T20 वर्ल्ड कप 2026: ICC ने घोषित की टूर्नामेंट की बेस्ट प्लेइंग XI, भारत के 4 खिलाड़ियों को मिली जगह

T20 वर्ल्ड कप 2026: ICC ने घोषित की टूर्नामेंट की बेस्ट प्लेइंग XI, भारत के 4 खिलाड़ियों को मिली जगह

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के समापन के बाद टूर्नामेंट की “टीम ऑफ द टूर्नामेंट” (Best Playing XI) की घोषणा कर दी है। इस विशेष टीम में पूरे टूर्नामेंट के दौरान शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को शामिल किया गया है। विश्व चैंपियन बनी भारतीय टीम के चार खिलाड़ियों को इस प्लेइंग इलेवन में जगह मिली है, जो पूरे टूर्नामेंट में उनके बेहतरीन प्रदर्शन का प्रमाण माना जा रहा है।

भारत की ओर से संजू सैमसन, ईशान किशन, हार्दिक पांड्या और जसप्रीत बुमराह को इस प्रतिष्ठित टीम में शामिल किया गया है। वहीं दक्षिण अफ्रीका के कप्तान एडेन मार्करम को इस टीम का कप्तान बनाया गया है। पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज साहिबजादा फरहान को भी टीम में स्थान मिला है, जिन्होंने पूरे टूर्नामेंट में सबसे अधिक रन बनाकर बल्लेबाजी में अपनी छाप छोड़ी।

आईसीसी द्वारा घोषित यह टीम विभिन्न देशों के उन खिलाड़ियों का चयन है जिन्होंने बल्लेबाजी, गेंदबाजी, ऑलराउंड प्रदर्शन और नेतृत्व के क्षेत्र में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

भारत के चार खिलाड़ियों को मिला सम्मान

टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने वाली भारतीय टीम का प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट में संतुलित और प्रभावशाली रहा। बल्लेबाजी, गेंदबाजी और ऑलराउंड प्रदर्शन के दम पर भारत ने खिताब अपने नाम किया।

इसी प्रदर्शन को देखते हुए भारतीय टीम के चार खिलाड़ियों को आईसीसी की बेस्ट प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया। इन खिलाड़ियों ने अलग-अलग परिस्थितियों में मैच जिताने वाले प्रदर्शन किए और टीम की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

संजू सैमसन और ईशान किशन ने बल्लेबाजी में लगातार रन बनाए, जबकि हार्दिक पांड्या ने बल्ले और गेंद दोनों से अहम भूमिका निभाई। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने पूरे टूर्नामेंट में भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई करते हुए कई महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए।

एडेन मार्करम बने टीम के कप्तान

दक्षिण अफ्रीका के अनुभवी बल्लेबाज एडेन मार्करम को आईसीसी ने टीम ऑफ द टूर्नामेंट का कप्तान चुना है।

मार्करम ने पूरे टूर्नामेंट में अपनी टीम का नेतृत्व करते हुए दक्षिण अफ्रीका को सेमीफाइनल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बल्लेबाजी के साथ-साथ कप्तानी में भी संतुलित फैसले लिए, जिसके कारण उन्हें इस सम्मान के लिए चुना गया।

आईसीसी आमतौर पर टीम ऑफ द टूर्नामेंट के कप्तान का चयन प्रदर्शन और नेतृत्व दोनों को ध्यान में रखकर करती है।

साहिबजादा फरहान बने टूर्नामेंट के टॉप स्कोरर

पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज साहिबजादा फरहान को बतौर ओपनर इस टीम में शामिल किया गया है।

उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 383 रन बनाए और सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बने। उनकी लगातार बड़ी पारियों ने पाकिस्तान को कई मुकाबलों में मजबूत शुरुआत दिलाई।

फरहान की आक्रामक बल्लेबाजी और निरंतर प्रदर्शन के कारण उन्हें टीम ऑफ द टूर्नामेंट में जगह मिलना लगभग तय माना जा रहा था।

संजू सैमसन को विकेटकीपर और ओपनर की जिम्मेदारी

भारतीय बल्लेबाज संजू सैमसन को टीम में बतौर सलामी बल्लेबाज और विकेटकीपर शामिल किया गया है।

संजू ने पूरे टूर्नामेंट में पांच पारियों में 321 रन बनाए और कई मैचों में भारत को मजबूत शुरुआत दिलाई। उनके प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी (Player of the Tournament) भी चुना गया।

वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के खिलाफ उनकी मैच जिताऊ पारियां काफी चर्चा में रहीं। वहीं फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड के खिलाफ उन्होंने 89 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली।

बताया गया कि यह स्कोर टी20 विश्व कप फाइनल के इतिहास में किसी बल्लेबाज द्वारा बनाया गया सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर रहा।

ईशान किशन ने भी दिखाई शानदार फॉर्म

भारतीय बल्लेबाज ईशान किशन ने भी पूरे टूर्नामेंट में आक्रामक बल्लेबाजी का शानदार प्रदर्शन किया।

उन्होंने कुल 317 रन बनाए और लगभग 193.29 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। तेज रन गति से खेलने की उनकी क्षमता ने भारत को कई मुकाबलों में मजबूत स्थिति दिलाई।

पाकिस्तान के खिलाफ खेली गई 77 रन की पारी और फाइनल में लगाया गया अर्धशतक भारतीय टीम की जीत में बेहद अहम माना गया।

ईशान किशन की निरंतरता और आक्रामक शैली के कारण उन्हें भी आईसीसी की सर्वश्रेष्ठ टीम में स्थान मिला।

हार्दिक पांड्या का ऑलराउंड प्रदर्शन रहा शानदार

भारतीय ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या ने बल्ले और गेंद दोनों से टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया।

उन्होंने पूरे टूर्नामेंट के दौरान दो अर्धशतक लगाए और साथ ही गेंदबाजी में 9 विकेट भी अपने नाम किए।

कई मुकाबलों में हार्दिक ने दबाव के समय तेज रन बनाए और महत्वपूर्ण विकेट लेकर मैच का रुख भारत के पक्ष में मोड़ने में भूमिका निभाई।

उनके संतुलित ऑलराउंड प्रदर्शन के कारण उन्हें टीम ऑफ द टूर्नामेंट में शामिल किया गया।

जसप्रीत बुमराह बने भारतीय गेंदबाजी की ताकत

भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार गेंदबाजी करते हुए 8 मैचों में 14 विकेट हासिल किए।

उन्होंने नई गेंद और डेथ ओवर दोनों में प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उनकी सटीक लाइन-लेंथ और दबाव में विकेट लेने की क्षमता भारतीय टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई।

फाइनल मुकाबले में बुमराह ने चार विकेट लेकर न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी को बड़ा झटका दिया और भारत की जीत में निर्णायक भूमिका निभाई।

उनके इस प्रदर्शन के लिए उन्हें फाइनल का प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया।

इंग्लैंड, वेस्टइंडीज, जिम्बाब्वे और दक्षिण अफ्रीका के खिलाड़ियों को भी मिली जगह

आईसीसी द्वारा घोषित टीम में इंग्लैंड के विल जैक्स और अनुभवी स्पिनर आदिल राशिद को भी शामिल किया गया है।

इसके अलावा वेस्टइंडीज के अनुभवी ऑलराउंडर जेसन होल्डर को भी टीम में स्थान मिला है।

जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजारबानी ने अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं को प्रभावित किया और उन्हें भी प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया।

दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज लुंगी एनगिडी को गेंदबाजी आक्रमण का हिस्सा बनाया गया है।

वहीं अमेरिका के शैडली वैन शाल्कविक को टीम का 12वां खिलाड़ी चुना गया।

सूर्यकुमार यादव को नहीं मिली जगह

टीम ऑफ द टूर्नामेंट की घोषणा के बाद सबसे अधिक चर्चा भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव के चयन न होने को लेकर हुई।

भारत को विश्व चैंपियन बनाने वाले कप्तान होने के बावजूद उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं किया गया।

सूर्यकुमार यादव ने पूरे टूर्नामेंट में 9 मैचों में 242 रन बनाए थे, लेकिन चयन समिति ने अन्य बल्लेबाजों के प्रदर्शन को प्राथमिकता दी।

अभिषेक शर्मा और वरुण चक्रवर्ती भी रहे बाहर

भारतीय टीम के अन्य प्रमुख खिलाड़ियों अभिषेक शर्मा और वरुण चक्रवर्ती को भी टीम ऑफ द टूर्नामेंट में स्थान नहीं मिला।

अभिषेक शर्मा ने आठ मुकाबलों में 141 रन बनाए थे, जबकि स्पिनर वरुण चक्रवर्ती ने पूरे टूर्नामेंट में 14 विकेट हासिल किए।

इसके बावजूद अंतिम चयन में उन्हें जगह नहीं दी गई, जिससे क्रिकेट प्रशंसकों के बीच इस चयन को लेकर चर्चा शुरू हो गई।

न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया का कोई खिलाड़ी शामिल नहीं

इस बार की टीम ऑफ द टूर्नामेंट की एक और उल्लेखनीय बात यह रही कि फाइनल खेलने वाली न्यूजीलैंड टीम का एक भी खिलाड़ी प्लेइंग इलेवन में स्थान नहीं बना सका।

इसी तरह ऑस्ट्रेलिया का भी कोई खिलाड़ी इस सूची में शामिल नहीं है। ऑस्ट्रेलियाई टीम ग्रुप चरण में जिम्बाब्वे से हारने के बाद टूर्नामेंट से बाहर हो गई थी, जिसके कारण उसके खिलाड़ियों का चयन नहीं हो सका।

आईसीसी की टीम ऑफ द टूर्नामेंट का चयन पूरे प्रतियोगिता में खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन, निरंतरता, मैच जिताने वाले योगदान और विभिन्न परिस्थितियों में प्रभाव को ध्यान में रखकर किया जाता है। इस बार घोषित टीम में भारत के चार खिलाड़ियों का शामिल होना विश्व चैंपियन टीम के शानदार अभियान को दर्शाता है, जबकि विभिन्न देशों के अन्य खिलाड़ियों को भी उनके उत्कृष्ट व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर सम्मानित किया गया है।