सोनीपत के पुलिस लाइन स्थित सरकारी क्वार्टर में एक पुलिसकर्मी पर हमला करने का मामला सामने आया है। घायल पुलिसकर्मी संदीप ने बताया कि वह रात की ड्यूटी समाप्त कर घर लौटा था। इसी दौरान उसकी पत्नी की साजिश के तहत उस पर पड़ोस में रहने वाले लोगों ने हमला कर दिया। संदीप ने आरोप लगाया कि पड़ोस में रहने वाली दो महिलाओं, जिनमें से एक महिला पुलिस विभाग में तैनात है, और तीन पुरुषों ने मिलकर उस पर रॉड से हमला किया। साजिश के तहत हमले का आरोप हमले के दौरान संदीप के हाथ और छाती पर गंभीर चोटें आईं तथा उसका एक दांत भी टूट गया। संदीप का कहना है कि पति-पत्नी के आपसी विवाद में पड़ोसियों ने हस्तक्षेप कर जान से मारने की नीयत से उस पर हमला किया। उसने अपनी पत्नी और पड़ोसियों पर साजिश के तहत हमला करने का आरोप लगाया है। हमले के बाद संदीप घायल अवस्था में सोनीपत नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचा, जहां उसका मेडिकल करवाया जा रहा है। संदीप ने बताया कि घटना की सूचना उच्च अधिकारियों को दी जा चुकी है। पुलिस विभाग मामले को गंभीरता से ले रहा है। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। पुलिस महकमें में चर्चा का विषय बनी बनी घटना यह घटना थाना परिसर के भीतर होने के कारण पुलिस महकमे में भी चर्चा का विषय बनी हुई है। मामले की जांच के बाद ही सच सामने आ पाएगा कि हमला आपसी रंजिश का परिणाम था या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा। सोनीपत के पुलिस लाइन स्थित सरकारी क्वार्टर में एक पुलिसकर्मी पर हमला करने का मामला सामने आया है। घायल पुलिसकर्मी संदीप ने बताया कि वह रात की ड्यूटी समाप्त कर घर लौटा था। इसी दौरान उसकी पत्नी की साजिश के तहत उस पर पड़ोस में रहने वाले लोगों ने हमला कर दिया। संदीप ने आरोप लगाया कि पड़ोस में रहने वाली दो महिलाओं, जिनमें से एक महिला पुलिस विभाग में तैनात है, और तीन पुरुषों ने मिलकर उस पर रॉड से हमला किया। साजिश के तहत हमले का आरोप हमले के दौरान संदीप के हाथ और छाती पर गंभीर चोटें आईं तथा उसका एक दांत भी टूट गया। संदीप का कहना है कि पति-पत्नी के आपसी विवाद में पड़ोसियों ने हस्तक्षेप कर जान से मारने की नीयत से उस पर हमला किया। उसने अपनी पत्नी और पड़ोसियों पर साजिश के तहत हमला करने का आरोप लगाया है। हमले के बाद संदीप घायल अवस्था में सोनीपत नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचा, जहां उसका मेडिकल करवाया जा रहा है। संदीप ने बताया कि घटना की सूचना उच्च अधिकारियों को दी जा चुकी है। पुलिस विभाग मामले को गंभीरता से ले रहा है। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। पुलिस महकमें में चर्चा का विषय बनी बनी घटना यह घटना थाना परिसर के भीतर होने के कारण पुलिस महकमे में भी चर्चा का विषय बनी हुई है। मामले की जांच के बाद ही सच सामने आ पाएगा कि हमला आपसी रंजिश का परिणाम था या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा। हरियाणा | दैनिक भास्कर
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फरीदाबाद में प्रॉपर्टी डीलर सुसाइड मामला उलझा:पार्टनर ने 8 करोड़ हड़पे, पाई-पाई को मोहताज किया; बेटा बोला- पुलिस थाने बुलाकर परेशान कर रही थी
फरीदाबाद में प्रॉपर्टी डीलर सुसाइड मामला उलझा:पार्टनर ने 8 करोड़ हड़पे, पाई-पाई को मोहताज किया; बेटा बोला- पुलिस थाने बुलाकर परेशान कर रही थी हरियाणा के फरीदाबाद में सोसाइटी की 14वीं मंजिल से कूदकर सुसाइड करने वाले प्रॉपर्टी डीलर राजकुमार चौधरी की मौत का मामला सुलझ नहीं पाया है। दो दिन बाद भी शव का पोस्टमॉर्टम नहीं हो पाया। बेटे की शिकायत पर पुलिस ने 12 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, लेकिन किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई। परिजनों का कहना है जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, शव का पोस्टमॉर्टम नहीं कराया जाएगा। राजकुमार के बेटे आदित्य ने पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पिता ने बिजनेस पार्टनर संजय शर्मा और दूसरे लोगों के खिलाफ काफी समय पहले ही पुलिस को शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस ने उस पर कोई कार्रवाई नहीं की। उल्टा पुलिस उनके पिता को ही बार-बार थाने बुलाकर परेशान करती थी। अगर पुलिस ने समय रहते कार्रवाई की होती तो पिता आज जिंदा होते। सुसाइड नोट में पार्टनर व अन्य लोगों पर 8 करोड़ रुपए का हिसाब न करने और पाई-पाई को मोहताज होने की बात लिखी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से ही खुलासा हो पाएगा कि यह सुसाइड था, या राजकुमार के साथ कुछ और तो नहीं हुआ। जिस दोस्त के फ्लैट में रहा, उस पर भी केस
बल्लभगढ़ के चावला कॉलोनी के रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर राजकुमार चौधरी ने शनिवार सुबह 10 बजे गांव सीकरी स्थित अद्वितिय सोसाइटी में 14 मंजिल की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। राजकुमार 2 दिनों से अपने दोस्त दिनेश के साथ उसके फ्लैट पर रह रहा था। एफआईआर में दिनेश का भी जिक्र है। शनिवार को वह सुबह टहलने के लिए बाहर गए, 10 बजे वापस लाैटे। इसके बाद कमरे में कुछ देर बैठे और फिर छत पर चले गए। करीब आधे घंटे बाद उन्होंने चौदहवीं मंजिल से छलांग लगा दी। नीचे वह कार की छत पर आकर गिरे, जिसमें उसकी मौत हो गई। जांच के दौरान पुलिस को राजकुमार की जेब से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ था। जिसमें बिजनेस पार्टनर संजय शर्मा समेत कई अन्य लोगों पर 8 करोड़ रुपए हड़पने का आरोप लगाया था। सुसाइड नोट में राजकुमार ने क्या आरोप लगाए… 11 के खिलाफ के दर्ज, 5 टीम गठित
सेक्टर-58 थाना प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि मृतक के बेटे आदित्य चौधरी की शिकायत पर पुलिस ने प्रॉपर्टी डीलर राजकुमार के पार्टनर संजय शर्मा, अमरजीत चावला, कार्तिक शर्मा, कुनाल शर्मा, नेत्रपाल चौहान, विनीत और पुनीत,जमील मलिक, सबीर खान, रहीस खान, दिनेश सरपंच के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने संबंधी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। सभी लोगों को नोटिस भेजकर जांच में शामिल होने के लिए कहा जाएगा। पुलिस की 5 टीमें इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर काम कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हो सकता है खुलासा
पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि अभी प्राथमिक नजर में मंजिल से कूदकर हुई मौत को लेकर पुलिस जांच कर रही है। मृतक की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि मृतक के साथ कोई दूसरी घटना तो नहीं हुई थी। जब तक पोस्टमॉर्टम नहीं होता तब तक पुलिस इसमें गहराई से कुछ नहीं बता सकती है। —————————— यह खबर भी पढे़ं… फरीदाबाद में प्रॉपर्टी डीलर के सुसाइड में खुलासा:14वीं मंजिल से कूदने से पहले सुसाइड नोट फेसबुक पर डाला, बेटे ने देखकर कई फोन किए हरियाणा के फरीदाबाद में प्रॉपर्टी डीलर के सुसाइड केस में खुलासा हुआ है। राजकुमार ने शनिवार को अवदित्य सोसाइटी की 14वीं मंजिल से कूदकर जान देने से पहले फेसबुक पर सुसाइड नोट अपलोड किया था। बेटे ने फेसबुक पर पिता का सुसाइड नोट देखकर उन्हें कई कॉल किए, लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया। पढ़ें पूरी खबर…
हरियाणा के कॉलेजों में सेमिनार-वर्कशॉप के रेट तय:₹40 की चाय, खाने के ₹200 फिक्स; ये करने की 3 वजह, शिकायत कर सकेंगे स्टूडेंट
हरियाणा के कॉलेजों में सेमिनार-वर्कशॉप के रेट तय:₹40 की चाय, खाने के ₹200 फिक्स; ये करने की 3 वजह, शिकायत कर सकेंगे स्टूडेंट हरियाणा के कॉलेजों में सेमिनार, वर्कशॉप, कॉन्फ्रेंस में खाने-पीने के रेट तय कर दिए गए हैं। अब कॉलेज प्रबंधन ऐसे आयोजनों में अपनी मनमर्जी नहीं चला सकेंगे। हायर एजूकेशन डिपार्टमेंट ने इसके लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) बना दी है। ये एसओपी सरकारी, एडिड व निजी कॉलेजों में लागू की गई है। इसके अनुसार, आयोजनों में शामिल होने वालों से 500 रुपए से अधिक रजिस्ट्रेशन फीस नहीं ले सकेंगे। राष्ट्रीय स्तर के सेमिनार या वर्कशॉप पर प्रतिदिन 60 हजार और अंतरराष्ट्रीय सेमिनार पर 1 लाख रुपए खर्च किए जा सकेंगे। आयोजनों में प्रतिभागियों की संख्या 60 से 80 के बीच रहेगी। प्रिंसिपल कारण बता इनकी संख्या 10% बढ़ाने की अनुमति ले सकेंगे। 40 रुपए चाय के फिक्स हुए आयोजन में प्रति व्यक्ति चाय के लिए 40 रुपए और खाने का 200 रुपए प्रतिदिन बजट तय किया है। विशेष वक्ता को प्रति घंटे 2 हजार रुपए के हिसाब से पेमेंट की जा सकेगी। वक्ता दिन में दो लेक्चरर दे सकेंगे। बोर्डिंग व लोडिंग पर प्रति व्यक्ति 1 हजार रुपए खर्च होगा। स्टेशनरी व अन्य चीजों पर 15 हजार रुपए तक खर्च कर सकेंगे। आयोजन के बाद 15 दिन में यूटिलाइज सर्टिफिकेट देना होगा। कार्यक्रम की रिपोर्ट, फोटोग्राफ, प्रतिभागियों का फीडबैक निदेशालय के पास भेजना होगा। ऐसे में कोई भी सेमिनार के नाम पर फर्जीवाड़ा नहीं कर सकेगा। नवंबर-दिसंबर में देना होगा प्रस्ताव आयोजनों का समय सुबह 9:30 से शाम 5 बजे तक रहेगा। 4 सेशन होंगे। टी-ब्रेक, लंच का समय भी तय है। कार्यक्रम के लिए शनिवार, रविवार जैसे छुट्टी के दिन को प्राथमिकता देने के लिए कहा है। इनसे कॉलेज में पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए। आयोजन की तारीखें व मकसद बताते हुए नवंबर-दिसंबर में ही इसका प्रस्ताव हायर एजूकेशन डिपार्टमेंट के पास भेजना होगा। पिछले 3 साल के आयोजनों के विषय की भी जानकारी देनी होगी। स्क्रीनिंग कमेटी मंजूरी जरूरी एसओपी में हायर एजूकेशन डिपार्टमेंट ने एसओपी में ये भी व्यवस्था की है जिसके तहत बजट की डिमांड करते वक्त आइटम वाइज खर्च ब्योरा देना होगा। आयोजन में कौन शामिल होगा, जैसे विद्यार्थी, फैकल्टी, स्कॉलर्स, वक्ता या अन्य। स्क्रीनिंग कमेटी तय करेगी कि आयोजन होना चाहिए या नहीं। अभी कॉलेजों में होने वाले कार्यक्रमों के लिए प्रबंधन मर्जी के हिसाब से फीस लेते हैं। लागू करने की ये 3 बड़ी वजह… 1. कॉलेज के स्टूडेंट्स की हमेशा से शिकायत रहती है कि खर्च के मुकाबले फीस ज्यादा ले ली जाती है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए ये एसओपी में इसकी भी व्यवस्था की गई है। यदि कोई कॉलेज अब ज्यादा फीस लेता है तो विद्यार्थी शिकायत भी कर पाएंगे। 2. सेमिनार, कॉन्फ्रेंस, वर्कशॉप जैसे आयोजनों में खाने-पीने के बिलों में बजट को लेकर गड़बड़ी सामने आई हैं। कुछ कॉलेजों में कई बार आयोजन पर बजट खर्च अधिक दिखाए जाने की संभावना रहती है। इस एसओपी के बाद अब इस पर अंकुश लग सकेगा। 3. हायर एजूकेशन डिपार्टमेंट की ओर से जारी एसओपी से फर्जीवाड़ा रुकेगा। कुछ कॉलेजों में कार्यक्रमों में देर शाम हो जाती है। इससे छात्रों को घर जाने में असुविधा होती है। खासकर छात्राओं को इससे काफी परेशानी होती थी।
