त्वचा पर कभी-कभी खुजली होना एक सामान्य समस्या है। मौसम में बदलाव, गर्मी, पसीना, धूल-मिट्टी, मच्छर के काटने या त्वचा के रूखे होने जैसी कई वजहों से थोड़े समय के लिए खुजली हो सकती है। आमतौर पर ऐसी परेशानी त्वचा की उचित देखभाल और कारण दूर होने के बाद कम हो जाती है। लेकिन अगर खुजली कई दिनों या हफ्तों तक लगातार बनी रहे, बार-बार लौटकर आए या इतनी ज्यादा हो जाए कि रात में नींद प्रभावित होने लगे, तो इसे केवल सामान्य स्किन प्रॉब्लम मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
लगातार खुजली के पीछे कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं। कुछ मामलों में यह त्वचा से जुड़ी एलर्जी, संक्रमण या अत्यधिक रूखेपन की वजह से होती है, जबकि कभी-कभी शरीर के अंदर चल रही किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकती है। इसी तरह, कुछ पोषक तत्वों और विटामिन की कमी भी त्वचा की सेहत को प्रभावित कर सकती है। हालांकि, केवल खुजली के आधार पर किसी विशेष विटामिन की कमी का पता नहीं लगाया जा सकता। सही कारण जानने के लिए डॉक्टर की सलाह और जरूरत पड़ने पर ब्लड टेस्ट या अन्य जांच जरूरी हो सकती है।
त्वचा में खुजली क्यों होती है?
खुजली को मेडिकल भाषा में प्रुरिटस कहा जाता है। यह शरीर की एक ऐसी प्रतिक्रिया है जिसमें त्वचा पर जलन या असहजता महसूस होती है और व्यक्ति को प्रभावित हिस्से को खुजलाने की इच्छा होती है। खुजली शरीर के किसी एक हिस्से में भी हो सकती है और कुछ स्थितियों में पूरे शरीर में भी महसूस हो सकती है।
गर्मियों में पसीना और अत्यधिक गर्मी त्वचा को परेशान कर सकती हैं। वहीं सर्दियों में हवा में नमी कम होने के कारण त्वचा रूखी हो सकती है। बहुत गर्म पानी से नहाना, कठोर साबुन का इस्तेमाल करना और त्वचा को पर्याप्त मॉइस्चराइज न करना भी ड्राई स्किन और खुजली की समस्या को बढ़ा सकता है।
इसके अलावा एलर्जी, एक्जिमा, पित्ती, फंगल इंफेक्शन, स्केबीज और कीड़े के काटने जैसी त्वचा संबंधी समस्याएं भी खुजली का कारण बन सकती हैं। इसलिए हर तरह की खुजली को विटामिन की कमी से जोड़ना सही नहीं है।
विटामिन A की कमी और त्वचा का रूखापन
विटामिन A शरीर के लिए एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है और यह त्वचा सहित कई शारीरिक प्रक्रियाओं में भूमिका निभाता है। इसकी कमी होने पर कुछ लोगों में त्वचा रूखी और खुरदरी हो सकती है। जब त्वचा की नमी कम होती है, तो उसमें खिंचाव, जलन और खुजली महसूस हो सकती है।
हालांकि, विटामिन A की कमी का पता केवल त्वचा में खुजली देखकर नहीं लगाया जा सकता। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय से त्वचा का रूखापन, अन्य शारीरिक लक्षण या पोषण संबंधी समस्या है, तो डॉक्टर से परामर्श लेना बेहतर होता है।
विटामिन A की जरूरत को पूरा करने के लिए सामान्य तौर पर संतुलित आहार में गाजर, शकरकंद, पालक जैसी सब्जियां और अन्य पोषक खाद्य पदार्थ शामिल किए जा सकते हैं। किसी भी विटामिन सप्लीमेंट को बिना चिकित्सकीय सलाह के अधिक मात्रा में लेना उचित नहीं है।
विटामिन B12 की कमी से हो सकती है त्वचा संबंधी परेशानी
विटामिन B12 शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण और नर्वस सिस्टम के सामान्य कामकाज के लिए महत्वपूर्ण है। इसकी कमी होने पर थकान, कमजोरी, हाथ-पैरों में झुनझुनी या सुन्नपन जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ लोगों में त्वचा से जुड़ी समस्याएं भी देखी जा सकती हैं।
यदि शरीर में B12 का स्तर कम है और साथ में त्वचा पर असामान्य बदलाव, जलन या अन्य लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो चिकित्सकीय जांच कराना उपयोगी हो सकता है। डॉक्टर जरूरत के अनुसार ब्लड टेस्ट की सलाह दे सकते हैं।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि हर व्यक्ति में B12 की कमी के लक्षण एक जैसे नहीं होते। इसलिए केवल खुजली के आधार पर B12 की कमी मान लेना सही नहीं होगा।
विटामिन B3 की कमी भी प्रभावित कर सकती है त्वचा
विटामिन B3 यानी नियासिन शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्वों में शामिल है। इसकी गंभीर कमी से पेलाग्रा जैसी स्थिति हो सकती है, जिसमें त्वचा संबंधी बदलाव के साथ अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी दिखाई दे सकती हैं।
हालांकि सामान्य लोगों में केवल खुजली होने का मतलब यह नहीं है कि शरीर में नियासिन की कमी है। यदि त्वचा पर लगातार रैशेज, सूजन, घाव या अन्य असामान्य बदलाव दिखाई दें, तो त्वचा विशेषज्ञ से जांच करवाना अधिक उचित है।
विटामिन C और E की भूमिका
विटामिन C शरीर में कोलेजन निर्माण और सामान्य त्वचा स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वहीं विटामिन E एक एंटीऑक्सीडेंट के रूप में शरीर में काम करता है। संतुलित आहार के माध्यम से इन पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा प्राप्त करना सामान्य स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है।
फलों, सब्जियों, नट्स और बीजों सहित विभिन्न पोषक खाद्य पदार्थों को आहार में शामिल करना त्वचा और पूरे शरीर के लिए बेहतर हो सकता है। हालांकि, केवल विटामिन C या E की कमी को लगातार खुजली का सीधा कारण मानना सही नहीं है। इसके पीछे कई अन्य कारण भी हो सकते हैं।
लगातार खुजली का कारण लिवर की समस्या भी हो सकती है
कुछ मामलों में शरीर के अंदर की स्वास्थ्य समस्याएं भी त्वचा में खुजली पैदा कर सकती हैं। लिवर से जुड़ी कुछ बीमारियों में शरीर में बाइल एसिड के स्तर और प्रवाह में बदलाव हो सकता है, जिसके कारण बिना किसी स्पष्ट रैश के भी खुजली महसूस हो सकती है।
अगर खुजली लंबे समय से बनी हुई है और इसके साथ आंखों या त्वचा का पीला पड़ना, गहरे रंग का पेशाब, पेट में सूजन या असामान्य थकान जैसे लक्षण भी दिखाई दें, तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
यह जरूरी नहीं कि हर खुजली लिवर की बीमारी का संकेत हो। लेकिन लगातार और बिना स्पष्ट कारण वाली खुजली की जांच करवाना स्वास्थ्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण हो सकता है।
एलर्जी और त्वचा संक्रमण भी हो सकते हैं जिम्मेदार
किसी नए साबुन, कॉस्मेटिक, डिटर्जेंट, कपड़े या दवा के प्रति एलर्जी होने पर त्वचा में खुजली, लालिमा और रैशेज दिखाई दे सकते हैं। कुछ लोगों को खाने की चीजों या पर्यावरण में मौजूद धूल और परागकणों से भी एलर्जी हो सकती है।
फंगल इंफेक्शन में अक्सर खुजली के साथ लाल चकत्ते, त्वचा पर गोल निशान या प्रभावित हिस्से में जलन हो सकती है। वहीं स्केबीज जैसी समस्या में रात के समय खुजली अधिक परेशान कर सकती है और परिवार के अन्य सदस्यों में भी संक्रमण फैल सकता है।
ऐसी स्थिति में घरेलू उपचार के बजाय सही बीमारी की पहचान और उचित उपचार अधिक जरूरी होता है।
कैलामाइन लोशन से मिल सकती है अस्थायी राहत
हल्की खुजली या त्वचा में जलन की स्थिति में कैलामाइन लोशन कुछ लोगों को अस्थायी राहत दे सकता है। यह त्वचा को ठंडक देने और जलन की अनुभूति कम करने में मदद कर सकता है।
हालांकि, इसका इस्तेमाल हर तरह की त्वचा की समस्या का इलाज नहीं है। यदि खुजली किसी संक्रमण, गंभीर एलर्जी या अन्य स्वास्थ्य समस्या के कारण है, तो केवल कैलामाइन लोशन लगाने से मूल कारण दूर नहीं होगा।
किसी भी उत्पाद को इस्तेमाल करने से पहले उसके लेबल पर दिए निर्देश पढ़ना और संवेदनशील त्वचा होने पर विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
ठंडी सिकाई से कम हो सकती है खुजली
यदि खुजली के कारण त्वचा पर हल्की जलन या सूजन महसूस हो रही है, तो ठंडी सिकाई कुछ समय के लिए राहत दे सकती है। इसके लिए बर्फ को सीधे त्वचा पर लगाने के बजाय साफ कपड़े में लपेटकर प्रभावित हिस्से पर थोड़े समय के लिए रखा जा सकता है।
बहुत ज्यादा ठंड या लंबे समय तक बर्फ लगाने से त्वचा को नुकसान हो सकता है। इसलिए सावधानी बरतना जरूरी है। अगर ठंडी सिकाई के बाद त्वचा की समस्या बढ़ती है, तो इसे बंद कर देना चाहिए।
त्वचा को मॉइस्चराइज रखना फायदेमंद
ड्राई स्किन के कारण होने वाली खुजली में नियमित मॉइस्चराइज़र का इस्तेमाल मददगार हो सकता है। नहाने के तुरंत बाद त्वचा को हल्के हाथ से सुखाकर मॉइस्चराइजर लगाने से त्वचा में नमी बनाए रखने में सहायता मिल सकती है।
बहुत गर्म पानी से नहाने और तेज खुशबू वाले कठोर साबुन या स्किन प्रोडक्ट्स के अत्यधिक इस्तेमाल से बचना भी उपयोगी हो सकता है। संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को ऐसे उत्पाद चुनने चाहिए जो उनकी त्वचा के अनुकूल हों।
नारियल तेल का इस्तेमाल कब करें?
रूखी त्वचा में नारियल तेल लगाने से कुछ लोगों को मॉइस्चराइजिंग प्रभाव के कारण राहत मिल सकती है। लेकिन अगर खुजली का कारण फंगल इंफेक्शन, एलर्जी या कोई अन्य त्वचा रोग है, तो केवल तेल लगाने से समस्या ठीक नहीं होगी।
खासकर एसेंशियल ऑयल जैसे लैवेंडर, पेपरमिंट या यूकेलिप्टस ऑयल को सीधे त्वचा पर लगाना कुछ लोगों में जलन या एलर्जी पैदा कर सकता है। इन्हें इस्तेमाल करने से पहले उचित तरीके से डायल्यूट करना और पैच टेस्ट करना जरूरी हो सकता है। बच्चों या संवेदनशील त्वचा वाले लोगों के लिए ऐसे उत्पादों का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
खुजली होने पर त्वचा को बार-बार न खुजलाएं
खुजली होने पर त्वचा को बार-बार खुजलाने से थोड़ी देर के लिए राहत मिल सकती है, लेकिन इससे त्वचा पर खरोंच और घाव बन सकते हैं। ज्यादा खुजलाने से त्वचा की ऊपरी परत को नुकसान पहुंच सकता है और बैक्टीरियल संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है।
इसके बजाय प्रभावित हिस्से को ठंडा रखने, मॉइस्चराइजर लगाने और खुजली के मूल कारण को समझने पर ध्यान देना चाहिए। नाखून छोटे रखने से अनजाने में होने वाली खरोंच से भी बचा जा सकता है।
कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है?
अगर खुजली कई दिनों तक लगातार बनी रहती है, शरीर के बड़े हिस्से में फैल रही है या रात में नींद को प्रभावित कर रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेना उचित है। इसी तरह बिना किसी स्पष्ट कारण के पूरे शरीर में खुजली होने पर भी चिकित्सकीय जांच जरूरी हो सकती है।
यदि खुजली के साथ सांस लेने में परेशानी, चेहरे या होंठों पर अचानक सूजन, तेज एलर्जी, त्वचा पर तेजी से फैलते छाले या गंभीर संक्रमण के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।
लगातार खुजली का कारण जानने के लिए डॉक्टर त्वचा की जांच के साथ व्यक्ति की मेडिकल हिस्ट्री और अन्य लक्षणों के बारे में जानकारी ले सकते हैं। जरूरत पड़ने पर खून की जांच या अन्य परीक्षण भी किए जा सकते हैं। इस तरह सही कारण की पहचान करके उचित उपचार शुरू किया जा सकता है।




