देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026 का असर लगातार बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार मानसून ने अब तक 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बड़े हिस्से को कवर कर लिया है। हालांकि पिछले कुछ दिनों में इसकी रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी हुई है, जिसके कारण मध्य प्रदेश, गुजरात और उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में मानसून की प्रगति सीमित रही है। इसके बावजूद मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अगले कुछ दिनों में अनुकूल परिस्थितियां बनने पर मानसून फिर से तेजी पकड़ेगा और निर्धारित समय के भीतर देश के शेष हिस्सों तक पहुंच सकता है।
मौसम विभाग का कहना है कि जहां एक ओर कई राज्यों में लगातार बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर कुछ क्षेत्रों में अब भी तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। कई राज्यों में प्री-मानसून गतिविधियां जारी हैं, जबकि पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
22 राज्यों तक पहुंच चुका है दक्षिण-पश्चिम मानसून
मौसम विभाग के ताजा आकलन के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के अधिकांश दक्षिणी, पूर्वी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों के साथ-साथ कई मध्य भारतीय राज्यों तक पहुंच चुका है।
हालांकि पिछले लगभग पांच दिनों से मानसून की आगे बढ़ने की गति धीमी देखी गई है। विशेष रूप से मध्य प्रदेश, गुजरात और उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में मानसून अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पाया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बन रही मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने के बाद मानसून की रफ्तार दोबारा तेज हो सकती है।
अगले कुछ दिनों में बढ़ सकती है मानसून की गति
मौसम विभाग का अनुमान है कि यदि वातावरणीय परिस्थितियां अनुकूल बनी रहीं तो मानसून जल्द ही शेष क्षेत्रों में भी सक्रिय हो जाएगा।
इसके बाद उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में भी व्यापक वर्षा शुरू होने की संभावना है।
विशेषज्ञों के अनुसार मानसून की प्रगति कई मौसमीय कारकों पर निर्भर करती है, जिनमें—
- अरब सागर की नमी
- बंगाल की खाड़ी से आने वाली हवाएं
- निम्न दबाव का क्षेत्र
- ऊपरी वायुमंडलीय परिसंचरण
जैसे तत्व प्रमुख भूमिका निभाते हैं।
कई राज्यों में जारी है प्री-मानसून बारिश
जहां मानसून पूरी तरह सक्रिय नहीं हुआ है, वहां भी प्री-मानसून वर्षा का सिलसिला जारी है।
मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली सहित कई राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है।
इन बारिशों से दिन के तापमान में कुछ कमी आई है, लेकिन कई स्थानों पर उमस बनी हुई है।
विशेषज्ञों के अनुसार प्री-मानसून बारिश खेतों की तैयारी और वातावरण में नमी बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट
पूर्वोत्तर राज्यों में मौसम विभाग ने भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है।
विशेष रूप से—
- असम
- मेघालय
- सिक्किम
- पश्चिम बंगाल के पर्वतीय और निचले क्षेत्र
में तेज बारिश की संभावना जताई गई है।
लगातार वर्षा के कारण कई संवेदनशील इलाकों में जलभराव, नदियों के जलस्तर में वृद्धि तथा भूस्खलन की आशंका बनी हुई है।
प्रशासन ने स्थानीय लोगों को सावधानी बरतने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने को कहा है।
कई राज्यों में बारिश से जुड़े हादसे
बारिश के साथ कई राज्यों से दुर्घटनाओं की खबरें भी सामने आई हैं।
मध्य प्रदेश में ट्रैक्टर बहा
मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के सेंधवा क्षेत्र में तेज बहाव के दौरान पुल पार करने की कोशिश कर रहा एक ट्रैक्टर पानी में बह गया।
बताया गया कि ट्रैक्टर चालक भी तेज धारा में लापता हो गया। राहत एवं बचाव दल लगातार उसकी तलाश में जुटा हुआ है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि तेज बहाव वाले पुलों और नालों को पार करने का प्रयास न करें।
छत्तीसगढ़ में दीवार गिरने से दो बच्चियों की मौत
छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में लगातार बारिश के कारण एक कच्चे मकान की दीवार ढह गई।
इस दर्दनाक हादसे में दो मासूम बच्चियों की मौत हो गई।
स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित परिवार को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
आकाशीय बिजली गिरने से युवक की मौत
छत्तीसगढ़ के ही सुकमा जिले में आकाशीय बिजली गिरने से एक युवक की जान चली गई जबकि चार अन्य लोग घायल हो गए।
मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है।
सात राज्यों में अब भी 40 डिग्री से ऊपर तापमान
जहां कई राज्यों में बारिश हो रही है, वहीं देश के कुछ हिस्सों में गर्मी का असर अभी भी बना हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार सात राज्यों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया।
इन राज्यों में शामिल हैं—
- राजस्थान
- मध्य प्रदेश
- उत्तर प्रदेश
- हरियाणा
- दिल्ली
- बिहार
- गुजरात
गर्मी और उमस के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
फलोदी रहा देश का सबसे गर्म शहर
राजस्थान का फलोदी एक बार फिर सबसे गर्म शहरों में शामिल रहा।
यहां अधिकतम तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
अन्य प्रमुख शहरों का तापमान—
- भिवानी (हरियाणा) – 42.3°C
- दतिया (मध्य प्रदेश) – 42.2°C
- दिल्ली – 41.9°C
- आगरा – 41.3°C
- अहमदाबाद – 40°C
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून पूरी तरह सक्रिय होने के बाद इन क्षेत्रों में भी तापमान में कमी आने की संभावना है।
किन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट?
मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी वर्षा की संभावना व्यक्त की है।
इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
- छत्तीसगढ़
- तेलंगाना
- ओडिशा
- केरल
- गोवा
- तमिलनाडु
- अरुणाचल प्रदेश
- असम
- मेघालय
- पश्चिम बंगाल
- सिक्किम
इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
प्रशासन ने स्थानीय अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
बिहार में तेज आंधी की संभावना
बिहार के कई हिस्सों में मौसम तेजी से बदल सकता है।
मौसम विभाग ने 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है।
तेज हवाओं के साथ बारिश और गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है।
लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।
राजस्थान में भी बदलेगा मौसम
राजस्थान के कई जिलों में आने वाले दिनों में मौसम बदलने की संभावना है।
यहां 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं तथा कई स्थानों पर बारिश भी हो सकती है।
इससे लंबे समय से जारी भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में हीटवेव का असर
हालांकि मानसून की प्रगति जारी है, लेकिन पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में अभी भी लू जैसी स्थिति बनी रह सकती है।
मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय धूप से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है।
1 जुलाई को भी जारी रह सकता है बारिश का दौर
मौसम विभाग के अनुसार अगले दिन भी कई राज्यों में वर्षा जारी रहने की संभावना है।
विशेष रूप से—
- आंध्र प्रदेश
- झारखंड
- ओडिशा
- असम
- मेघालय
- पश्चिम बंगाल
- सिक्किम
में अच्छी बारिश दर्ज की जा सकती है।
कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी संभव है।
तटीय क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट
समुद्र से जुड़े कई क्षेत्रों के लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
इनमें शामिल हैं—
- गोवा
- कर्नाटक का तटीय क्षेत्र
- तेलंगाना के कुछ हिस्से
- सिक्किम के संवेदनशील इलाके
इन क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
मध्य भारत में हीटवेव का खतरा बरकरार
मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के नागपुर-अमरावती क्षेत्र में लगातार पांचवें दिन भी हीटवेव जैसी स्थिति बनी रहने की संभावना जताई गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इन क्षेत्रों में मानसून की सक्रियता बढ़ने के बाद ही तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आएगी।
किसानों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा आने वाला सप्ताह
मानसून की आगे की प्रगति कृषि गतिविधियों के लिए भी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कई राज्यों में किसान खरीफ फसलों की बुवाई मानसून की नियमित बारिश पर निर्भर करते हैं।
यदि अगले कुछ दिनों में व्यापक वर्षा होती है तो धान, मक्का, सोयाबीन, कपास और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई को गति मिल सकती है।
लोगों को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
मौसम विभाग ने नागरिकों को मौसम के अनुसार सतर्क रहने की सलाह दी है।
भारी बारिश वाले क्षेत्रों में—
- जलभराव वाले रास्तों से बचें।
- नदी-नालों के तेज बहाव को पार न करें।
- बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों पर न रहें।
- स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करें।
वहीं गर्मी वाले क्षेत्रों में—
- दोपहर की धूप से बचें।
- पर्याप्त पानी पीते रहें।
- बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखें।
अगले सप्ताह कैसा रह सकता है मौसम?
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अगले कुछ दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की गति दोबारा तेज हो सकती है। इसके परिणामस्वरूप मध्य भारत, उत्तर-पश्चिम भारत और पश्चिमी राज्यों के कई हिस्सों में वर्षा का दायरा बढ़ने की संभावना है। दूसरी ओर पूर्वोत्तर भारत और पूर्वी राज्यों में भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। इस बीच कुछ क्षेत्रों में हीटवेव और उमस का प्रभाव भी बना रह सकता है, इसलिए मौसम की ताजा जानकारी पर लगातार नजर रखना आवश्यक होगा।




