साल 2026 में खगोलीय घटनाओं में रुचि रखने वालों के लिए 3 मार्च का दिन खास रहने वाला है। इसी दिन वर्ष का पहला और भारत में दिखाई देने वाला एकमात्र चंद्र ग्रहण घटित होगा। इस दौरान चंद्रमा का रंग सामान्य नहीं बल्कि लालिमा लिए हुए दिखाई देगा, जिसे आम तौर पर ब्लड मून कहा जाता है।
क्यों लाल दिखेगा चंद्रमा?
जब चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की छाया (अम्ब्रल शैडो) में प्रवेश करता है, तब सूर्य का प्रकाश पृथ्वी के वायुमंडल से छनकर चंद्रमा तक पहुंचता है। इसी प्रक्रिया के कारण चंद्रमा तांबे या गहरे लाल रंग में नजर आने लगता है।
भारत में कहां दिखेगा यह नजारा?
यह चंद्र ग्रहण देश के कई हिस्सों में देखा जा सकेगा। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, पटना जैसे बड़े शहरों में लोग इसे अपनी आंखों से देख पाएंगे।
भारत में चंद्र ग्रहण का समय (3 मार्च 2026)
- ग्रहण शुरू: शाम 6:26 बजे
- ग्रहण समाप्त: शाम 6:46 बजे
- कुल दृश्य अवधि: लगभग 20 मिनट 28 सेकंड
यह ग्रहण सूर्यास्त के आसपास दिखाई देगा, इसलिए इसकी अवधि अपेक्षाकृत कम रहेगी।
ग्रहण का स्पर्श और समाप्ति
- पहला स्पर्श: दोपहर 3:21 बजे
- अंतिम स्पर्श: शाम 6:46 बजे
- खंडग्रास अवस्था की अवधि: 3 घंटे 25 मिनट 17 सेकंड
सूतक काल की पूरी जानकारी
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चंद्र ग्रहण से पहले सूतक काल माना जाता है।
- सूतक प्रारंभ: सुबह 9:20 बजे
- सूतक समाप्त: शाम 6:46 बजे
- बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों के लिए: दोपहर 3:00 बजे से सूतक मान्य
क्यों है यह ग्रहण खास?
- 2026 में भारत में दिखने वाला इकलौता चंद्र ग्रहण
- ब्लड मून का दुर्लभ दृश्य
- सूर्यास्त के समय दिखाई देने वाला खगोलीय नजारा
अगर मौसम साफ रहा, तो यह दृश्य खगोल प्रेमियों के लिए यादगार साबित हो सकता है।




