रूट की शानदार 99 रन की पारी से इंग्लैंड की दमदार वापसी, भारत को हराकर वनडे सीरीज 1-1 से की बराबर

रूट की शानदार 99 रन की पारी से इंग्लैंड की दमदार वापसी, भारत को हराकर वनडे सीरीज 1-1 से की बराबर

भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही तीन मैचों की वनडे सीरीज अब रोमांचक मोड़ पर पहुंच गई है। कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स मैदान पर खेले गए दूसरे मुकाबले में इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को चार विकेट से शिकस्त दी। इस जीत के साथ मेजबान टीम ने सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली है और अब दोनों टीमों के बीच निर्णायक मुकाबला 19 जुलाई को ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर खेला जाएगा। इंग्लैंड की इस जीत के सबसे बड़े नायक अनुभवी बल्लेबाज जो रूट रहे, जिन्होंने 99 रन की नाबाद पारी खेलकर टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया। हालांकि वह केवल एक रन से शतक से चूक गए, लेकिन उनकी पारी ने इंग्लैंड को बेहद अहम जीत दिलाई। शानदार बल्लेबाजी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

इस मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी की। शुरुआती झटकों से बचते हुए टीम ने अच्छी शुरुआत की और ऐसा लग रहा था कि भारतीय बल्लेबाज बड़ा स्कोर खड़ा करेंगे। कप्तान शुभमन गिल और रोहित शर्मा ने तेज अंदाज में रन जुटाने शुरू किए। दोनों बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही इंग्लैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की और पहले विकेट के लिए 44 रन की साझेदारी की। शुभमन गिल 31 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन तब तक भारत ने मजबूत नींव रख दी थी।

गिल के पवेलियन लौटने के बाद रोहित शर्मा और विराट कोहली ने पारी को आगे बढ़ाया। दोनों बल्लेबाजों ने समझदारी के साथ रन बनाए और दूसरे विकेट के लिए 60 रन जोड़ दिए। रोहित शर्मा अच्छी लय में नजर आ रहे थे, लेकिन 26 रन के निजी स्कोर पर उनका विकेट गिर गया। इसके बाद ईशान किशन बल्लेबाजी के लिए आए, मगर वह ज्यादा देर क्रीज पर टिक नहीं सके और जल्द ही आउट होकर लौट गए। भारत को उस समय एक बड़ी साझेदारी की जरूरत थी और यह जिम्मेदारी विराट कोहली तथा श्रेयस अय्यर ने संभाली।

विराट और श्रेयस ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड के गेंदबाजों को काफी देर तक विकेट से दूर रखा। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 67 रन की उपयोगी साझेदारी की और भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। विराट कोहली ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन मिश्रण दिखाते हुए 66 गेंदों में 65 रन बनाए, जबकि श्रेयस अय्यर ने 71 गेंदों पर 66 रन की बेहतरीन पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों की इस साझेदारी के दम पर भारत का स्कोर 178 रन तक पहुंच चुका था और ऐसा लग रहा था कि टीम आसानी से 280 या उससे अधिक का स्कोर बना सकती है।

लेकिन मैच का रुख अचानक बदल गया। विराट कोहली के आउट होते ही भारतीय बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई। जिस टीम ने मजबूत स्थिति बना ली थी, वही कुछ ही देर में लगातार विकेट गंवाने लगी। मध्यक्रम और निचले क्रम के बल्लेबाज इंग्लैंड के गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सके। भारत ने केवल 55 रन जोड़ने के दौरान अपने आखिरी सात विकेट गंवा दिए। इस दौरान इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों ने शानदार वापसी करते हुए भारतीय बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।

जब पूरी टीम संघर्ष कर रही थी, तब जसप्रीत बुमराह ने निचले क्रम में कुछ तेज रन बनाकर स्कोर को सम्मानजनक स्थिति तक पहुंचाया। उन्होंने केवल 13 गेंदों में नाबाद 20 रन बनाए और भारतीय पारी को 233 रन तक पहुंचाने में अहम योगदान दिया। पूरी भारतीय टीम 44 ओवर में ऑलआउट हो गई। एक समय जहां 280 से अधिक रन बनने की उम्मीद दिखाई दे रही थी, वहीं अंत में टीम 233 रन पर सिमट गई।

इंग्लैंड की गेंदबाजी की बात करें तो जोफ्रा आर्चर और गस एटकिंसन सबसे सफल गेंदबाज रहे। दोनों ने तीन-तीन विकेट हासिल कर भारतीय बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। इसके अलावा साकिब महमूद ने दो विकेट लिए, जबकि सैम करन और विल जैक्स को एक-एक सफलता मिली। इंग्लैंड के गेंदबाजों ने आखिरी ओवरों में अनुशासित गेंदबाजी करते हुए भारत को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोक दिया।

234 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने मुकाबले की पहली ही गेंद पर बेन डकेट को विकेटकीपर ईशान किशन के हाथों कैच कराकर भारत को शानदार शुरुआत दिलाई। इसके तुरंत बाद प्रसिद्ध कृष्णा ने जैकब बेथेल को भी पवेलियन भेज दिया। शुरुआती दो विकेट जल्दी गिरने से इंग्लैंड का स्कोर महज 8 रन पर दो विकेट हो गया था और भारत मुकाबले पर मजबूत पकड़ बनाता दिखाई दे रहा था।

भारतीय गेंदबाज यहीं नहीं रुके। गुरनूर बरार ने कप्तान हैरी ब्रूक का विकेट लेकर इंग्लैंड की मुश्किलें और बढ़ा दीं। शुरुआती झटकों के बाद ऐसा लग रहा था कि भारतीय टीम इस मुकाबले को आसानी से अपने नाम कर लेगी, लेकिन अनुभवी बल्लेबाज जो रूट ने पूरी कहानी बदल दी। उन्होंने पहले सैम करन के साथ महत्वपूर्ण साझेदारी करते हुए टीम को संभाला। दोनों बल्लेबाजों ने चौथे विकेट के लिए 41 रन जोड़े और दबाव कम किया।

इसके बाद जोस बटलर ने भी कुछ देर तक रूट का साथ निभाया। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 31 रन की साझेदारी की। हालांकि बटलर के आउट होने के बाद भारत ने एक बार फिर मुकाबले में वापसी की उम्मीद जगाई थी, लेकिन जो रूट ने अपना धैर्य नहीं खोया। उन्होंने लगातार स्ट्राइक रोटेट की और खराब गेंदों का पूरा फायदा उठाया।

जब इंग्लैंड को तेजी से रन बनाने की जरूरत थी, तब विल जैक्स ने रूट का शानदार साथ दिया। दोनों बल्लेबाजों ने छठे विकेट के लिए 72 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी करते हुए भारत की जीत की उम्मीदों को लगभग खत्म कर दिया। जैक्स ने 30 रन की उपयोगी पारी खेली और रूट के साथ मिलकर लक्ष्य को आसान बना दिया। भारतीय गेंदबाजों ने इस साझेदारी को तोड़ने की पूरी कोशिश की, लेकिन तब तक मैच इंग्लैंड की ओर झुक चुका था।

विल जैक्स के आउट होने के बाद गस एटकिंसन बल्लेबाजी के लिए आए। उन्होंने भी आक्रामक अंदाज अपनाते हुए 16 गेंदों में नाबाद 23 रन बनाए। दूसरी ओर जो रूट अंत तक क्रीज पर डटे रहे और शानदार बल्लेबाजी जारी रखी। दोनों खिलाड़ियों ने सातवें विकेट के लिए 38 रन की अटूट साझेदारी करते हुए इंग्लैंड को जीत दिला दी। मुकाबले के अंतिम क्षणों में इंग्लैंड को जीत के लिए केवल एक रन चाहिए था, लेकिन गस एटकिंसन ने प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर शानदार चौका लगाकर मैच समाप्त कर दिया। इसी कारण जो रूट 99 रन पर नाबाद रह गए और अपना शतक पूरा नहीं कर सके।

हालांकि शतक से चूकने का मलाल जरूर रहा होगा, लेकिन उनकी पारी किसी शतक से कम नहीं मानी जाएगी। उन्होंने दबाव की स्थिति में संयमित बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड को मुश्किल हालात से निकालकर जीत दिलाई। इसी प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। इसके साथ ही जो रूट वनडे क्रिकेट के इतिहास में 99 रन पर नाबाद लौटने वाले चुनिंदा बल्लेबाजों की सूची में भी शामिल हो गए।

भारत की ओर से गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों में बेहतरीन प्रदर्शन किया, लेकिन मध्य ओवरों में रूट और उनके साथियों की साझेदारियों को तोड़ने में सफलता नहीं मिल सकी। बल्लेबाजी में भी टीम अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने में नाकाम रही। विराट कोहली और श्रेयस अय्यर की अर्धशतकीय पारियां टीम को जीत नहीं दिला सकीं क्योंकि मध्यक्रम और निचले क्रम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा।

अब तीन मैचों की यह वनडे सीरीज पूरी तरह रोमांचक स्थिति में पहुंच चुकी है। दोनों टीमें एक-एक मुकाबला जीत चुकी हैं और अब सीरीज का विजेता तीसरे और अंतिम मुकाबले से तय होगा। 19 जुलाई को लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में होने वाला निर्णायक मैच दोनों टीमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहेगा। भारत जहां पिछली हार को भुलाकर सीरीज जीतने के इरादे से उतरेगा, वहीं इंग्लैंड अपने घरेलू मैदान पर मिली इस शानदार जीत का आत्मविश्वास लेकर ट्रॉफी अपने नाम करने की कोशिश करेगा। क्रिकेट प्रशंसकों को अब दोनों टीमों के बीच एक बेहद रोमांचक और कांटे की टक्कर वाले फाइनल मुकाबले का इंतजार रहेगा।