10 जून 2026 बना ऐतिहासिक दिन: PM मोदी ने नेहरू का रिकॉर्ड छोड़ा पीछे, जानिए किस प्रधानमंत्री ने कितने दिन संभाली देश की कमान

10 जून 2026 बना ऐतिहासिक दिन: PM मोदी ने नेहरू का रिकॉर्ड छोड़ा पीछे, जानिए किस प्रधानमंत्री ने कितने दिन संभाली देश की कमान

मोदी ने बनाया नया रिकॉर्ड

भारतीय राजनीति में 10 जून 2026 का दिन खास बन गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दिन निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में 4,399 दिन पूरे कर लिए। इसके साथ ही उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के 4,398 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। लगातार तीन चुनाव जीतकर सत्ता में लौटने वाले मोदी अब निर्वाचित प्रधानमंत्रियों की सूची में सबसे लंबा कार्यकाल पूरा करने वाले नेता बन गए हैं। हालांकि कुल अवधि के हिसाब से विभिन्न प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल को जोड़ने पर तस्वीर अलग दिखाई देती है, लेकिन लगातार चुनाव जीतकर प्रधानमंत्री बने रहने के मामले में मोदी ने नया इतिहास रच दिया है।

आजादी से पहले ही नेहरू के हाथ में थी कमान

भारत की स्वतंत्रता से लगभग एक वर्ष पहले 2 सितंबर 1946 को अंतरिम सरकार का गठन हुआ था। उस सरकार में जवाहरलाल नेहरू वायसराय की कार्यकारी परिषद के उपाध्यक्ष बने थे। उस पद को उस समय प्रधानमंत्री के समकक्ष माना जाता था।

15 अगस्त 1947 को देश को आजादी मिलने के बाद नेहरू स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री बने। 1952, 1957 और 1962 के आम चुनावों में कांग्रेस ने उनकी अगुआई में लगातार जीत हासिल की। नेहरू 27 मई 1964 तक प्रधानमंत्री रहे। पहले आम चुनाव के बाद से उनका निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल 4,398 दिनों का था, जबकि अंतरिम सरकार की अवधि को जोड़ दिया जाए तो वे 6,130 दिनों तक देश की बागडोर संभालते रहे।

गुलजारी लाल नंदा बने दो बार कार्यवाहक प्रधानमंत्री

नेहरू के निधन के बाद तत्कालीन गृह मंत्री गुलजारी लाल नंदा को कार्यवाहक प्रधानमंत्री बनाया गया। उन्होंने 27 मई 1964 से 9 जून 1964 तक यह जिम्मेदारी निभाई। कुछ वर्ष बाद जब प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का निधन हुआ, तब नंदा को दूसरी बार भी कार्यवाहक प्रधानमंत्री बनाया गया। 11 जनवरी 1966 से 24 जनवरी 1966 तक उन्होंने फिर यह दायित्व संभाला। इस तरह वे दो बार देश के कार्यवाहक प्रधानमंत्री रहे।

शास्त्री का छोटा लेकिन यादगार कार्यकाल

9 जून 1964 को लाल बहादुर शास्त्री प्रधानमंत्री बने। उनके कार्यकाल में 1965 का भारत-पाकिस्तान युद्ध हुआ, जिसमें भारत ने मजबूती से जवाब दिया। युद्ध के बाद ताशकंद में शांति समझौते के लिए गए शास्त्री का 11 जनवरी 1966 को अचानक निधन हो गया। प्रधानमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल केवल 581 दिनों का रहा, लेकिन उनकी सादगी और नेतृत्व आज भी याद किए जाते हैं।

इंदिरा गांधी ने चार बार संभाली सत्ता

1966 में इंदिरा गांधी पहली बार प्रधानमंत्री बनीं। उन्होंने कांग्रेस के भीतर मोरारजी देसाई को हराकर यह पद हासिल किया था। 1967 और 1971 के चुनावों में जीत के बाद वे लगातार सत्ता में बनी रहीं। आपातकाल के दौरान लोकसभा का कार्यकाल बढ़ने से उनका पहला चरण लंबा चला और 24 मार्च 1977 तक वे प्रधानमंत्री रहीं। इस दौरान उन्होंने 4,077 दिन पद संभाला। 1977 में कांग्रेस की हार के बाद उनकी सत्ता चली गई, लेकिन राजनीतिक सफर यहीं नहीं रुका।

पहली गैर-कांग्रेसी सरकार और मोरारजी देसाई

1977 के चुनाव में जनता पार्टी सत्ता में आई और मोरारजी देसाई देश के पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री बने। उन्होंने 24 मार्च 1977 से 28 जुलाई 1979 तक सरकार चलाई। हालांकि जनता पार्टी के अंदर बढ़ते विवाद और गुटबाजी के कारण उनकी सरकार ज्यादा समय तक नहीं टिक सकी। उनका कुल कार्यकाल 856 दिनों का रहा।

चौधरी चरण सिंह को संसद का सामना करने का मौका नहीं मिला

मोरारजी देसाई सरकार गिरने के बाद कांग्रेस के समर्थन से चौधरी चरण सिंह प्रधानमंत्री बने। उन्होंने 28 जुलाई 1979 को शपथ ली। लेकिन संसद में बहुमत साबित करने से पहले ही कांग्रेस ने समर्थन वापस ले लिया। नतीजा यह हुआ कि वे ऐसे प्रधानमंत्री बने जिन्हें लोकसभा में विश्वास मत का सामना करने का मौका भी नहीं मिला। कार्यवाहक अवधि सहित वे 170 दिन तक प्रधानमंत्री पद पर रहे।

इंदिरा गांधी की सत्ता में वापसी

1980 के चुनाव में कांग्रेस ने जोरदार वापसी की और इंदिरा गांधी चौथी बार प्रधानमंत्री बनीं। उन्होंने 14 जनवरी 1980 से 31 अक्टूबर 1984 तक देश का नेतृत्व किया। 31 अक्टूबर 1984 को उनकी हत्या कर दी गई। दूसरे चरण में उनका कार्यकाल 1,752 दिनों का रहा। दोनों कार्यकालों को मिलाकर इंदिरा गांधी कुल 5,829 दिन प्रधानमंत्री रहीं।

राजीव गांधी का दौर

इंदिरा गांधी की हत्या के तुरंत बाद राजीव गांधी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। बाद में हुए चुनावों में कांग्रेस को भारी बहुमत मिला। राजीव गांधी ने तकनीक, दूरसंचार और आधुनिक भारत की दिशा में कई पहल कीं। 1989 के चुनाव में कांग्रेस की हार के साथ उनका कार्यकाल समाप्त हो गया। वे कुल 1,858 दिन प्रधानमंत्री रहे।

गठबंधन राजनीति की शुरुआत

1989 के बाद देश में गठबंधन सरकारों का दौर शुरू हुआ। जनता दल के नेता विश्वनाथ प्रताप सिंह प्रधानमंत्री बने, लेकिन उनकी सरकार केवल 343 दिन ही चल सकी। राम मंदिर आंदोलन और भाजपा के समर्थन वापस लेने के बाद उनकी सरकार गिर गई। इसके बाद चंद्रशेखर प्रधानमंत्री बने, लेकिन कांग्रेस का समर्थन खोने के कारण उनकी सरकार भी ज्यादा समय तक नहीं टिक सकी। वे कुल 223 दिन पद पर रहे।

नरसिंह राव ने पूरा किया पांच साल का कार्यकाल

1991 के चुनाव के बाद कांग्रेस नेता पी.वी. नरसिंह राव प्रधानमंत्री बने। आर्थिक संकट से जूझ रहे भारत में उन्होंने आर्थिक सुधारों और उदारीकरण की शुरुआत की। उनकी सरकार ने पांच साल का कार्यकाल पूरा किया और वे 1,791 दिनों तक प्रधानमंत्री रहे। आर्थिक बदलावों के कारण उनका कार्यकाल भारतीय इतिहास में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

1996 से 1999 तक राजनीतिक अस्थिरता

1996 में भाजपा नेता अटल बिहारी वाजपेयी पहली बार प्रधानमंत्री बने, लेकिन उनकी सरकार सिर्फ 16 दिन चली। इसके बाद एच.डी. देवेगौड़ा 324 दिन और आई.के. गुजराल 332 दिन प्रधानमंत्री रहे। दोनों सरकारें बाहरी समर्थन पर निर्भर थीं और अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सकीं।

अटल बिहारी वाजपेयी का स्वर्णिम दौर

1998 में अटल बिहारी वाजपेयी दूसरी बार प्रधानमंत्री बने, लेकिन उनकी सरकार 13 महीने बाद गिर गई। 1999 के चुनाव में एनडीए को स्पष्ट बहुमत मिला और वाजपेयी तीसरी बार प्रधानमंत्री बने। उन्होंने 1999 से 2004 तक सरकार चलाई। इस कार्यकाल में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना, पोखरण परमाणु परीक्षण और कई बड़े फैसले चर्चा में रहे। तीसरे कार्यकाल में वे 1,683 दिन प्रधानमंत्री रहे।

मनमोहन सिंह के नेतृत्व में 10 साल

2004 में यूपीए सरकार बनने के बाद डॉ. मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बने। 2009 में भी गठबंधन को जीत मिली और वे लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए चुने गए। 2004 से 2014 तक वे कुल 3,656 दिन प्रधानमंत्री रहे। उनके कार्यकाल में आर्थिक विकास, सूचना का अधिकार कानून और भारत-अमेरिका परमाणु समझौता प्रमुख उपलब्धियों में शामिल रहे।

2014 से लगातार सत्ता में नरेंद्र मोदी

26 मई 2014 को नरेंद्र मोदी ने पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। 2019 और 2024 के चुनावों में भी भाजपा ने जीत हासिल की और मोदी लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बने। उनके कार्यकाल में जीएसटी लागू हुआ, अनुच्छेद 370 हटाया गया, डिजिटल इंडिया अभियान को गति मिली और कई बड़ी आधारभूत संरचना परियोजनाएं शुरू की गईं। 10 जून 2026 को उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में 4,399 दिन पूरे कर जवाहरलाल नेहरू के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।

भारतीय लोकतंत्र में दर्ज हुआ नया अध्याय

देश के 15वें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह रिकॉर्ड भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। आजादी के बाद से देश ने अलग-अलग विचारधाराओं, गठबंधनों और नेतृत्व शैलियों वाली सरकारें देखीं, लेकिन 10 जून 2026 को दर्ज हुआ यह नया रिकॉर्ड भारतीय राजनीति के इतिहास में लंबे समय तक याद रखा जाएगा।