अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने अपने महत्वाकांक्षी मिशन Artemis II को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। करीब 10 दिनों की ऐतिहासिक यात्रा के बाद चारों अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित पृथ्वी पर लौट आए। स्पेसक्राफ्ट ने शनिवार सुबह San Diego coast के पास समुद्र में लैंडिंग की, जहां टीम का भव्य स्वागत किया गया।
इस मिशन ने 50 साल से ज्यादा समय बाद इंसानों को फिर से चंद्रमा के पास पहुंचाया। इससे पहले आखिरी बार मानवयुक्त चंद्र मिशन Apollo program के दौरान हुआ था। अब Artemis मिशन के जरिए NASA चंद्रमा पर स्थायी उपस्थिति बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उड़ान से पहले आईं कई चुनौतियां
Artemis-2 का लॉन्च पहले फरवरी में होना था, लेकिन हाइड्रोजन लीक जैसी तकनीकी समस्याओं ने इसे टाल दिया। इसके बाद हीलियम प्रेशर सिस्टम में गड़बड़ी सामने आई, जिसके कारण रॉकेट को दोबारा मरम्मत के लिए ले जाना पड़ा। लंबी तैयारी और टेस्टिंग के बाद आखिरकार मिशन को सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया।
फ्लोरिडा से शुरू हुआ ऐतिहासिक सफर
इस मिशन की शुरुआत Kennedy Space Center से हुई, जो पहले भी Apollo मिशनों का लॉन्चिंग पॉइंट रहा है। लगभग 32 मंजिला विशाल रॉकेट में सवार होकर चारों अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की ओर रवाना हुए। लॉन्च के दौरान हजारों लोग इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने। मिशन की कमान Reid Wiseman के हाथों में थी। उनके साथ पायलट Victor Glover, मिशन स्पेशलिस्ट Christina Koch और कनाडा के Jeremy Hansen शामिल थे।
10 दिन की यात्रा में क्या-क्या हुआ?
इस मिशन की शुरुआत में पहले 24-25 घंटे अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी की कक्षा में ही रहे। इस दौरान उन्होंने अपने स्पेसक्राफ्ट की जांच की। इसके बाद मुख्य इंजन को सक्रिय किया गया, जिसने उन्हें चंद्रमा की दिशा में आगे बढ़ाया।
- अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की सतह पर नहीं उतरे
- उन्होंने चंद्रमा की परिक्रमा भी नहीं की
- कैप्सूल चंद्रमा के पास से गुजरते हुए लगभग 6,400 किमी आगे तक गया
- इसके बाद यू-टर्न लेकर पृथ्वी की ओर वापसी शुरू की
इस दौरान उन्होंने करीब 6.9 लाख मील की दूरी तय की, जो अब तक किसी भी इंसान द्वारा तय की गई सबसे लंबी दूरी में शामिल है।
अंतरिक्ष में पहली बार मिली ये सुविधाएं
Artemis-2 मिशन में पहली बार ऐसे सिस्टम का इस्तेमाल किया गया, जिसमें अंतरिक्ष यात्रियों के लिए पानी, जीवन रक्षक उपकरण और टॉयलेट जैसी सुविधाएं शामिल थीं। इससे पहले Artemis I में कोई इंसान सवार नहीं था, इसलिए ये सुविधाएं टेस्ट नहीं हो पाई थीं।
नई शुरुआत: अब चांद पर उतरने की तैयारी
इस मिशन की सफलता के बाद अब NASA का अगला लक्ष्य Artemis III है, जिसमें अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा की सतह पर उतारा जाएगा। खास बात यह है कि इस बार मिशन में विविधता भी देखने को मिली । दल में एक महिला, अश्वेत और एक अंतरराष्ट्रीय सदस्य शामिल थे।
ऐतिहासिक मिशन का समापन
NASA ने अंतरिक्ष यान की लैंडिंग का वीडियो भी शेयर किया और चारों अंतरिक्ष यात्रियों का स्वागत करते हुए उन्हें सुरक्षित वापसी पर बधाई दी। यह मिशन न सिर्फ तकनीकी सफलता है, बल्कि अंतरिक्ष अन्वेषण के एक नए युग की शुरुआत भी माना जा रहा है।




