सोना-चांदी सस्ता: बाजार में तेज गिरावट, चांदी के दाम में बड़ी टूट

सोना-चांदी सस्ता: बाजार में तेज गिरावट, चांदी के दाम में बड़ी टूट

शादी और त्योहारों के सीजन से पहले सर्राफा बाजार में अचानक गिरावट देखने को मिली है। लंबे समय तक तेजी के बाद अब सोने और चांदी की कीमतों में नरमी आई है। इससे जहां आभूषण खरीदने की तैयारी कर रहे ग्राहकों के लिए राहत की खबर सामने आई है, वहीं निवेशकों के बीच बाजार की दिशा को लेकर चिंता भी बढ़ गई है।

आज के कारोबारी सत्र में खासतौर पर चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। चांदी का भाव एक ही दिन में हजारों रुपये नीचे आ गया, जबकि सोने की कीमतों में भी कमी देखने को मिली। विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक बाजार में कमजोरी, डॉलर की मजबूती और निवेशकों की मुनाफावसूली के कारण कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है।

सोना और चांदी दोनों को लंबे समय से सुरक्षित निवेश विकल्प माना जाता है। ऐसे में कीमतों में आने वाली हर बड़ी हलचल का असर आम खरीदारों से लेकर बड़े निवेशकों तक दिखाई देता है।

चांदी की कीमत में सबसे बड़ी गिरावट

सर्राफा बाजार में सबसे ज्यादा दबाव चांदी की कीमतों पर देखने को मिला। रिपोर्ट्स के अनुसार, चांदी का भाव एक दिन में करीब ₹13,000 से ज्यादा गिर गया और यह लगभग ₹2,30,464 प्रति किलोग्राम के स्तर तक पहुंच गया।

चांदी की कीमतों में इतनी बड़ी गिरावट ने बाजार का ध्यान आकर्षित किया है। पिछले कुछ समय में चांदी ने तेज बढ़त दर्ज की थी, जिसके बाद अब इसमें करेक्शन देखने को मिल रहा है।

चांदी का इस्तेमाल केवल आभूषणों में ही नहीं बल्कि औद्योगिक क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर किया जाता है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और कई तकनीकी उत्पादों में इसकी मांग रहती है। इसलिए इसकी कीमतों पर वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों का भी असर पड़ता है।

सोने के भाव में भी आई गिरावट

चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई है।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत में लगभग ₹3,333 की कमी आई और यह करीब ₹1,50,375 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों में कमजोरी देखने को मिली। वैश्विक स्तर पर सोना करीब 4,695 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करता नजर आया।

हालांकि, सोने की कीमतें अभी भी ऐतिहासिक रूप से ऊंचे स्तरों के आसपास बनी हुई हैं। इसलिए छोटी गिरावट के बावजूद बाजार में निवेशकों की नजर लगातार बनी हुई है।

अलग-अलग कैरेट के सोने के नए भाव

सोने की शुद्धता के आधार पर कीमतों में अंतर होता है। बाजार में अलग-अलग कैरेट के सोने के भाव इस प्रकार बताए जा रहे हैं—

24 कैरेट सोना

24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध माना जाता है। इसमें किसी अन्य धातु की मिलावट नहीं होती, इसलिए इसकी कीमत सबसे ज्यादा होती है।

वर्तमान गिरावट के बाद 24 कैरेट सोना लगभग ₹1,50,375 प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है।

22 कैरेट सोना

22 कैरेट सोने का इस्तेमाल आमतौर पर आभूषण बनाने में अधिक किया जाता है, क्योंकि इसमें मजबूती के लिए कुछ अन्य धातुओं को मिलाया जाता है।

इसका भाव लगभग ₹1,37,800 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है।

18 कैरेट सोना

18 कैरेट सोना फैशन ज्वेलरी और डिजाइनर आभूषणों में ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है।

इसकी कीमत करीब ₹1,12,700 प्रति 10 ग्राम के आसपास बताई जा रही है।

हालांकि, अलग-अलग शहरों, ज्वेलर्स और स्थानीय टैक्स के कारण वास्तविक कीमतों में अंतर हो सकता है।

सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट की मुख्य वजह

विशेषज्ञों के अनुसार, कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण जिम्मेदार हैं।

डॉलर की मजबूती का असर

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें अक्सर अमेरिकी डॉलर की स्थिति से प्रभावित होती हैं।

जब डॉलर मजबूत होता है तो अन्य देशों के लिए सोना खरीदना महंगा हो जाता है, जिससे मांग पर असर पड़ सकता है।

हालिया समय में डॉलर में मजबूती आने से सोने की कीमतों पर दबाव देखने को मिला है।

निवेशकों की मुनाफावसूली

पिछले कुछ समय में सोने और चांदी दोनों ने अच्छी तेजी दिखाई थी। ऐसे में कई निवेशकों ने ऊंचे स्तर पर मुनाफा निकालना शुरू किया।

मुनाफावसूली के कारण बाजार में बिक्री बढ़ी और कीमतों में गिरावट देखने को मिली।

वैश्विक बाजार में कमजोरी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोर संकेतों का असर घरेलू सर्राफा बाजार पर भी पड़ता है।

अमेरिका की आर्थिक नीतियां, ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें और वैश्विक तनाव जैसी परिस्थितियां सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित करती हैं।

बाजार में आया करेक्शन

विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी तेजी के बाद कीमतों में कुछ समय के लिए गिरावट या करेक्शन आना सामान्य प्रक्रिया है।

लगातार बढ़ने के बाद बाजार में संतुलन बनाने के लिए कीमतें नीचे आ सकती हैं।

शादी और त्योहारों के खरीदारों के लिए मौका?

भारत में सोने की मांग का बड़ा हिस्सा शादी और त्योहारों के सीजन से जुड़ा होता है। ऐसे समय में कीमतों में गिरावट आने से खरीदारों को राहत मिल सकती है।

जो लोग लंबे समय से सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए यह गिरावट एक अवसर की तरह दिखाई दे सकती है।

खासकर शादी के लिए आभूषण खरीदने वाले ग्राहक कम कीमत पर खरीदारी कर सकते हैं।

हालांकि, बाजार में अभी उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है, इसलिए खरीदारी करते समय कीमतों की तुलना करना जरूरी है।

क्या निवेश के लिए सही समय है?

सोने और चांदी में निवेश करने वाले लोगों के लिए कीमतों में गिरावट हमेशा एक महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है।

लेकिन निवेश करने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है—

  • बाजार की मौजूदा स्थिति को समझें।
  • एक साथ पूरा निवेश करने से बचें।
  • लंबे समय के लक्ष्य को ध्यान में रखें।
  • विशेषज्ञों की सलाह लें।
  • केवल भरोसेमंद स्रोत से ही खरीदारी करें।

कीमती धातुओं में निवेश करते समय बाजार की चाल और वैश्विक परिस्थितियों को समझना बेहद जरूरी होता है।

सोना-चांदी खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान?

अगर आप सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं तो कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखें—

शुद्धता की जांच करें

सोना खरीदते समय हमेशा हॉलमार्क प्रमाणित आभूषण खरीदें। इससे सोने की गुणवत्ता सुनिश्चित होती है।

मेकिंग चार्ज की जानकारी लें

आभूषण खरीदते समय केवल सोने की कीमत ही नहीं, बल्कि मेकिंग चार्ज और अन्य शुल्क भी महत्वपूर्ण होते हैं।

बिल जरूर लें

खरीदारी के बाद पक्का बिल लेना जरूरी है ताकि भविष्य में किसी समस्या से बचा जा सके।

कीमतों की तुलना करें

अलग-अलग दुकानों पर सोने और चांदी के भाव में अंतर हो सकता है। इसलिए खरीदारी से पहले कई जगहों पर कीमतों की जानकारी लेना फायदेमंद होता है।

आगे कैसा रह सकता है बाजार?

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों पर कई कारकों का असर रहेगा।

इनमें अमेरिकी डॉलर की चाल, वैश्विक आर्थिक स्थिति, ब्याज दरों से जुड़े फैसले, अंतरराष्ट्रीय तनाव और मांग की स्थिति प्रमुख हैं।

अगर वैश्विक परिस्थितियां कमजोर रहती हैं तो कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। वहीं, सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने पर सोने को फिर से समर्थन मिल सकता है।

सोने और चांदी की कीमतों में आई मौजूदा गिरावट ने खरीदारों और निवेशकों दोनों का ध्यान आकर्षित किया है। चांदी में बड़ी गिरावट और सोने के दाम में कमी के बाद बाजार में खरीदारी की संभावनाएं बढ़ी हैं। हालांकि कीमती धातुओं का बाजार हमेशा वैश्विक परिस्थितियों से प्रभावित होता है, इसलिए कोई भी फैसला लेने से पहले मौजूदा कीमत, बाजार की स्थिति और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखना जरूरी है।