चंडीगढ़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को चंडीगढ़ के दौरे पर पहुंच रहे हैं। यह दौरा केवल कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास तक सीमित नहीं है, बल्कि इस शहर के साथ उनके तीन दशक पुराने रिश्ते की भी याद दिलाता है। राजनीतिक जीवन के शुरुआती दौर में जिस चंडीगढ़ और ट्राईसिटी क्षेत्र ने उनकी संगठनात्मक पहचान को मजबूत किया था, उसी शहर में आज वे देश के प्रधानमंत्री के रूप में विकास की नई सौगातें लेकर आ रहे हैं।
नरेंद्र मोदी का चंडीगढ़ से जुड़ाव 1990 के दशक का है। उस समय भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें संगठन मंत्री के रूप में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ की जिम्मेदारी सौंपी थी। इन राज्यों में पार्टी के विस्तार, कार्यकर्ताओं को संगठित करने और संगठन को मजबूत बनाने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर थी। उस दौर में चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली उनके राजनीतिक कार्यक्षेत्र का प्रमुख केंद्र बने रहे। वे लंबे समय तक पंचकूला में रहकर संगठन का काम संभालते थे और लगातार विभिन्न जिलों का दौरा कर पार्टी की गतिविधियों को गति देते थे।
भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, नरेंद्र मोदी ने अपने संगठनात्मक कार्यकाल के दौरान बूथ स्तर तक पार्टी को मजबूत करने, युवा कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने और अनुशासित संगठन तैयार करने पर विशेष जोर दिया। वे लगातार कार्यकर्ताओं के बीच रहते थे और उनकी कार्यशैली ने उत्तर भारत में भाजपा के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। चंडीगढ़ में बिताया गया उनका यह दौर उनके राजनीतिक जीवन के महत्वपूर्ण अध्यायों में गिना जाता है।
साल 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद भी उनका चंडीगढ़ से जुड़ाव लगातार बना रहा। प्रधानमंत्री के रूप में जब भी वे शहर आए, किसी न किसी बड़ी विकास परियोजना की शुरुआत या लोकार्पण किया। उनके पिछले दौरों के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल सेवाओं, परिवहन और शहरी विकास से जुड़ी कई योजनाओं को नई गति मिली। केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से चंडीगढ़ में आधुनिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार पर भी विशेष ध्यान दिया गया।
इस बार भी प्रधानमंत्री का दौरा विकास के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वे कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इन परियोजनाओं का लाभ केवल चंडीगढ़ तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मोहाली, पंचकूला और पूरे ट्राईसिटी क्षेत्र के लाखों लोगों को मिलेगा।
कार्यक्रम के दौरान पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआई) से जुड़ी स्वास्थ्य परियोजनाओं को भी नई दिशा मिलेगी। आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने के उद्देश्य से कई विकास कार्य शुरू किए जाएंगे। इससे न केवल चंडीगढ़ बल्कि पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और आसपास के राज्यों से इलाज के लिए आने वाले मरीजों को भी बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी प्रधानमंत्री का यह दौरा अहम माना जा रहा है। पंजाब विश्वविद्यालय और पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज से संबंधित कई विकास कार्यों की शुरुआत की जाएगी। नए शैक्षणिक और अनुसंधान ढांचे के निर्माण से छात्रों, शोधार्थियों और शिक्षकों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे इन संस्थानों की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और मजबूत होगी।
ट्राईसिटी क्षेत्र में बढ़ते ट्रैफिक और शहरी विस्तार को देखते हुए कनेक्टिविटी से जुड़ी परियोजनाओं पर भी विशेष फोकस किया गया है। प्रधानमंत्री विभिन्न सड़क और आधारभूत ढांचा परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, जिससे चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला के बीच आवागमन और अधिक सुगम होगा। बेहतर परिवहन व्यवस्था से लोगों का समय बचेगा, यातायात का दबाव कम होगा और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस, अर्धसैनिक बलों और विशेष सुरक्षा एजेंसियों के जवान तैनात किए गए हैं। शहर के कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था भी लागू की गई है ताकि कार्यक्रम सुरक्षित और सुचारु रूप से संपन्न कराया जा सके।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा केवल विकास परियोजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके और चंडीगढ़ के बीच तीन दशक से चले आ रहे संबंधों का भी प्रतीक है। जिस क्षेत्र से उन्होंने संगठनात्मक राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाई थी, उसी क्षेत्र के विकास के लिए प्रधानमंत्री के रूप में लगातार नई योजनाओं और परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।
स्थानीय लोगों को भी इस दौरे से काफी उम्मीदें हैं। उनका मानना है कि शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और शहरी विकास से जुड़ी नई परियोजनाएं आने वाले वर्षों में चंडीगढ़ और ट्राईसिटी क्षेत्र की तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। तेजी से विकसित हो रहे इस क्षेत्र के लिए प्रधानमंत्री का यह दौरा भविष्य की विकास योजनाओं को नई गति देने वाला माना जा रहा है।




