहुंचे लोगों के लिए दिन की शुरुआत भले ही जाम और अव्यवस्थाओं से हुई हो, लेकिन मंच पर कलाकारों की प्रस्तुतियों ने शाम को पूरी तरह उत्सव में बदल दिया। परिवारों के साथ पहुंचे लोग भी कार्यक्रम का आनंद लेते नजर आए।

आयोजन स्थल पर युवाओं की संख्या सबसे ज्यादा रही। कई युवा देर शाम तक अपने स्थान पर डटे रहे और कलाकारों की प्रस्तुतियों के साथ झूमते रहे।

जाम ने प्रशासन के इंतजामों की परीक्षा ली

कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ का असर शहर के यातायात पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। पीएयू की तरफ जाने वाले कई प्रमुख रास्तों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। बद्दोवाल से भारत नगर की ओर आने-जाने वाले लोगों को भी यातायात दबाव का सामना करना पड़ा।

कई लोगों को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने में करीब दो घंटे लग गए। शाम के समय पीएयू के आसपास वाहनों की संख्या इतनी बढ़ गई कि कई जगह यातायात को आगे बढ़ाना मुश्किल हो गया।

हालांकि, कार्यक्रम में पहुंचने वाले लोगों की संख्या ने यह भी दिखाया कि भगत सिंह के जन्मदिवस को लेकर पंजाब के युवाओं में अभी भी गहरा उत्साह है। अलग-अलग जिलों से लोगों का लुधियाना पहुंचना और घंटों जाम में फंसने के बावजूद कार्यक्रम में शामिल होना इसकी बड़ी तस्वीर पेश करता है।

युवाओं के बीच दिखा भगत सिंह को याद करने का अलग अंदाज

‘जश्न-ए-इंकलाब’ में भगत सिंह को श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए युवाओं को कार्यक्रम से जोड़ा गया। यही वजह रही कि आयोजन में युवाओं की भागीदारी सबसे ज्यादा दिखाई दी।

मंच से भगत सिंह से जुड़े गीतों और संदेशों के बाद पंजाबी गायकों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को मनोरंजन और उत्सव का रंग दिया। एक तरफ जहां भगत सिंह की स्मृति को केंद्र में रखा गया, वहीं दूसरी तरफ पंजाबी संगीत ने युवाओं को लंबे समय तक कार्यक्रम स्थल से जोड़े रखा।

देर रात तक चले कार्यक्रम में कुलविंदर बिल्ला और रणजीत बावा की प्रस्तुतियां प्रमुख आकर्षण रहीं। कार्यक्रम समाप्त होने तक पीएयू परिसर और आसपास के क्षेत्र में लोगों की आवाजाही बनी रही। भगत सिंह के जन्मदिवस पर आयोजित यह समारोह लुधियाना में युवाओं की बड़ी भागीदारी और सांस्कृतिक उत्साह के कारण चर्चा में रहा।