हिमाचल के अति गरीब परिवारों को मिलेगी सामाजिक सुरक्षा की ‘गारंटी’, अपना परिवार सुखी परिवार योजना से जोड़े जा रहे जरूरतमंद

हिमाचल के अति गरीब परिवारों को मिलेगी सामाजिक सुरक्षा की ‘गारंटी’, अपना परिवार सुखी परिवार योजना से जोड़े जा रहे जरूरतमंद

हिमाचल प्रदेश सरकार ने अति निर्धन और जरूरतमंद परिवारों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने के लिए ‘मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ के तहत अभियान तेज कर दिया है। सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य ऐसे परिवारों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का एकीकृत लाभ उपलब्ध करवाना है, जो आर्थिक या सामाजिक कारणों से बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।

स्वास्थ्य मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कंडाघाट में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि सरकार प्रदेश के अति गरीब परिवारों के जीवन में स्थायी सुधार लाने के लिए उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध करवाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि कोई भी परिवार अभाव में जीवन जीने के लिए मजबूर न हो और प्रत्येक व्यक्ति सम्मान एवं गरिमा के साथ अपना जीवन व्यतीत कर सके।

मंत्री कंडाघाट खंड विकास अधिकारी कार्यालय में ‘मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ के नए लाभार्थियों के साथ आयोजित संवाद कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने योजना से जुड़े परिवारों से बातचीत की और उन्हें उपलब्ध करवाई जा रही विभिन्न सरकारी सुविधाओं की जानकारी भी दी।

कंडाघाट और सोलन के परिवार योजना से जुड़े

डॉ. शांडिल ने बताया कि योजना के तहत कंडाघाट विकास खंड में अब तक 798 परिवारों को जोड़ा जा चुका है। वहीं सोलन विकास खंड में 713 परिवार योजना के दायरे में आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि पात्र परिवारों की पहचान कर उन्हें सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का काम लगातार जारी है।

उन्होंने कहा कि अलग-अलग विभागों की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना सरकार की जिम्मेदारी है। कई बार आर्थिक रूप से कमजोर परिवार जानकारी के अभाव में सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाते। ऐसे परिवारों को चिन्हित कर उन्हें आवश्यक दस्तावेज पूरे करवाने और संबंधित योजनाओं से जोड़ने पर ध्यान दिया जा रहा है।

मंत्री ने कहा कि योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं है, बल्कि जरूरतमंद परिवारों को ऐसी सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध करवाना है, जिससे वे कठिन परिस्थितियों में भी सम्मानजनक जीवन जी सकें।

करीब दो लाख अति निर्धन लोगों को सुरक्षा देने का लक्ष्य

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि ‘मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ के माध्यम से प्रदेश के लगभग दो लाख अति निर्धन लोगों को विभिन्न सरकारी सुविधाओं की सुरक्षा उपलब्ध करवाने की योजना है।

इसके तहत पात्र परिवारों को स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, रोजगार, आवास और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा। योजना से जुड़े परिवारों को उनकी पात्रता के अनुसार हिमकेयर, सहारा योजना, स्वरोजगार के साधन, आवास सहायता, सस्ता राशन, 300 यूनिट तक निःशुल्क बिजली, पात्र महिलाओं को 1500 रुपये मासिक सहायता और समय पर पेंशन जैसी सुविधाओं से जोड़ने की बात कही गई है।

सरकार का जोर इस बात पर है कि जरूरतमंद परिवारों को अलग-अलग विभागों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें उनकी पात्रता के अनुसार विभिन्न योजनाओं का लाभ एक व्यवस्थित तरीके से मिल सके।

स्वास्थ्य से लेकर रोजगार तक सुविधाओं पर जोर

योजना में स्वास्थ्य सुरक्षा को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। पात्र परिवारों को हिमकेयर जैसी स्वास्थ्य संबंधी सुविधा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। वहीं गंभीर बीमारी या विशेष परिस्थितियों से जूझ रहे पात्र लोगों को सहारा योजना सहित अन्य उपलब्ध सहायता का लाभ दिलाने की व्यवस्था की जा रही है।

इसके अलावा जरूरतमंद परिवारों के सदस्यों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने पर भी जोर दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य ऐसे परिवारों को केवल सहायता पर निर्भर रखने के बजाय उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए रोजगार और स्वरोजगार के विकल्पों से जोड़ना भी है।

आवास की जरूरत वाले पात्र परिवारों को आवास सहायता और खाद्य सुरक्षा के लिए सस्ता राशन उपलब्ध करवाने की योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया भी इस पहल का हिस्सा है।

महिलाओं और पेंशन पात्र लोगों को भी लाभ

मंत्री ने कहा कि पात्र महिलाओं को 1500 रुपये मासिक सहायता और योग्य लोगों को समय पर पेंशन उपलब्ध करवाने की दिशा में भी योजना के तहत ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का मानना है कि वृद्धजन, विधवा, दिव्यांग और अन्य कमजोर वर्गों के लिए नियमित सामाजिक सुरक्षा सहायता उनके जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

इसी तरह बिजली से संबंधित सुविधा के तहत पात्र परिवारों को 300 यूनिट तक निःशुल्क बिजली का लाभ दिए जाने की बात कही गई है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के घरेलू खर्च पर पड़ने वाले बोझ को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

20 सितंबर तक आवेदन का मौका

स्वास्थ्य मंत्री ने पात्र परिवारों से योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करने की अपील की। उन्होंने बताया कि पात्र परिवार 20 सितंबर तक अधिकृत कार्यालय में आवेदन जमा कर सकते हैं।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र लोगों को आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों के बारे में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध करवाई जाए, ताकि किसी जरूरतमंद व्यक्ति को केवल दस्तावेजों या जानकारी के अभाव में योजना का लाभ लेने से वंचित न रहना पड़े।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने स्थानीय लोगों की समस्याएं भी सुनीं। विभिन्न लोगों ने अपने क्षेत्रों और व्यक्तिगत स्तर से जुड़ी समस्याएं उनके सामने रखीं। डॉ. शांडिल ने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

इन वर्गों को मिलेगा योजना का लाभ

कार्यक्रम में खंड विकास अधिकारी सोलन मंजुला कंवर ने योजना के लिए पात्रता संबंधी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि बेसहारा लोगों, वृद्धजनों, विधवाओं, तलाकशुदा महिलाओं, दिव्यांग व्यक्तियों और गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को योजना के तहत लाभ दिया जा सकता है।

इसके अलावा ऐसे परिवार भी योजना के लिए पात्र हो सकते हैं, जिनकी वार्षिक आय 75 हजार रुपये या इससे कम है। पात्रता निर्धारित करने के लिए संबंधित दस्तावेजों और सरकारी मानकों के आधार पर परिवारों की जांच की जाएगी।

उन्होंने कहा कि योजना का लाभ लेने के लिए पात्र लोगों को अपनी स्थिति के अनुसार आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। इनमें दिव्यांगता प्रमाण पत्र, चिकित्सा प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर की प्रति और स्वघोषणा पत्र शामिल हैं।

दस्तावेज पूरे रखना जरूरी

अधिकारियों ने पात्र परिवारों से अपील की कि वे आवेदन करने से पहले आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें। इससे आवेदन प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने में मदद मिलेगी। विशेष रूप से दिव्यांगता या गंभीर बीमारी के आधार पर लाभ लेने वाले आवेदकों के लिए संबंधित प्रमाण पत्र जरूरी होंगे।

परिवार की आर्थिक स्थिति से जुड़े मामलों में भी निर्धारित मानकों के अनुसार जानकारी और दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। विभागीय अधिकारी पात्रता की जांच के बाद लाभार्थियों को संबंधित योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएंगे।

स्थानीय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने पर जोर

कार्यक्रम में अधिकारियों ने बताया कि योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र परिवारों तक पहुंचाने के लिए स्थानीय स्तर पर जागरूकता बढ़ाना जरूरी है। कई बार ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले जरूरतमंद परिवारों को सरकारी योजनाओं की जानकारी समय पर नहीं मिल पाती।

ऐसे में पंचायत स्तर और विकास खंड स्तर पर लोगों को योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी देने की जरूरत है। कार्यक्रम के माध्यम से भी लाभार्थियों को सरकार की ओर से उपलब्ध करवाई जाने वाली विभिन्न सुविधाओं की जानकारी दी गई।

अधिकारियों को प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश

स्वास्थ्य मंत्री ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने के लिए आपसी तालमेल के साथ काम करना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से पात्र परिवारों की पहचान और उनके आवेदनों पर समयबद्ध कार्रवाई करने को कहा।

कार्यक्रम की शुरुआत में खंड विकास अधिकारी कंडाघाट ओमप्रकाश शर्मा ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और ‘मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ के तहत चल रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी दी।

कार्यक्रम में कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

कार्यक्रम में पूर्व सैनिक कल्याण विभाग के उपाध्यक्ष कर्नल संजय शांडिल, प्रदेश कांग्रेस महासचिव रमेश ठाकुर, खंड कांग्रेस समिति अध्यक्ष अमित ठाकुर, कंडाघाट पंचायत समिति अध्यक्ष इंदिरा चौहान, एसडीएम कंडाघाट गोपाल चंद शर्मा, सीडीपीओ कंडाघाट रक्षा देवी, तहसील कल्याण अधिकारी भूपाल भरत समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और योजना से जुड़े लाभार्थी मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान योजना के नए लाभार्थियों से संवाद कर उनकी आवश्यकताओं और समस्याओं को समझने का प्रयास किया गया। अधिकारियों ने पात्र परिवारों को उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी और आवेदन प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक बातें भी बताईं।

सरकार की इस पहल के तहत अब कंडाघाट और सोलन विकास खंडों में सैकड़ों परिवार योजना से जुड़ चुके हैं। आने वाले समय में अन्य पात्र परिवारों को भी इसके दायरे में लाने की प्रक्रिया जारी रहने की बात कही गई है। योजना के माध्यम से स्वास्थ्य, खाद्य, आवास, बिजली, पेंशन और स्वरोजगार जैसी जरूरतों को एक साथ जोड़कर अति निर्धन परिवारों को व्यापक सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध करवाने पर जोर दिया जा रहा है।