महिला हॉकी वर्ल्ड कप के अपने शुरुआती मुकाबले में भारतीय टीम ने शानदार जुझारूपन दिखाते हुए मजबूत चीन को 2-2 की बराबरी पर रोक दिया। FIH रैंकिंग में भारत 9वें स्थान पर है, जबकि चीन चौथे नंबर की टीम है। ऐसे में भारतीय टीम के लिए यह ड्रॉ आत्मविश्वास बढ़ाने वाला परिणाम माना जा सकता है। भारत ने मुकाबले में दो बार बढ़त बनाई, लेकिन चीन ने हर बार वापसी करते हुए स्कोर बराबर कर दिया।
वैगनर स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में भारत की ओर से नवनीत कौर और दीपिका ने गोल किए। चीन के लिए झांग यिंग और मा निंग ने स्कोर किया। मैच के दौरान दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। भारत ने शुरुआती दो क्वार्टर में आक्रामक खेल दिखाया, जबकि दूसरे हाफ में चीन ने दबाव बढ़ाकर मुकाबले को बराबरी तक पहुंचाया। अंतिम क्वार्टर में चीन ने जीत के लिए काफी प्रयास किए, लेकिन भारतीय डिफेंस ने संयम नहीं खोया और मैच को ड्रॉ कराने में सफल रहा।
भारत ने शुरुआत से ही बनाया दबाव
मैच के शुरुआती मिनटों में भारतीय खिलाड़ियों ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश की। टीम ने चीन के डिफेंस पर लगातार दबाव बनाया और सर्कल के भीतर पहुंचने के मौके तलाशे। भारत को शुरुआती दौर में ही पेनल्टी कॉर्नर हासिल हुआ, जिससे टीम के पास बढ़त लेने का अच्छा अवसर था। नवनीत कौर ने इस मौके पर शॉट लिया, लेकिन चीन की डिफेंस लाइन ने गेंद को गोल में जाने से रोक दिया।
भारत ने हालांकि अपनी कोशिशें जारी रखीं और ज्यादा देर तक चीन को अपने सर्कल से दूर नहीं रख पाया। 8वें मिनट में भारत को उस आक्रामक खेल का फायदा मिला, जिसका टीम शुरुआत से प्रयास कर रही थी। नेहा ने गेंद को सर्कल की ओर पहुंचाया और नवनीत कौर ने मौके का फायदा उठाते हुए उसे गोल में बदल दिया। इस फील्ड गोल के साथ भारत ने मुकाबले में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली।
बढ़त मिलने के बाद भारतीय टीम का आत्मविश्वास और बढ़ा। चीन ने भी तुरंत अपने खेल की गति बढ़ाई और भारतीय डिफेंस पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे चीन की खिलाड़ी भारतीय सर्कल के आसपास पहुंचने लगीं और गोल की तलाश में हमले तेज कर दिए।
पेनल्टी स्ट्रोक से चीन ने बराबरी की
पहले क्वार्टर के अंतिम हिस्से में चीन को भारतीय सर्कल में फाउल के कारण पेनल्टी स्ट्रोक मिल गया। भारतीय टीम ने इस फैसले को चुनौती देने के लिए रेफरल लिया, लेकिन फैसला भारत के पक्ष में नहीं आया। इसके बाद चीन को गोल करने का सीधा अवसर मिल गया।
झांग यिंग ने पेनल्टी स्ट्रोक की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने भारतीय गोलकीपर साविता को गलत दिशा में भेजते हुए गेंद को नेट में पहुंचा दिया। इस गोल के साथ चीन ने भारत की बढ़त समाप्त कर दी और स्कोर 1-1 हो गया।
बराबरी के बाद मुकाबला और ज्यादा प्रतिस्पर्धी हो गया। दोनों टीमों ने एक-दूसरे के डिफेंस को परखना शुरू किया। भारत ने चीन के दबाव में आने के बजाय अपना आक्रामक रवैया बनाए रखा और दूसरे क्वार्टर में फिर से बढ़त हासिल करने के मौके बनाए।
दीपिका की ड्रैग-फ्लिक ने भारत को फिर आगे किया
दूसरे क्वार्टर में भारतीय खिलाड़ियों ने गेंद को तेजी से आगे बढ़ाया। भारत की कोशिश चीन के डिफेंस में जगह बनाने की थी और इस दौरान टीम को कई महत्वपूर्ण मौके भी मिले। भारतीय डिफेंस ने भी चीन के हमलों को रोकने में अच्छी भूमिका निभाई। शिल्पी ने सर्कल के अंदर चीन के एक खतरनाक प्रयास को रोककर टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला।
इसके बाद नवनीत कौर ने चीन की पहली डिफेंस लाइन के पीछे पहुंचकर भारतीय टीम के लिए पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया। भारत ने इस मौके को भुनाने की कोशिश की। 24वें मिनट में दीपिका गेंद को ड्रिबल करते हुए बेसलाइन की ओर ले गईं। चीन की डिफेंस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन फाउल के कारण भारत को फिर पेनल्टी कॉर्नर मिल गया।
25वें मिनट में भारत के पास बढ़त वापस लेने का सुनहरा मौका आया। दीपिका ने पेनल्टी कॉर्नर पर शानदार ड्रैग-फ्लिक लगाई और गेंद को सीधे गोल में पहुंचा दिया। चीन की गोलकीपर और डिफेंस इस प्रयास को रोक नहीं सकी। दीपिका के गोल से भारत 2-1 से आगे हो गया।
हाफ टाइम तक भारतीय टीम ने यह बढ़त बनाए रखी। पहले दो क्वार्टर में भारत ने न सिर्फ गोल करने में सफलता हासिल की, बल्कि चीन जैसी मजबूत टीम के खिलाफ आक्रामक हॉकी भी खेली।
तीसरे क्वार्टर में चीन ने बढ़ाया दबाव
दूसरे हाफ की शुरुआत चीन ने पूरी तरह बदले हुए अंदाज में की। चीन ने भारतीय खिलाड़ियों पर ऊपर से प्रेसिंग शुरू कर दी और लगातार भारतीय सर्कल में प्रवेश करने की कोशिश की। भारत के लिए इस दौरान सबसे बड़ी चुनौती अपनी 2-1 की बढ़त को बनाए रखना था।
तीसरे क्वार्टर की शुरुआत में चीन ने गोल के सामने एक खतरनाक स्थिति बनाई। डिफ्लेक्शन के बाद गेंद गोल के करीब पहुंच गई थी, लेकिन भारतीय कप्तान और गोलकीपर साविता ने शानदार प्रतिक्रिया देते हुए खतरे को टाल दिया। भारत की डिफेंस लाइन को इस पूरे दौर में लगातार सतर्क रहना पड़ा।
चीन का दबाव धीरे-धीरे बढ़ता गया और भारतीय टीम को कई बार अपने सर्कल के अंदर बचाव करना पड़ा। चीन लगातार पेनल्टी कॉर्नर हासिल करने की कोशिश में था। आखिरकार 39वें मिनट में उसे पेनल्टी कॉर्नर मिल गया।
मा निंग ने इस मौके को बेहतरीन तरीके से इस्तेमाल किया। उन्होंने तेज ड्रैग-फ्लिक के जरिए गेंद को भारतीय गोल में पहुंचा दिया। साविता और भारतीय डिफेंस के प्रयास के बावजूद चीन बराबरी करने में कामयाब रहा। मा निंग के गोल के बाद स्कोर 2-2 हो गया और मैच एक बार फिर बराबरी पर पहुंच गया।
आखिरी 15 मिनट में जीत के लिए दोनों टीमों की कोशिश
चौथे क्वार्टर में दोनों टीमों के सामने एक ही लक्ष्य था—निर्णायक गोल करके मुकाबला अपने नाम करना। चीन ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और भारतीय सर्कल में ज्यादा समय बिताने लगा। भारतीय टीम ने भी जवाबी हमलों के जरिए चीन की डिफेंस को चुनौती दी।
भारत को 52वें मिनट के आसपास एक अच्छा अवसर मिला। नवनीत कौर ने शानदार तरीके से गेंद को आगे बढ़ाते हुए कटबैक दिया। लालरेमसियामी को सर्कल के अंदर गेंद मिली और भारत के पास फिर से बढ़त लेने का मौका था। हालांकि चीन की डिफेंस ने समय रहते हस्तक्षेप करते हुए भारतीय प्रयास को रोक दिया।
मैच समाप्त होने से कुछ मिनट पहले चीन को पेनल्टी कॉर्नर के जरिए फिर गोल करने का अवसर मिला। ड्रैग-फ्लिक के बाद गेंद डिफ्लेक्ट होकर सर्कल के अंदर उछलती रही और चीन के हमले से भारत पर दबाव बढ़ गया। इसके बाद भी भारतीय खिलाड़ियों ने डिफेंस में एकाग्रता बनाए रखी और गेंद को गोल तक पहुंचने नहीं दिया।
आखिरी मिनटों में चीन ने विजयी गोल के लिए कई प्रयास किए, लेकिन भारत ने अपनी रक्षापंक्ति को मजबूत बनाए रखा। भारतीय खिलाड़ियों ने गेंद को सुरक्षित क्षेत्रों में ले जाकर चीन के लगातार हमलों का सामना किया। अंततः निर्धारित समय समाप्त होने पर स्कोर 2-2 रहा।
भारत के लिए सकारात्मक शुरुआत
विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में भारत ने दुनिया की चौथे नंबर की टीम के खिलाफ जिस तरह प्रदर्शन किया, वह टीम के लिए सकारात्मक संकेत है। भारत ने मैच में दो बार बढ़त बनाई और चीन के बराबर दबाव का सामना किया। खास बात यह रही कि चीन के लगातार हमलों के बावजूद भारतीय टीम ने आखिरी क्वार्टर में गोल नहीं खाने दिया।
नवनीत कौर ने शुरुआती बढ़त दिलाकर भारत को मजबूत शुरुआत दी, जबकि दीपिका ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर टीम को दोबारा बढ़त दिलाई। दूसरी ओर साविता और भारतीय डिफेंस ने निर्णायक क्षणों में कई महत्वपूर्ण बचाव किए।
इस ड्रॉ के बाद भारतीय टीम की नजरें अब अपने अगले मुकाबले पर होंगी। टीम का अगला मैच दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ है। चीन जैसी मजबूत टीम के खिलाफ अंक हासिल करने के बाद भारत के हौसले बढ़े होंगे और टीम अगले मुकाबले में जीत दर्ज करके टूर्नामेंट में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश करेगी।
कुल मिलाकर भारत और चीन के बीच मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। दोनों टीमों ने एक-दूसरे को कड़ी चुनौती दी और दो-दो गोल किए। भारत ने शुरुआत में आक्रामक हॉकी से बढ़त बनाई, चीन ने वापसी की, भारत ने फिर बढ़त हासिल की और अंत में चीन ने बराबरी कर ली। आखिरी मिनटों में भारतीय डिफेंस ने जिस धैर्य के साथ चीन के हमलों को रोका, उसी की बदौलत टीम को विश्व कप के पहले मैच से महत्वपूर्ण ड्रॉ हासिल हुआ।




