धर्मशाला में भारत-अफगानिस्तान की नई वनडे जंग आज से, बारिश बन सकती है बड़ा फैक्टर; कई स्टार खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में युवा चेहरों पर नजर

धर्मशाला में भारत-अफगानिस्तान की नई वनडे जंग आज से, बारिश बन सकती है बड़ा फैक्टर; कई स्टार खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में युवा चेहरों पर नजर

भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मुकाबलों की वनडे सीरीज का आगाज शनिवार से होने जा रहा है। धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (HPCA) स्टेडियम में खेले जाने वाले पहले मैच पर क्रिकेट प्रेमियों की नजरें टिकी हुई हैं। यह पहली बार होगा जब दोनों टीमें किसी द्विपक्षीय वनडे सीरीज में आमने-सामने उतरेंगी। अब तक भारत और अफगानिस्तान की भिड़ंत केवल आईसीसी टूर्नामेंटों और एशिया कप जैसे बड़े आयोजनों में ही देखने को मिली है।

हालांकि इस सीरीज की शुरुआत से पहले भारतीय टीम को कुछ बड़े झटके लगे हैं। अनुभवी बल्लेबाज विराट कोहली और स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या चोट के चलते टीम का हिस्सा नहीं हैं। इसके अलावा तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज को आराम दिया गया है। ऐसे में टीम मैनेजमेंट के सामने नई संयोजन तैयार करने की चुनौती होगी। माना जा रहा है कि युवा खिलाड़ियों को खुद को साबित करने का अच्छा मौका मिल सकता है और संभव है कि प्रिंस यादव या गुरनूर बरार में से किसी एक को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण का अवसर मिले।

मौसम भी इस मुकाबले का अहम किरदार बन सकता है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार धर्मशाला में शनिवार को बारिश की संभावना करीब 55 प्रतिशत बताई गई है। यदि बारिश बीच-बीच में आती है तो मैच की गति प्रभावित हो सकती है और डकवर्थ-लुईस नियम की भूमिका भी देखने को मिल सकती है। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम परिस्थितियों को ध्यान में रखकर रणनीति तैयार करेगी।

अगर दोनों देशों के वनडे रिकॉर्ड पर नजर डालें तो भारत का पलड़ा पूरी तरह भारी दिखाई देता है। अब तक खेले गए चार वनडे मुकाबलों में भारतीय टीम ने तीन में जीत हासिल की है, जबकि एक मुकाबला रोमांचक तरीके से टाई समाप्त हुआ था। अफगानिस्तान अब तक भारत को वनडे क्रिकेट में हराने में सफल नहीं हो पाया है। दोनों टीमों की पिछली मुलाकात 2023 विश्व कप में हुई थी, जहां भारतीय टीम ने आसानी से जीत दर्ज की थी।

भारतीय टीम इस बार अपने शीर्ष बल्लेबाजों से बड़ी उम्मीदें लगाए बैठेगी। कप्तान शुभमन गिल के कंधों पर टीम की कमान होने के साथ-साथ बल्लेबाजी की भी बड़ी जिम्मेदारी होगी। पिछले डेढ़ साल में उन्होंने वनडे क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है और कई महत्वपूर्ण पारियां खेली हैं। रोहित शर्मा भी अच्छी लय में दिखाई दिए हैं और उनका अनुभव भारतीय बल्लेबाजी को मजबूती देगा।

मध्यक्रम में श्रेयस अय्यर और केएल राहुल की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रहने वाली है। श्रेयस एक बड़े व्यक्तिगत रिकॉर्ड के करीब पहुंच चुके हैं और उन्हें 3000 वनडे रन पूरे करने के लिए केवल 23 रन की आवश्यकता है। दूसरी ओर शुभमन गिल भी इसी उपलब्धि से ज्यादा दूर नहीं हैं और उन्हें इस मुकाम तक पहुंचने के लिए 47 रन चाहिए। ऐसे में दोनों बल्लेबाजों के पास व्यक्तिगत और टीम दोनों स्तर पर प्रेरणा मौजूद रहेगी।

टीम प्रबंधन बल्लेबाजी क्रम में कुछ प्रयोग भी कर सकता है। ईशान किशन, यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल जैसे खिलाड़ियों को अलग-अलग क्रम पर आजमाने की संभावना जताई जा रही है। इससे आगामी बड़े टूर्नामेंटों के लिए टीम संयोजन को लेकर स्पष्टता मिल सकती है।

गेंदबाजी विभाग में अनुभवी स्पिनर कुलदीप यादव पर काफी जिम्मेदारी होगी। उन्होंने हाल के वर्षों में सीमित ओवरों के क्रिकेट में लगातार विकेट निकाले हैं और मध्य ओवरों में विपक्षी बल्लेबाजों को बांधकर रखने की क्षमता दिखाई है। तेज गेंदबाजी आक्रमण में अर्शदीप सिंह और प्रसिद्ध कृष्णा नई गेंद से शुरुआती सफलता दिलाने की कोशिश करेंगे।

दूसरी ओर अफगानिस्तान की टीम भी पहले से कहीं ज्यादा संतुलित और आत्मविश्वास से भरी हुई नजर आ रही है। पिछले कुछ वर्षों में इस टीम ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कई बड़ी टीमों को कड़ी टक्कर दी है। बल्लेबाजी में इब्राहिम जादरान, रहमानुल्लाह गुरबाज और रहमत शाह टीम की सबसे बड़ी ताकत माने जा रहे हैं। विशेष रूप से जादरान ने हाल के वनडे मुकाबलों में शानदार निरंतरता दिखाई है और बड़ी पारियां खेलने की अपनी क्षमता साबित की है।

ऑलराउंडर अजमतुल्लाह उमरजई अफगानिस्तान के लिए एक्स-फैक्टर साबित हो सकते हैं। वे बल्ले और गेंद दोनों से मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। पिछले कुछ समय में उन्होंने लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया है और टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल हो चुके हैं। भारतीय परिस्थितियों में खेलने का अनुभव भी उनके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

अफगानिस्तान की सबसे बड़ी ताकत हालांकि उसकी स्पिन गेंदबाजी मानी जा रही है। स्टार लेग स्पिनर राशिद खान की वापसी से टीम को अतिरिक्त मजबूती मिली है। राशिद लंबे समय से विश्व क्रिकेट के सबसे खतरनाक स्पिनरों में गिने जाते हैं और भारतीय बल्लेबाजों के खिलाफ भी उनका रिकॉर्ड अच्छा रहा है। आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद उनका आत्मविश्वास भी ऊंचा होगा।

धर्मशाला का मैदान अपनी अलग पहचान रखता है। समुद्र तल से अधिक ऊंचाई पर स्थित होने के कारण यहां गेंद अपेक्षाकृत तेजी से बल्ले तक पहुंचती है। शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को स्विंग और उछाल दोनों मिलती है, जबकि बाद में बल्लेबाज रन बनाने में सहज महसूस करते हैं। यही वजह है कि यहां अक्सर संतुलित मुकाबले देखने को मिलते हैं।

इस मैदान के आंकड़े भी काफी दिलचस्प हैं। अब तक यहां खेले गए नौ वनडे मैचों में लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम को पांच बार सफलता मिली है। पहली पारी का औसत स्कोर लगभग 253 रन रहा है, लेकिन परिस्थितियां अनुकूल होने पर बल्लेबाज बड़े स्कोर भी खड़े कर सकते हैं। विश्व कप 2023 में ऑस्ट्रेलिया ने न्यूजीलैंड के खिलाफ इसी मैदान पर 388 रन बनाकर इसकी बल्लेबाजी क्षमता को साबित किया था।

हालिया फॉर्म की बात करें तो भारतीय टीम अपने पिछले पांच वनडे मुकाबलों में केवल दो जीत दर्ज कर सकी है, जबकि उसे तीन मैचों में हार का सामना करना पड़ा। दूसरी ओर अफगानिस्तान लगातार चार वनडे जीतकर इस सीरीज में उतरेगा। यही कारण है कि मेहमान टीम को हल्के में लेना भारत के लिए बड़ी गलती साबित हो सकता है।

संभावित प्लेइंग इलेवन पर नजर डालें तो भारत की ओर से शुभमन गिल, रोहित शर्मा, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा और प्रिंस यादव या गुरनूर बरार मैदान में उतर सकते हैं।

वहीं अफगानिस्तान की संभावित टीम में इब्राहिम जादरान, रहमानुल्लाह गुरबाज, सेदिकुल्लाह अटल, रहमत शाह, कप्तान हश्मतुल्लाह शाहिदी, अजमतुल्लाह उमरजई, मोहम्मद नबी या इकराम अलिखिल, राशिद खान, मोहम्मद सलीम, अल्लाह गजनफर और जिया-उर-रहमान शामिल हो सकते हैं।

कुल मिलाकर धर्मशाला में होने वाला यह मुकाबला कई मायनों में खास रहने वाला है। भारत जहां नई टीम संरचना के साथ अपनी ताकत साबित करना चाहेगा, वहीं अफगानिस्तान इतिहास रचते हुए भारत के खिलाफ पहली वनडे जीत दर्ज करने के इरादे से मैदान पर उतरेगा। मौसम की चुनौती, युवा खिलाड़ियों की परीक्षा और दोनों टीमों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा इस मुकाबले को और भी रोमांचक बना सकती है।