आज के समय में फिटनेस को लेकर लोगों में जागरूकता तेजी से बढ़ रही है। बहुत से लोग वजन कम करने, शरीर को टोन करने या मसल्स मजबूत बनाने के लिए नियमित रूप से जिम और कार्डियो वर्कआउट करते हैं। हालांकि, सिर्फ एक्सरसाइज करना ही पर्याप्त नहीं होता। वर्कआउट के बाद शरीर को सही पोषण देना भी उतना ही जरूरी है।
कई लोग जिम में मेहनत करने के बाद केवल पानी पीते हैं या फिर कार्ब्स वाली चीजों का सेवन करते हैं, लेकिन प्रोटीन को नजरअंदाज कर देते हैं। यह आदत लंबे समय में फिटनेस लक्ष्यों को प्रभावित कर सकती है। प्रोटीन केवल बॉडी बनाने वाले लोगों के लिए जरूरी नहीं है, बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण है जो स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली अपनाना चाहता है।
वर्कआउट के दौरान शरीर की मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है। खासकर कार्डियो और हाई इंटेंसिटी एक्सरसाइज के दौरान मसल्स में हल्का तनाव पैदा होता है। ऐसे में शरीर को उनकी मरम्मत और मजबूती के लिए प्रोटीन की जरूरत होती है।
कार्डियो वर्कआउट के बाद प्रोटीन क्यों जरूरी है?
अक्सर लोगों को लगता है कि कार्डियो करने के बाद केवल कैलोरी बर्न करना ही लक्ष्य होता है, इसलिए प्रोटीन की जरूरत नहीं होती। लेकिन यह सोच पूरी तरह सही नहीं है।
कार्डियो के बाद प्रोटीन लेने से शरीर को कई फायदे मिल सकते हैं।
मसल्स की रिकवरी में मदद
व्यायाम के दौरान मांसपेशियों के ऊतकों पर दबाव पड़ता है। प्रोटीन में मौजूद अमीनो एसिड मसल्स की मरम्मत की प्रक्रिया में मदद करते हैं। इससे शरीर जल्दी रिकवर करता है और अगली बार एक्सरसाइज के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो पाता है।
अगर कोई व्यक्ति लगातार वर्कआउट करता है और पर्याप्त प्रोटीन नहीं लेता, तो उसे थकान, कमजोरी और रिकवरी में देरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
लीन मसल्स को बनाए रखने में सहायक
जो लोग वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, उनके लिए प्रोटीन का सेवन और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। वजन घटाने के दौरान शरीर से फैट के साथ-साथ मसल्स कम होने का खतरा भी रहता है।
पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन लेने से लीन मसल मास को बनाए रखने में मदद मिल सकती है। इससे शरीर ज्यादा फिट और एक्टिव दिखाई देता है।
भूख को नियंत्रित करता है
प्रोटीन का एक फायदा यह भी है कि यह लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराने में मदद करता है। इससे बार-बार खाने की इच्छा कम हो सकती है और अनहेल्दी स्नैक्स से बचने में मदद मिलती है।
जो लोग वजन प्रबंधन पर ध्यान दे रहे हैं, उनके लिए यह आदत काफी फायदेमंद हो सकती है।
शरीर की ऊर्जा और प्रदर्शन को बनाए रखने में मदद
वर्कआउट के बाद सही पोषण लेने से शरीर की ऊर्जा वापस आती है। प्रोटीन के साथ अगर संतुलित मात्रा में कार्बोहाइड्रेट भी लिया जाए, तो यह शरीर को बेहतर रिकवरी में सहायता कर सकता है।
एक्सरसाइज के बाद कितनी मात्रा में प्रोटीन लेना चाहिए?
प्रोटीन की जरूरत हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग हो सकती है। यह उम्र, वजन, एक्सरसाइज की तीव्रता, फिटनेस लक्ष्य और पूरे दिन के भोजन पर निर्भर करता है।
आमतौर पर वर्कआउट के बाद लगभग 20 से 30 ग्राम प्रोटीन लेना कई लोगों के लिए पर्याप्त माना जाता है। हालांकि, जो लोग ज्यादा इंटेंस ट्रेनिंग करते हैं या मसल्स बनाने पर काम कर रहे हैं, उन्हें अपनी जरूरत के अनुसार मात्रा बढ़ानी पड़ सकती है।
सिर्फ एक बार प्रोटीन लेने के बजाय पूरे दिन के खाने में पर्याप्त प्रोटीन शामिल करना ज्यादा महत्वपूर्ण होता है।
प्रोटीन लेने का सही समय क्या है?
कई फिटनेस एक्सपर्ट वर्कआउट के बाद प्रोटीन लेने की सलाह देते हैं क्योंकि इस समय शरीर को रिकवरी के लिए पोषक तत्वों की जरूरत होती है।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि एक्सरसाइज खत्म होते ही तुरंत प्रोटीन लेना जरूरी है। दिनभर का कुल प्रोटीन सेवन और संतुलित डाइट ज्यादा मायने रखते हैं।
फिर भी, वर्कआउट खत्म होने के कुछ समय के अंदर प्रोटीन लेना एक अच्छी आदत माना जा सकता है।
कौन सा प्रोटीन बेहतर विकल्प हो सकता है?
प्रोटीन के कई स्रोत उपलब्ध हैं और व्यक्ति अपनी पसंद व जरूरत के अनुसार इन्हें चुन सकता है।
व्हे प्रोटीन
व्हे प्रोटीन दूध से तैयार किया जाता है और इसमें सभी जरूरी अमीनो एसिड पाए जाते हैं। यह उन लोगों के बीच लोकप्रिय है जो नियमित रूप से जिम जाते हैं।
प्लांट बेस्ड प्रोटीन
जो लोग डेयरी उत्पाद नहीं लेते, वे प्लांट बेस्ड प्रोटीन का विकल्प चुन सकते हैं। इसमें मटर प्रोटीन, चावल प्रोटीन और अन्य पौधों से बने विकल्प शामिल हैं।
प्राकृतिक खाद्य स्रोत
सप्लीमेंट के अलावा कई प्राकृतिक खाद्य पदार्थ भी अच्छे प्रोटीन स्रोत होते हैं, जैसे:
- अंडे
- पनीर
- दही
- दालें
- सोयाबीन
- चना
- मछली और चिकन
संतुलित डाइट में इन चीजों को शामिल करके भी शरीर की प्रोटीन जरूरत पूरी की जा सकती है।
प्रोटीन चुनते समय किन बातों का ध्यान रखें?
अगर आप प्रोटीन सप्लीमेंट ले रहे हैं, तो खरीदते समय कुछ बातों पर ध्यान देना जरूरी है।
- प्रोटीन की मात्रा अच्छी हो।
- शुगर की मात्रा कम हो।
- अनावश्यक फिलर्स और एडिटिव्स कम हों।
- अपनी जरूरत और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार सही विकल्प चुनें।
हर व्यक्ति के लिए एक जैसा प्रोटीन सप्लीमेंट सही नहीं होता। इसलिए अपनी डाइट और फिटनेस लक्ष्य के अनुसार चुनाव करना बेहतर रहता है।
वर्कआउट के बाद प्रोटीन से जुड़ी आम गलतियां
फिटनेस शुरू करने वाले कई लोग कुछ सामान्य गलतियां करते हैं, जिनसे उनके परिणाम प्रभावित हो सकते हैं।
केवल पानी पीकर छोड़ देना
कुछ लोग एक्सरसाइज के बाद सिर्फ पानी पीते हैं और भोजन या प्रोटीन पर ध्यान नहीं देते। इससे शरीर को रिकवरी के लिए जरूरी पोषण नहीं मिल पाता।
सिर्फ प्रोटीन शेक पर निर्भर रहना
प्रोटीन शेक एक सप्लीमेंट है, पूरा भोजन नहीं। शरीर को विटामिन, मिनरल्स, फाइबर और अन्य पोषक तत्वों के लिए संतुलित आहार की जरूरत होती है।
जरूरत से ज्यादा प्रोटीन लेना
ज्यादा प्रोटीन लेने से फिटनेस रिजल्ट हमेशा बेहतर नहीं होते। शरीर की जरूरत के अनुसार सही मात्रा लेना जरूरी है।
बेहतर फिटनेस के लिए संतुलित डाइट जरूरी
वर्कआउट के अच्छे परिणाम पाने के लिए केवल एक्सरसाइज पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। शरीर को पर्याप्त प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, हेल्दी फैट, विटामिन और मिनरल्स की जरूरत होती है।
अगर कोई व्यक्ति नियमित रूप से कार्डियो या अन्य एक्सरसाइज करता है, तो उसे अपनी डाइट में प्रोटीन को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सही मात्रा में प्रोटीन लेने से रिकवरी बेहतर हो सकती है, मसल्स को सपोर्ट मिल सकता है और फिटनेस लक्ष्य हासिल करने में मदद मिल सकती है।
अपनी जरूरत के अनुसार सही प्रोटीन स्रोत चुनना और इसे संतुलित भोजन के साथ शामिल करना एक स्वस्थ फिटनेस रूटीन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।




