दक्षिण अटलांटिक क्षेत्र में एक क्रूज शिप से सामने आए हंता वायरस संक्रमण के मामलों ने अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO के अनुसार, ‘एमवी होंडियस’ क्रूज जहाज से जुड़े आठ लोगों में गंभीर श्वसन संबंधी बीमारी की जानकारी सामने आई है। इनमें पांच यात्रियों में एंडीज हंता वायरस संक्रमण की पुष्टि होने की बात कही गई है, जबकि तीन अन्य संदिग्ध मामलों की जांच जारी है। सामने आई जानकारी के मुताबिक, संक्रमित लोगों में से तीन मरीजों की मौत भी हो चुकी है।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब दुनिया भर में संक्रामक बीमारियों की निगरानी और संक्रमण को शुरुआती स्तर पर रोकने को लेकर स्वास्थ्य एजेंसियां लगातार सतर्क रहती हैं। हालांकि हंता वायरस और कोरोना वायरस के संक्रमण के तरीके में महत्वपूर्ण अंतर है, लेकिन क्रूज जहाज जैसी बंद और सीमित जगहों पर एक साथ बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के कारण किसी भी संक्रामक बीमारी की पहचान और निगरानी चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
एमवी होंडियस क्रूज शिप से जुड़ा है मामला
मिली जानकारी के अनुसार, संक्रमण का संबंध ‘एमवी होंडियस’ नामक क्रूज जहाज से बताया जा रहा है। यह जहाज दक्षिण अटलांटिक क्षेत्र में ब्रिटिश ओवरसीज टेरिटरी सेंट हेलेना के आसपास यात्रा कर रहा था। जहाज पर अलग-अलग देशों से आए यात्री और क्रू सदस्य मौजूद थे, जिसके कारण स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए संभावित संपर्कों की पहचान करना महत्वपूर्ण हो गया है।
WHO के अनुसार, जहाज पर मौजूद यात्रियों में से कुछ लोगों में गंभीर सांस संबंधी लक्षण सामने आने के बाद जांच की प्रक्रिया शुरू की गई। शुरुआती स्तर पर इस बीमारी को सामान्य श्वसन संक्रमण से जोड़कर देखा गया था, लेकिन जब एक से अधिक लोगों में समान प्रकार की गंभीर बीमारी सामने आई, तब विशेषज्ञों ने अन्य संभावित कारणों की भी जांच शुरू की।
एंडीज हंता वायरस की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य एजेंसियों ने मामले को गंभीरता से लेना शुरू किया। अब जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि संक्रमण का स्रोत क्या था और प्रभावित यात्रियों के संपर्क में आने वाले अन्य लोगों में संक्रमण का कोई जोखिम है या नहीं।
अब तक पांच लोगों में संक्रमण की पुष्टि
WHO की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के मुताबिक, आठ लोगों में गंभीर श्वसन बीमारी की स्थिति सामने आई है। इनमें पांच मामलों में एंडीज हंता वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है। वहीं तीन अन्य मामलों को लेकर जांच अभी जारी है।
इन मामलों में तीन लोगों की मौत की सूचना भी सामने आई है। गंभीर बीमारी और मृत्यु के मामलों के कारण स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस घटना की विस्तृत जांच कर रहे हैं। हालांकि, किसी भी संक्रमण के मामले में शुरुआती आंकड़ों को अंतिम स्थिति मानना उचित नहीं होता। जांच आगे बढ़ने के साथ संक्रमित लोगों की संख्या, संक्रमण के स्रोत और संभावित संपर्कों को लेकर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
स्वास्थ्य एजेंसियां इस बात पर भी नजर रख रही हैं कि जहाज से उतरने वाले यात्रियों में से किसी अन्य व्यक्ति में बीमारी के लक्षण विकसित होते हैं या नहीं। हंता वायरस के कुछ प्रकारों में लक्षण सामने आने में समय लग सकता है, इसलिए संपर्क में आए लोगों की निगरानी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
WHO ने 12 देशों को किया अलर्ट
क्रूज जहाज पर सवार यात्रियों के अलग-अलग देशों से होने के कारण संक्रमण की निगरानी केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। WHO ने उन 12 देशों को सतर्क किया है, जहां इस जहाज से यात्रा करने वाले यात्री उतर चुके हैं।
इन देशों में अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, जर्मनी, स्वीडन, सिंगापुर, स्विट्जरलैंड, न्यूजीलैंड, डेनमार्क, नीदरलैंड्स, तुर्की और सेंट किट्स एंड नेविस शामिल बताए गए हैं।
इन देशों के स्वास्थ्य अधिकारियों को संभावित संक्रमित यात्रियों और उनके संपर्क में आए लोगों की निगरानी करने के लिए कहा गया है। इसका उद्देश्य किसी संभावित नए मामले की जल्द पहचान करना और जरूरत पड़ने पर समय रहते चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है।
इस तरह की निगरानी का मतलब यह नहीं है कि इन सभी देशों में संक्रमण फैल चुका है। इसका उद्देश्य केवल संभावित जोखिम वाले लोगों पर नजर रखना और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल जांच करना है।
WHO ने वैश्विक जोखिम को लेकर क्या कहा
जिनेवा में आयोजित एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान WHO प्रमुख टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस ने स्थिति को लेकर जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते उचित स्वास्थ्य सुरक्षा उपाय अपनाए जाएं तो संक्रमण को सीमित रखने में मदद मिल सकती है।
स्वास्थ्य संगठनों के लिए इस तरह के मामलों में सबसे महत्वपूर्ण कदम संक्रमित व्यक्ति की पहचान, उसके संपर्क में आए लोगों की निगरानी और संभावित संक्रमण के स्रोत का पता लगाना होता है। यही वजह है कि WHO और संबंधित देशों की स्वास्थ्य एजेंसियां इस मामले में लगातार समन्वय कर रही हैं।
चूंकि जहाज पर मौजूद लोग कई अलग-अलग देशों से आए थे, इसलिए यात्रियों के यात्रा रिकॉर्ड और संपर्कों की जानकारी भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है। आने वाले दिनों में निगरानी के दौरान यदि किसी व्यक्ति में लक्षण सामने आते हैं, तो उसकी जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
जहाज पर 23 देशों के 149 लोग मौजूद थे
‘एमवी होंडियस’ का संचालन करने वाली डच कंपनी ओशनवाइड एक्सपेडिशन्स के अनुसार, जहाज पर कुल 23 देशों के 149 लोग मौजूद थे। यात्रियों की यह अंतरराष्ट्रीय विविधता स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए संपर्कों का पता लगाने की प्रक्रिया को और महत्वपूर्ण बनाती है।
किसी क्रूज जहाज पर यात्रियों के एक साथ रहने के कारण लोग भोजन, मनोरंजन और अन्य सामूहिक सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि हंता वायरस के संक्रमण का सामान्य तरीका व्यक्ति से व्यक्ति संपर्क नहीं माना जाता, फिर भी बीमारी के संभावित स्रोत और संक्रमण के प्रकार की पुष्टि करना आवश्यक होता है।
विशेषज्ञों के लिए यह जानना भी जरूरी है कि प्रभावित यात्रियों ने यात्रा से पहले किन स्थानों का दौरा किया था और जहाज पर आने से पहले उनके संपर्क में कौन-कौन लोग आए थे। इसी जानकारी के आधार पर संक्रमण की संभावित श्रृंखला को समझने में मदद मिल सकती है।
एंडीज हंता वायरस क्या है
हंता वायरस एक वायरस समूह है, जिसके अलग-अलग प्रकार दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों में पाए जाते हैं। एंडीज वायरस इसी समूह का एक प्रकार है। हंता वायरस से होने वाली बीमारी में बुखार, मांसपेशियों में दर्द, कमजोरी और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं। गंभीर मामलों में फेफड़ों से जुड़ी जटिलताएं विकसित हो सकती हैं।
हंता वायरस के संक्रमण का सामान्य संबंध संक्रमित कृंतकों यानी चूहों और उनके मल-मूत्र या उनसे दूषित वातावरण के संपर्क से माना जाता है। संक्रमण का तरीका वायरस के प्रकार और भौगोलिक क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
एंडीज वायरस को लेकर विशेष सावधानी इसलिए भी बरती जाती है क्योंकि कुछ परिस्थितियों में सीमित मानव-से-मानव संक्रमण की संभावना देखी गई है। हालांकि इसका अर्थ यह नहीं है कि यह वायरस कोरोना वायरस की तरह तेजी से लोगों के बीच फैलता है। संक्रमण की प्रकृति और जोखिम का आकलन प्रत्येक मामले की परिस्थितियों के आधार पर किया जाता है।
संक्रमण के स्रोत का पता लगाने में जुटे विशेषज्ञ
स्वास्थ्य विशेषज्ञ अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्रूज जहाज पर संक्रमण की शुरुआत किस तरह हुई। जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह समझना है कि क्या प्रभावित यात्री पहले से संक्रमित होकर जहाज पर पहुंचे थे या जहाज के दौरान संक्रमण का कोई स्रोत मौजूद था।
यदि संक्रमण का स्रोत जहाज के भीतर पाया जाता है, तो स्वास्थ्य अधिकारियों को वहां मौजूद संभावित जोखिम वाले स्थानों और परिस्थितियों की भी जांच करनी होगी। इसके अलावा यात्रियों और क्रू सदस्यों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड की समीक्षा भी की जा सकती है।
जांच में यह भी देखा जा सकता है कि संक्रमित लोगों ने यात्रा के दौरान किन स्थानों का इस्तेमाल किया और उनके साथ कौन-कौन लोग लंबे समय तक संपर्क में रहे। इस तरह की जानकारी संभावित संपर्कों की पहचान करने में मदद करती है।
अर्जेंटीना से भेजी जा रही हैं टेस्ट किट
WHO की जानकारी के मुताबिक, अर्जेंटीना की प्रयोगशालाओं से लगभग 2,500 हंतावायरस टेस्ट किट पांच देशों को भेजी जा रही हैं। इन जांच किट का उद्देश्य संदिग्ध मामलों की जांच को तेज करना और संभावित संक्रमण की जल्द पहचान करना है।
किसी संक्रामक बीमारी के प्रकोप या संदिग्ध क्लस्टर के दौरान जांच की क्षमता बढ़ाना महत्वपूर्ण माना जाता है। इससे स्वास्थ्य अधिकारी यह समझ सकते हैं कि बीमारी कितने लोगों तक पहुंची है और कौन-कौन से मामले वास्तव में संक्रमण से जुड़े हैं।
जांच के परिणामों के आधार पर स्वास्थ्य एजेंसियां निगरानी का दायरा बढ़ाने या सीमित करने का निर्णय भी ले सकती हैं।
कैनेरी द्वीप समूह में दो संदिग्धों की निगरानी
इस बीच स्पेन के कैनेरी द्वीप समूह में दो संदिग्ध संक्रमित लोगों को एयर एंबुलेंस के जरिए अलग रखकर निगरानी में रखने की जानकारी सामने आई है। यह कदम संभावित संक्रमण के जोखिम को देखते हुए एहतियात के तौर पर उठाया गया है।
संदिग्ध मामलों में अलगाव और निगरानी का उद्देश्य बीमारी के संभावित प्रसार को रोकना और मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखना होता है। यदि जांच में संक्रमण की पुष्टि होती है, तो स्वास्थ्य अधिकारी उनके संपर्क में आए लोगों की पहचान कर सकते हैं।
फिलहाल इस मामले में जांच और निगरानी का काम जारी है। WHO तथा संबंधित देशों की स्वास्थ्य एजेंसियां संभावित नए मामलों की जानकारी जुटा रही हैं और यात्रियों की स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रख रही हैं। क्रूज जहाज से जुड़े यात्रियों की अंतरराष्ट्रीय आवाजाही को देखते हुए आने वाले दिनों में निगरानी और जांच के परिणाम इस पूरे मामले की वास्तविक स्थिति को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।




