मोदी के न्यूजीलैंड दौरे से FTA को मिलेगी रफ्तार, ऑस्ट्रेलिया में BBL के भारत आगमन का भी किया बड़ा ऐलान

मोदी के न्यूजीलैंड दौरे से FTA को मिलेगी रफ्तार, ऑस्ट्रेलिया में BBL के भारत आगमन का भी किया बड़ा ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने छह दिवसीय विदेश दौरे के अंतिम चरण में न्यूजीलैंड पहुंच चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया की सफल यात्रा पूरी करने के बाद उनका विमान ऑकलैंड पहुंचा, जहां भारतीय समुदाय और स्थानीय अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। करीब चार दशक बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड यात्रा हो रही है। इससे पहले वर्ष 1986 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने इस देश का दौरा किया था। ऐसे में यह यात्रा भारत और न्यूजीलैंड के संबंधों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

न्यूजीलैंड प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री मोदी कई अहम कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। सबसे पहले उनकी न्यूजीलैंड के शीर्ष नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय वार्ता होगी। इस बैठक में व्यापार, निवेश, शिक्षा, कृषि, तकनीक, रक्षा सहयोग और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझेदारी जैसे कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। दोनों देशों के बीच लंबे समय से लंबित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को अंतिम रूप देने की दिशा में भी इस यात्रा को निर्णायक माना जा रहा है। यदि यह समझौता पूरा होता है तो भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापारिक गतिविधियों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की उम्मीद है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, FTA के जरिए दोनों देशों के उद्योगों और कारोबारियों को नए अवसर मिलेंगे। कृषि उत्पादों, डेयरी, सूचना प्रौद्योगिकी, शिक्षा और सेवा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके अलावा निवेश को आसान बनाने और व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर भी सहमति बनने की संभावना है।

प्रधानमंत्री मोदी अपने दौरे के दौरान न्यूजीलैंड में आयोजित एक प्रमुख बिजनेस समिट में भी भाग लेंगे। इस कार्यक्रम में दोनों देशों के उद्योगपति, निवेशक और कारोबारी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। बैठक का उद्देश्य भारत और न्यूजीलैंड के बीच आर्थिक साझेदारी को नई दिशा देना तथा निवेश के नए अवसरों पर चर्चा करना है। माना जा रहा है कि इस मंच पर कई कारोबारी समझौतों की घोषणा भी हो सकती है।

व्यापारिक कार्यक्रमों के अलावा प्रधानमंत्री एक खेल आयोजन में भी हिस्सा लेंगे। भारत और न्यूजीलैंड दोनों देशों में खेलों को लेकर गहरी रुचि है, इसलिए खेल सहयोग को भी दोनों देशों के रिश्तों का अहम हिस्सा माना जा रहा है। खेलों के क्षेत्र में प्रतिभा विकास, प्रशिक्षण और विभिन्न प्रतियोगिताओं में सहयोग बढ़ाने पर भी बातचीत होने की संभावना है।

न्यूजीलैंड यात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण ऑकलैंड में भारतीय समुदाय का विशाल कार्यक्रम होगा। यहां करीब 40 हजार भारतीय मूल के लोगों के जुटने का अनुमान है। इस कार्यक्रम का नाम ‘किया ओरा मोदी’ रखा गया है, जो न्यूजीलैंड की माओरी भाषा का प्रसिद्ध स्वागत शब्द है। भारतीय समुदाय इस आयोजन को लेकर काफी उत्साहित है और लंबे समय से इसकी तैयारियां चल रही थीं। प्रधानमंत्री इस अवसर पर भारतीय प्रवासियों को संबोधित करेंगे और दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक तथा सामाजिक संबंधों को और मजबूत बनाने का संदेश देंगे।

भारतीय समुदाय न्यूजीलैंड की अर्थव्यवस्था और समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। शिक्षा, व्यापार, स्वास्थ्य, आईटी और विभिन्न पेशेवर क्षेत्रों में भारतीय मूल के लोग सक्रिय योगदान दे रहे हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री का यह संबोधन प्रवासी भारतीयों के लिए विशेष महत्व रखता है।

इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने अपने ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान भी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। तीन दिवसीय यात्रा के अंतिम दिन उन्होंने मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) का दौरा किया। इस अवसर पर ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज और ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान स्टीव वॉ भी उनके साथ मौजूद रहे। इसी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक बड़ी खबर साझा की।

प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि ऑस्ट्रेलिया की प्रतिष्ठित टी-20 प्रतियोगिता बिग बैश लीग (BBL) का उद्घाटन मुकाबला इस बार भारत में आयोजित किया जाएगा। यह मुकाबला 12 दिसंबर को चेन्नई के ऐतिहासिक एमए चिदंबरम स्टेडियम यानी चेपॉक में खेला जाएगा। यह पहली बार होगा जब किसी विदेशी फ्रेंचाइजी क्रिकेट लीग का आधिकारिक मैच भारत की धरती पर आयोजित होगा।

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के लिए भी यह फैसला ऐतिहासिक माना जा रहा है। लीग के करीब 15 वर्षों के इतिहास में पहली बार कोई मुकाबला ऑस्ट्रेलिया के बाहर आयोजित किया जाएगा। संगठन का मानना है कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट बाजार है और यहां मुकाबले आयोजित करने से लीग को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी। साथ ही भारतीय दर्शकों के बीच बिग बैश लीग की लोकप्रियता और बढ़ने की संभावना है।

चेन्नई को इस ऐतिहासिक मुकाबले की मेजबानी मिलने के पीछे भी कई कारण बताए जा रहे हैं। चेपॉक स्टेडियम अपनी शानदार क्रिकेट संस्कृति, उत्साही दर्शकों और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं के लिए जाना जाता है। यहां पहले भी कई यादगार अंतरराष्ट्रीय मुकाबले और आईपीएल मैच खेले जा चुके हैं। अब पहली बार किसी विदेशी लीग के आधिकारिक मैच की मेजबानी मिलने से यह स्टेडियम एक और नया इतिहास रचेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेल सहयोग को नई मजबूती मिलेगी। दोनों देशों के क्रिकेट बोर्ड भविष्य में भी संयुक्त आयोजनों और खिलाड़ियों के आदान-प्रदान जैसे विषयों पर काम कर सकते हैं। इससे दोनों देशों के खेल उद्योग को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।

ऑस्ट्रेलिया यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और उनके समकक्ष एंथनी अल्बनीज के बीच कई रणनीतिक और आर्थिक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने ऊर्जा, रक्षा, शिक्षा, तकनीक और निवेश जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। इससे पहले दोनों देशों ने कई महत्वपूर्ण समझौतों की भी घोषणा की थी, जिन्हें हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझेदारी मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

ऑस्ट्रेलिया से रवाना होने के बाद प्रधानमंत्री सीधे न्यूजीलैंड पहुंचे, जहां उनका कार्यक्रम लगातार व्यस्त रहेगा। द्विपक्षीय बैठकों के अलावा वे विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात करेंगे और दोनों देशों के संबंधों को नई ऊंचाई देने के लिए कई पहलुओं पर चर्चा करेंगे। विदेश नीति के जानकारों का मानना है कि यह यात्रा केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका को भी मजबूत करेगी।

भारत और न्यूजीलैंड के बीच लंबे समय से व्यापारिक संबंध रहे हैं, लेकिन दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौता अब तक अंतिम रूप नहीं ले सका था। इस यात्रा से उम्मीद की जा रही है कि वर्षों से लंबित यह प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और दोनों देशों के कारोबारियों को नए अवसर मिलेंगे। साथ ही शिक्षा, पर्यटन, कृषि और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ने की संभावना है।

प्रधानमंत्री का ऑकलैंड में होने वाला प्रवासी भारतीय कार्यक्रम भी इस यात्रा का अहम पड़ाव माना जा रहा है। बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोगों की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि न्यूजीलैंड में भारतीय समुदाय लगातार मजबूत हो रहा है। प्रधानमंत्री अपने संबोधन में भारत की विकास यात्रा, वैश्विक भूमिका और प्रवासी भारतीयों के योगदान पर भी प्रकाश डाल सकते हैं।

कुल मिलाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। एक ओर जहां ऑस्ट्रेलिया में बिग बैश लीग का उद्घाटन मैच भारत में कराने जैसी ऐतिहासिक घोषणा हुई, वहीं दूसरी ओर न्यूजीलैंड में मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इन दोनों घटनाओं को भारत की बढ़ती वैश्विक भागीदारी, आर्थिक कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को नई गति देने वाले प्रयासों के रूप में देखा जा रहा है।