हरियाणा के बिजली निगमों से जुड़े कथित वित्तीय घोटाले ने प्रशासनिक तंत्र में हलचल मचा दी है। इस मामले में उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) ने सख्त कदम उठाते हुए अपने मुख्य वित्तीय अधिकारी और हरियाणा पावर जनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड के वित्त निदेशक अमित दिवान को सेवा से बर्खास्त कर दिया है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अधिकारी पर अपने पद का दुरुपयोग कर बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप है। मामला सामने आने के बाद विभाग के अन्य अधिकारियों में भी चिंता का माहौल बन गया है और जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।
जांच से जुड़े दस्तावेजों के अनुसार, वर्ष 2024 की शुरुआत में चंडीगढ़ स्थित IDFC FIRST Bank की एक शाखा में “HPGCL Dry Fly Ash Fund” के नाम से खाता खोला गया था। खास बात यह रही कि संबंधित बैंक उस समय सरकार की अधिकृत सूची में शामिल नहीं था, इसके बावजूद बड़ी राशि इस खाते में ट्रांसफर कर दी गई।
बताया जा रहा है कि करीब 50 करोड़ रुपये इस खाते में जमा किए गए, जिनमें से कई लेन-देन संदिग्ध पाए गए हैं। जांच में ऐसे ट्रांजेक्शन सामने आए हैं जिनका कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं मिला, जिससे पूरे मामले पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मामले की जांच आगे बढ़ने पर यह भी सामने आया कि कथित अनियमितताएं सिर्फ एक बैंक तक सीमित नहीं थीं। AU Small Finance Bank में भी इसी तरह के खाते खुलवाए जाने और उनके जरिए धन के स्थानांतरण के आरोप लगे हैं।
जांच एजेंसियों का मानना है कि इन खातों के माध्यम से सरकारी धन को निजी संस्थाओं और कथित शेल कंपनियों तक पहुंचाया गया। यह मामला संभावित रूप से मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा हो सकता है, जिसकी गहन जांच जारी है।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं और कई अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। सरकार ने इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए पारदर्शिता के साथ कार्रवाई का भरोसा दिया है।

