हॉकी वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए मुकाबले में रोमांच अपने चरम पर रहा। भारतीय टीम ने शानदार आक्रामक खेल दिखाते हुए पाकिस्तान को 5-3 से मात दी। इस जीत के साथ भारत ने टूर्नामेंट के अगले दौर यानी टॉप-8 में अपनी जगह पक्की कर ली, जबकि पाकिस्तान का वर्ल्ड कप अभियान यहीं समाप्त हो गया। मुकाबले में दोनों टीमों की ओर से कुल आठ गोल देखने को मिले और पूरे मैच के दौरान दबाव, तेज हमले और पेनल्टी कॉर्नर का सिलसिला जारी रहा।
नीदरलैंड के वैगनर हॉकी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही पाकिस्तान पर दबाव बनाए रखा। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाते हुए दो गोल किए। उनके अलावा फॉरवर्ड अभिषेक ने भी दो बार गेंद को पाकिस्तान के गोलपोस्ट में पहुंचाया। भारत का पांचवां गोल उपकप्तान हार्दिक सिंह के नाम रहा। दूसरी तरफ पाकिस्तान के लिए हन्नान शाहिद ने दो गोल और सुफियान खान ने एक गोल किया, लेकिन उनकी टीम भारतीय बढ़त को खत्म नहीं कर सकी।
शुरुआत से भारत का दबदबा
मैच की शुरुआत से ही भारतीय टीम ने आक्रामक रुख अपनाया। भारत को शुरुआती मिनटों में ही पेनल्टी कॉर्नर मिला और कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने इसका पूरा फायदा उठाया। उन्होंने पांचवें मिनट में शानदार ड्रैग फ्लिक के जरिए भारत को 1-0 की बढ़त दिला दी। शुरुआती गोल ने भारतीय टीम का आत्मविश्वास बढ़ाया और पाकिस्तान पर दबाव भी बढ़ने लगा।
कुछ ही मिनट बाद भारत ने अपनी बढ़त को और मजबूत कर लिया। 11वें मिनट में अभिषेक ने बेहतरीन फील्ड गोल करते हुए स्कोर 2-0 कर दिया। इस गोल के बाद पाकिस्तान के लिए मुकाबले में वापसी करना और मुश्किल नजर आने लगा। हालांकि पाकिस्तान ने हार नहीं मानी और भारतीय डिफेंस पर हमले तेज कर दिए।
भारतीय टीम की लगातार कोशिशों का असर अगले क्वार्टर में भी दिखाई दिया। 21वें मिनट में एक बार फिर भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला और हरमनप्रीत ने मौके को गोल में बदलने में कोई गलती नहीं की। उनके दूसरे गोल के साथ भारत की बढ़त 3-0 हो गई। कप्तान की दोनों गोल की मदद से भारत मुकाबले में मजबूत स्थिति में पहुंच चुका था।
पाकिस्तान ने की वापसी की कोशिश
तीन गोल से पिछड़ने के बाद पाकिस्तान ने आक्रामकता बढ़ाई। टीम को इसका फायदा 22वें मिनट में मिला, जब हन्नान शाहिद ने पाकिस्तान के लिए पहला गोल कर दिया। इस गोल से पाकिस्तानी खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ा और उन्होंने भारतीय सर्कल में दबाव बनाने की कोशिश की।
हालांकि पाकिस्तान के गोल का असर भारत के आक्रमण पर ज्यादा देर नहीं पड़ा। अगले ही मिनटों में अभिषेक ने एक और शानदार फील्ड गोल दागकर भारत की बढ़त को फिर से मजबूत कर दिया। 24वें मिनट में किए गए इस गोल के बाद स्कोर 4-1 हो गया।
इसी दौरान पाकिस्तान ने भी एक और गोल कर मुकाबले को रोमांचक बनाने की कोशिश की। सुफियान खान ने 24वें मिनट में गोल करते हुए भारत और पाकिस्तान के बीच अंतर को कम किया। इसके बाद कुछ समय तक दोनों टीमों के बीच तेज हॉकी देखने को मिली। पाकिस्तान लगातार गोल के मौके तलाश रहा था, जबकि भारत अपनी बढ़त को बनाए रखने के साथ-साथ जवाबी हमलों के जरिए स्कोर बढ़ाने की कोशिश कर रहा था।
हार्दिक सिंह ने बढ़ाई भारत की बढ़त
तीसरे क्वार्टर में भारत को एक और बड़ा मौका मिला। पाकिस्तानी खिलाड़ी अरशद की स्टिक से आदित्य के खिलाफ हुए फाउल के बाद भारत को पेनल्टी स्ट्रोक मिला। उपकप्तान हार्दिक सिंह ने इस अवसर को हाथ से जाने नहीं दिया और 35वें मिनट में गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया।
हार्दिक के इस गोल के बाद भारत 5-2 से आगे हो गया। इससे भारतीय टीम की स्थिति और मजबूत हो गई। दूसरी ओर पाकिस्तान के सामने अब मुकाबले में वापसी के लिए लगातार गोल करने की चुनौती थी।
पाकिस्तान ने आखिरी क्वार्टर में एक बार फिर जोर लगाया। हन्नान शाहिद ने 46वें मिनट में अपना दूसरा गोल करते हुए भारत की बढ़त को 5-3 कर दिया। इस गोल के बाद पाकिस्तान ने कुछ और मौके बनाने की कोशिश की, लेकिन भारतीय डिफेंस ने दबाव के बावजूद अपनी बढ़त को कायम रखा।
अंतिम सीटी बजने तक भारत ने स्कोर 5-3 बनाए रखा और इसी के साथ टीम ने पाकिस्तान के खिलाफ महत्वपूर्ण जीत हासिल कर ली।
ग्रुप-D में भारत दूसरे स्थान पर
इस जीत के बाद भारतीय टीम ने टूर्नामेंट में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। भारत ने ग्रुप-D में तीन मुकाबलों से छह अंक हासिल किए और दूसरे स्थान पर रहते हुए टॉप-8 में जगह बनाई। टीम ने प्रतियोगिता में अब तक दो मैच जीते हैं।
दूसरी ओर पाकिस्तान के लिए यह मुकाबला बेहद निराशाजनक रहा। टीम तीन मैचों के बाद सिर्फ एक अंक हासिल कर सकी और ग्रुप में तीसरे स्थान पर रही। भारत से मिली हार के साथ उसका टूर्नामेंट से सफर भी खत्म हो गया।
भारत के लिए यह जीत इसलिए भी अहम रही क्योंकि मुकाबले में टीम ने सिर्फ डिफेंस पर निर्भर रहने के बजाय आक्रमण में भी लगातार प्रभाव दिखाया। हरमनप्रीत और अभिषेक की जोड़ी ने पाकिस्तान की रक्षापंक्ति को काफी परेशान किया, जबकि हार्दिक सिंह के गोल ने भारत को निर्णायक बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
हरमनप्रीत बने टूर्नामेंट के सबसे बड़े गोल स्कोरर
पाकिस्तान के खिलाफ दो गोल करने के बाद भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह टूर्नामेंट के टॉप गोल स्कोरर बन गए हैं। उनके नाम अब कुल पांच गोल हो चुके हैं। इस प्रदर्शन से उन्होंने अपनी टीम को जीत दिलाने के साथ-साथ व्यक्तिगत रूप से भी बड़ी उपलब्धि हासिल की।
गोल स्कोररों की सूची में वेल्स के गैरेथ फर्लोंग चार गोल के साथ उनके पीछे हैं। भारत के अभिषेक भी बेहतरीन प्रदर्शन के कारण टूर्नामेंट के शीर्ष पांच गोल स्कोररों में शामिल हो गए हैं। पाकिस्तान के खिलाफ उनके दोनों फील्ड गोल भारतीय जीत की अहम वजह रहे।
हरमनप्रीत का प्रदर्शन भारत के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलना अंतरराष्ट्रीय हॉकी में मैच का रुख बदल सकता है। कप्तान ने दोनों मौकों को गोल में तब्दील कर अपनी टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई और पाकिस्तान पर दबाव बनाए रखा।
पाकिस्तान के खिलाफ भारत का दबदबा बरकरार
भारत और पाकिस्तान के बीच हॉकी मुकाबलों का इतिहास काफी पुराना और रोमांचक रहा है। दोनों टीमों के बीच होने वाले मैचों को लेकर हमेशा दर्शकों में खास उत्साह रहता है। इस जीत के साथ भारत ने पिछले कई वर्षों से पाकिस्तान के खिलाफ चले आ रहे अपने दबदबे को भी कायम रखा।
पिछले 10 वर्षों में दोनों टीमों के बीच कुल 20 मुकाबले खेले गए हैं। इनमें भारत ने 18 मैचों में जीत हासिल की है, जबकि दो मुकाबले ड्रॉ रहे। पाकिस्तान को इस अवधि में भारत के खिलाफ जीत नहीं मिली है। पाकिस्तान ने आखिरी बार 2016 के साउथ एशियन गेम्स के फाइनल में भारत को 1-0 से हराया था।
अब पाकिस्तान के खिलाफ यह भारत की लगातार छठी जीत है। इससे साफ है कि हाल के वर्षों में भारतीय हॉकी टीम ने पड़ोसी टीम पर अपना दबदबा काफी मजबूत किया है।
वर्ल्ड कप में भी भारत का रिकॉर्ड बेहतर
हॉकी वर्ल्ड कप के मंच पर भी भारत का रिकॉर्ड पाकिस्तान के खिलाफ बेहतर रहा है। दोनों टीमों के बीच विश्व कप में अब तक छह मुकाबले खेले गए हैं, जिनमें भारत ने चार मैच अपने नाम किए हैं। पाकिस्तान भी इस ऐतिहासिक प्रतिद्वंद्विता में कई यादगार जीत दर्ज कर चुका है, लेकिन मौजूदा दौर में भारत का प्रदर्शन लगातार मजबूत रहा है।
5-3 की यह जीत भारतीय टीम के लिए सिर्फ एक और ग्रुप मैच की जीत नहीं है। इस सफलता ने टीम को टूर्नामेंट के अगले चरण में पहुंचा दिया है और खिलाड़ियों का आत्मविश्वास भी बढ़ाया है। अब भारत की नजर टॉप-8 के मुकाबलों पर होगी, जहां चुनौती पहले से कहीं ज्यादा कठिन होगी।
पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में भारतीय टीम ने आक्रमण, पेनल्टी कॉर्नर और दबाव के बीच संयम का बेहतरीन संतुलन दिखाया। हरमनप्रीत सिंह और अभिषेक के दो-दो गोल तथा हार्दिक सिंह के निर्णायक गोल ने जीत की कहानी लिखी। पाकिस्तान ने तीन गोल करके मैच को रोमांचक जरूर बनाया, लेकिन भारतीय टीम ने आखिरी तक अपनी बढ़त बरकरार रखी।
इस जीत के साथ भारत ने एक बार फिर साबित किया कि बड़े मुकाबलों में दबाव झेलते हुए वह निर्णायक प्रदर्शन करने की क्षमता रखता है। अब टीम का लक्ष्य केवल टॉप-8 में पहुंचने तक सीमित नहीं होगा, बल्कि अगले दौर में जीत दर्ज कर वर्ल्ड कप के खिताब की दौड़ में आगे बढ़ना होगा।




