‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ एक व्यापक लड़ाई, सामूहिक प्रयास से ही खत्म होगा नशे का जाल: मनीष सिसोदिया

‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ एक व्यापक लड़ाई, सामूहिक प्रयास से ही खत्म होगा नशे का जाल: मनीष सिसोदिया

जालंधर: आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता एवं पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि पंजाब को नशा मुक्त बनाने की दिशा में एक व्यापक सामाजिक आंदोलन है। उन्होंने कहा कि नशे जैसी गंभीर समस्या का समाधान तभी संभव है, जब सरकार के साथ-साथ समाज का हर वर्ग सक्रिय रूप से इसमें भागीदारी निभाए।

जालंधर में आयोजित चार जिलों के ब्लॉक कोऑर्डिनेटरों के प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा कि पंजाब सरकार मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में नशे के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य केवल नशा तस्करों पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि समाज को नशे की गिरफ्त से पूरी तरह बाहर निकालना है।

गांव-गांव तक पहुंचाना होगा अभियान

सिसोदिया ने कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि उन्हें गांव-गांव और वार्ड-वार्ड तक पहुंचकर नशा बेचने वालों की पहचान करनी होगी। उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय स्तर पर सही जानकारी प्रशासन तक पहुंचेगी तो नशा तस्करों के खिलाफ और प्रभावी कार्रवाई की जा सकेगी।

उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय प्रतिनिधियों की भूमिका इस अभियान में बेहद महत्वपूर्ण है। लोगों का विश्वास जीतकर और समाज के सहयोग से ही नशे के नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जा सकता है।

नशा पीड़ितों का इलाज और पुनर्वास भी प्राथमिकता

मनीष सिसोदिया ने कहा कि पंजाब सरकार की नीति केवल अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई तक सीमित नहीं है। जो लोग नशे की लत का शिकार हो चुके हैं, उन्हें इलाज, काउंसलिंग और पुनर्वास के माध्यम से समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि नशे के आदी लोगों को अपराधी नहीं बल्कि उपचार और सहयोग की आवश्यकता है। सरकार इस दिशा में स्वास्थ्य सेवाओं और पुनर्वास केंद्रों को भी मजबूत बना रही है, ताकि प्रभावित लोगों को नया जीवन मिल सके।

नशा तस्करों पर सख्त कार्रवाई जारी

सिसोदिया ने कहा कि दूसरी ओर नशा तस्करों के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है और उनकी अवैध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने नशे के कारोबार से अवैध संपत्ति बनाई है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। अभियान के तहत ऐसी संपत्तियों पर बुलडोजर चलाने जैसी कार्रवाई का उद्देश्य यह स्पष्ट संदेश देना है कि नशे के कारोबार से अर्जित अवैध संपत्ति किसी भी कीमत पर सुरक्षित नहीं रहेगी।

‘युद्ध’ की तरह लें इस अभियान को

पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सिसोदिया ने कहा कि इस अभियान को सामान्य राजनीतिक कार्यक्रम के रूप में नहीं, बल्कि एक “युद्ध” की तरह लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाब के भविष्य को सुरक्षित बनाने और युवाओं को नशे से बचाने के लिए हर कार्यकर्ता को पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा।

उन्होंने कहा कि ‘रंगला पंजाब’ का सपना तभी साकार होगा, जब समाज मिलकर नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से लोगों को जागरूक करने, युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने और प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर काम करने का आह्वान किया।

जिला स्तर पर होंगे और प्रशिक्षण कार्यक्रम

मनीष सिसोदिया ने बताया कि आने वाले समय में राज्य के विभिन्न जिलों में भी इसी तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय कोऑर्डिनेटरों को अभियान की रणनीति, जनसंपर्क और जागरूकता गतिविधियों के लिए तैयार करना है, ताकि नशा विरोधी अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

मोहिंदर भगत बोले— तस्करों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी

इस अवसर पर पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा कि राज्य सरकार नशा तस्करों के खिलाफ लगातार कड़ी कार्रवाई कर रही है। उन्होंने दावा किया कि सख्त कदमों के कारण कई तस्कर या तो जेल पहुंच चुके हैं या फिर राज्य छोड़कर भाग गए हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार भविष्य में भी इसी तरह बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई जारी रखेगी और कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जाएगा।

बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद

जालंधर में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कई विधायक, हल्का इंचार्ज, जिला पदाधिकारी, संगठन के वरिष्ठ नेता तथा बड़ी संख्या में ब्लॉक कोऑर्डिनेटर शामिल हुए। सभी प्रतिभागियों ने पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया।

बैठक के दौरान कार्यकर्ताओं को विभिन्न स्तरों पर जनजागरूकता अभियान चलाने, स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करने और नशे के खिलाफ समाज की भागीदारी बढ़ाने को लेकर भी विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही यह संदेश दिया गया कि नशा मुक्त पंजाब का लक्ष्य केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि जनता, सामाजिक संगठनों और स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी से ही हासिल किया जा सकता है।

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