भारतीय पुरुष हॉकी टीम को वर्ल्ड कप के पूल-डी मुकाबले में इंग्लैंड के हाथों 4-2 से हार का सामना करना पड़ा। एम्सटेलवीन के वैगेनर स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में भारत ने शुरुआत में शानदार प्रदर्शन किया और एक समय 2-1 की बढ़त भी बना ली थी। हालांकि, मुकाबले के दूसरे हाफ में इंग्लैंड ने जोरदार वापसी करते हुए लगातार तीन गोल दागे और मैच पूरी तरह अपने पक्ष में कर लिया।
भारत के लिए यह हार इसलिए भी निराशाजनक रही क्योंकि टीम पहले हाफ में बेहतर स्थिति में थी। कप्तान हरमनप्रीत सिंह और दिलप्रीत सिंह ने भारत के लिए गोल किए, लेकिन इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने दूसरे हाफ में भारतीय डिफेंस पर लगातार दबाव बनाया। निकोलस बंडुराक इस मुकाबले में इंग्लैंड की जीत के सबसे बड़े नायक रहे। उन्होंने पेनल्टी कॉर्नर के जरिए दो गोल किए।
इस हार के बाद भारत के सामने अब अगले मुकाबले में बड़ी चुनौती है। टीम का सामना 19 अगस्त को चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से होगा। वर्ल्ड कप के ग्रुप चरण में यह मुकाबला भारत के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि अगले दौर में जगह मजबूत करने के लिए टीम को इस मैच में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
भारत ने शुरुआत में बनाया दबाव, लेकिन इंग्लैंड ने खोला खाता
मैच की शुरुआत भारतीय टीम ने आक्रामक अंदाज में की। भारत ने शुरुआती मिनटों में गेंद पर पकड़ बनाने की कोशिश की और इंग्लैंड के सर्कल में पहुंचकर मौके भी बनाए। छठे मिनट में भारत को गोल करने का अच्छा अवसर मिला था। जरमनप्रीत सिंह ने शॉट लगाया, लेकिन गेंद गोल पोस्ट के बाहर निकल गई।
भारत के इस मौके को भुनाने से पहले ही इंग्लैंड ने अपना दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया। 14वें मिनट में इंग्लैंड को पेनल्टी कॉर्नर मिला। निकोलस बंडुराक ने इस मौके का शानदार फायदा उठाया। उन्होंने तेज शॉट लगाकर गेंद को भारतीय गोल में पहुंचा दिया। भारतीय गोलकीपर मोहित के पास इस तेज प्रयास पर प्रतिक्रिया देने का पर्याप्त समय नहीं था।
इस गोल के साथ इंग्लैंड ने मुकाबले में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। शुरुआती क्वार्टर में भारत के खिलाड़ियों ने बराबरी हासिल करने की कोशिश की, लेकिन इंग्लैंड का डिफेंस काफी सतर्क नजर आया।
कप्तान हरमनप्रीत ने दिलाई बराबरी
पहले क्वार्टर में पिछड़ने के बाद भारतीय टीम ने दूसरे क्वार्टर में अपने खेल की गति बढ़ा दी। भारतीय खिलाड़ियों ने इंग्लैंड के डिफेंस पर लगातार दबाव बनाया और इसका फायदा 17वें मिनट में मिला।
भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला और कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने इसे गोल में बदलने में कोई गलती नहीं की। उनके शानदार प्रयास से भारत ने स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। इस गोल के बाद भारतीय खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ा और टीम ने इंग्लैंड पर आक्रमण और तेज कर दिया।
भारत ने इसके बाद सिर्फ बराबरी पर संतोष नहीं किया। टीम ने इंग्लैंड के सर्कल में लगातार प्रवेश किया और 24वें मिनट में उसे इसका फायदा भी मिला।
दिलप्रीत के गोल से भारत ने पलटा मैच
24वें मिनट में हार्दिक और अभिषेक ने मिलकर शानदार मूव तैयार किया। दोनों खिलाड़ियों के तालमेल के बाद गेंद दिलप्रीत सिंह तक पहुंची। दिलप्रीत ने मौके का पूरा फायदा उठाते हुए फील्ड गोल कर दिया।
इस गोल के साथ भारत ने 2-1 की बढ़त हासिल कर ली। कुछ ही मिनटों में 0-1 से पिछड़ रही भारतीय टीम अब 2-1 से आगे थी। दूसरे क्वार्टर के बाकी समय में इंग्लैंड ने बराबरी करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय डिफेंस ने उसे कामयाब नहीं होने दिया।
हाफ टाइम तक भारत के पक्ष में 2-1 का स्कोर रहा। उस समय ऐसा लग रहा था कि भारतीय टीम मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत कर सकती है।
तीसरे क्वार्टर में इंग्लैंड ने बदली कहानी
हाफ टाइम के बाद मुकाबले की तस्वीर पूरी तरह बदल गई। इंग्लैंड ने तीसरे क्वार्टर की शुरुआत से ही भारतीय खिलाड़ियों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। भारत की डिफेंस लाइन को लगातार पीछे धकेला गया और इंग्लैंड ने गोल करने के कई मौके तैयार किए।
39वें मिनट में इंग्लैंड को आखिरकार बराबरी मिल गई। स्टुअर्ट रशमेयर ने शानदार फ्लिक के जरिए गेंद को डिफ्लेक्ट करते हुए गोल कर दिया। इस गोल के बाद स्कोर 2-2 हो गया।
बराबरी के बाद इंग्लैंड का आत्मविश्वास और बढ़ गया। भारत अभी इस झटके से उबर भी नहीं पाया था कि इंग्लैंड ने एक और हमला तैयार कर दिया।
44वें मिनट में स्टुअर्ट रशमेयर ने गेंद हेनरी क्रॉफ्ट की ओर पहुंचाई। क्रॉफ्ट ने बिना ज्यादा समय गंवाए जोरदार हिट लगाई और गेंद को गोल पोस्ट के निचले कोने में पहुंचा दिया। इस गोल के साथ इंग्लैंड ने 3-2 की बढ़त हासिल कर ली।
यानी कुछ ही मिनटों के अंतर में भारत की 2-1 की बढ़त खत्म हो गई और इंग्लैंड 3-2 से आगे निकल गया। तीसरे क्वार्टर के अंत तक भारतीय टीम दबाव में दिखाई दी।
चौथे क्वार्टर में भारत नहीं कर सका वापसी
आखिरी क्वार्टर में भारत को मुकाबले में वापस आने के लिए गोल की जरूरत थी। भारतीय खिलाड़ियों ने आक्रमण तेज किया और कई बार इंग्लैंड के गोल पोस्ट के आसपास पहुंचने की कोशिश की।
51वें मिनट में अभिषेक के पास बराबरी का शानदार मौका आया। उन्होंने गोल की दिशा में शॉट लगाया, लेकिन गेंद पोस्ट के बेहद करीब से निकल गई। यह भारत के लिए मैच में वापसी का महत्वपूर्ण अवसर था, लेकिन टीम उसे गोल में नहीं बदल सकी।
इसके बाद इंग्लैंड ने अपने डिफेंस को मजबूत करने के साथ-साथ भारतीय सर्कल में दबाव बनाए रखा। 54वें मिनट में उसे एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला।
बंडुराक ने दूसरी बार किया गोल
पेनल्टी कॉर्नर के दौरान बंडुराक ने भारतीय डिफेंस पर दबाव बनाया। इस दौरान गेंद भारतीय खिलाड़ी सुमित के पैर से टकराई और इंग्लैंड को गोल का मौका मिला।
बंडुराक ने एक बार फिर जिम्मेदारी संभाली और पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदल दिया। यह उनका मुकाबले का दूसरा गोल था। उनके इस प्रयास से इंग्लैंड ने अपनी बढ़त 4-2 कर ली।
दो गोल से पीछे होने के बाद भारतीय टीम के लिए वापसी बेहद मुश्किल हो गई। आखिरी मिनटों में भारत ने कई प्रयास किए, लेकिन इंग्लैंड के डिफेंस को भेदकर गोल नहीं कर सका। आखिरकार मुकाबला 4-2 के स्कोर पर इंग्लैंड के नाम रहा।
32 साल से इंग्लैंड के खिलाफ जीत का इंतजार
इस हार के साथ वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ भारत की जीत का इंतजार और लंबा हो गया है। भारतीय टीम ने आखिरी बार 1994 के वर्ल्ड कप में इंग्लैंड को हराया था। उसके बाद विश्व कप के मंच पर इंग्लैंड के खिलाफ भारत को जीत हासिल करने के लिए लगातार संघर्ष करना पड़ा है।
इस मुकाबले में भारत ने पहले हाफ में जिस तरह का खेल दिखाया था, उससे जीत की उम्मीदें बढ़ गई थीं। लेकिन दूसरे हाफ में इंग्लैंड की रणनीति और आक्रामक हॉकी ने मैच का रुख बदल दिया।
पूल-डी में इंग्लैंड सबसे आगे
इंग्लैंड ने इस जीत के साथ पूल-डी में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। टीम ने टूर्नामेंट में लगातार दूसरी जीत दर्ज की है और दो मैचों से दो जीत हासिल कर ग्रुप में शीर्ष स्थान पर बनी हुई है।
भारत ने टूर्नामेंट में अब तक एक मुकाबला जीता है और एक में उसे हार मिली है। ऐसे में टीम के लिए आगे का हर मुकाबला महत्वपूर्ण हो गया है। खासकर पाकिस्तान के खिलाफ होने वाला अगला मैच भारत की स्थिति के लिहाज से काफी अहम रहने वाला है।
19 अगस्त को भारत-पाकिस्तान आमना-सामना
भारतीय टीम अब 19 अगस्त को पाकिस्तान के खिलाफ मैदान पर उतरेगी। दोनों देशों के बीच हॉकी मुकाबले हमेशा से ही काफी रोमांचक रहे हैं और वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर इस मैच का महत्व और बढ़ जाता है।
इंग्लैंड के खिलाफ मिली हार के बाद भारतीय टीम को अपनी गलतियों से सबक लेकर अगले मैच में उतरना होगा। खासतौर पर दूसरे हाफ में डिफेंस की कमजोरियों और इंग्लैंड को लगातार मिले अवसरों पर टीम को काम करना होगा।
भारत के पास अब पाकिस्तान के खिलाफ जीत दर्ज कर टूर्नामेंट में वापसी करने का मौका है। इंग्लैंड के खिलाफ पहले हाफ में मिली 2-1 की बढ़त यह दिखाती है कि भारतीय टीम में मुकाबला जीतने की क्षमता है। जरूरत सिर्फ इस प्रदर्शन को पूरे 60 मिनट तक कायम रखने की है।
अब सभी की निगाहें 19 अगस्त के भारत-पाकिस्तान मुकाबले पर रहेंगी, जहां भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ मिली हार को पीछे छोड़कर टूर्नामेंट में अपनी स्थिति मजबूत करने के इरादे से उतरेगी।




