मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान अपनी आय बढ़ाने के लिए नई रणनीति पर काम कर रहा है। खबर है कि वह दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री रास्तों में से एक, Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों पर टोल टैक्स लगाने की योजना बना रहा है। यह वही मार्ग है, जहां से वैश्विक तेल और एलएनजी सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान हर बैरल तेल पर करीब 1 डॉलर का शुल्क तय कर सकता है। यदि यह प्रस्ताव लागू हो जाता है, तो उसे सालाना 70 से 80 अरब डॉलर तक की कमाई हो सकती है, जो उसकी मौजूदा तेल निर्यात आय से भी कहीं ज्यादा होगी।
दिलचस्प बात यह है कि हाल के वर्षों में भी ईरान की तेल आय में बढ़ोतरी देखी गई है। 2023 में जहां उसे लगभग 41 अरब डॉलर मिले थे, वहीं 2024 में यह आंकड़ा 46 अरब डॉलर से ऊपर पहुंच गया। फिलहाल देश रोजाना करीब 1.6 मिलियन बैरल तेल का निर्यात कर रहा है, जिससे उसकी दैनिक कमाई तेजी से बढ़ रही है।
हालांकि, इस योजना के पीछे का समय भी काफी अहम है। हाल ही में अमेरिका और इजराइल के साथ बढ़े तनाव के दौरान ईरान ने कुछ समय के लिए इस समुद्री रास्ते को बंद कर दिया था, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में उछाल आया। बाद में Donald Trump की पहल पर दोनों देशों के बीच अस्थायी युद्धविराम हुआ, जिससे हालात थोड़े सामान्य हुए।
तनाव का असर समुद्री यातायात पर भी साफ नजर आया। सैकड़ों तेल टैंकर रास्ते में अटक गए और खाड़ी क्षेत्र में जहाजों की लंबी कतारें लग गईं। अब वैश्विक बाजार की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या ईरान वास्तव में टोल वसूली शुरू करता है। अगर ऐसा होता है, तो यह न केवल उसकी अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगा, बल्कि पूरी दुनिया के तेल कारोबार पर भी बड़ा असर डाल सकता है।




