लखनऊ में खेले गए दूसरे वनडे मुकाबले में भारतीय टीम ने अफगानिस्तान को 170 रनों के बड़े अंतर से मात देकर तीन मैचों की सीरीज पर कब्जा जमा लिया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 402 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में अफगानिस्तान की पूरी टीम 44.3 ओवर में 232 रनों पर सिमट गई। इस जीत के साथ भारत ने सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है, जबकि आखिरी मुकाबला 20 जून को चेन्नई में खेला जाएगा।
इस मैच में भारत की जीत की नींव मजबूत बल्लेबाजी और प्रभावी गेंदबाजी दोनों ने मिलकर रखी। जहां शुभमन गिल और ईशान किशन ने शतकीय पारियां खेलकर स्कोर को 400 के पार पहुंचाया, वहीं गेंदबाजों ने लगातार विकेट निकालकर अफगानिस्तान को दबाव में रखा।
गिल और किशन की धमाकेदार साझेदारी से भारत का विशाल स्कोर
टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत संतुलित रही, लेकिन मध्यक्रम में शुभमन गिल और ईशान किशन ने मैच का पूरा रुख बदल दिया। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 224 रनों की लंबी और निर्णायक साझेदारी की, जिसने अफगानिस्तान के गेंदबाजों को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया।
कप्तान शुभमन गिल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 154 रनों की बेहतरीन पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में बेहतरीन टाइमिंग, स्ट्रोक प्ले और संयम का प्रदर्शन किया। वहीं दूसरी ओर ईशान किशन ने भी आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 125 रन बनाए और विपक्षी गेंदबाजों की लाइन-लेंथ बिगाड़ दी।
दोनों खिलाड़ियों की साझेदारी की बदौलत भारत ने 400 रन का आंकड़ा पार किया और एक ऐसा लक्ष्य खड़ा किया जो किसी भी टीम के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता था।
अफगानिस्तान की शुरुआत से ही लड़खड़ाती बल्लेबाजी
403 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी अफगानिस्तान की टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों में ही विकेट निकालकर विपक्षी टीम को बैकफुट पर धकेल दिया। हालांकि एक छोर पर रहमत शाह ने जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी की और टीम को संभालने की कोशिश की। लेकिन दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरते रहे, जिससे रनचेज पूरी तरह बिखर गया।
रहमत शाह ने 79 रनों की सबसे बड़ी पारी खेली और कुछ समय के लिए उम्मीद जगाई, लेकिन उन्हें दूसरे बल्लेबाजों से पर्याप्त समर्थन नहीं मिला।
रहमत शाह की जुझारू पारी भी नहीं बचा सकी टीम को
अफगानिस्तान की ओर से रहमत शाह ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। उन्होंने संयम और आक्रामकता का संतुलन बनाते हुए महत्वपूर्ण रन बनाए। लेकिन जब तक वह क्रीज पर टिके रहे, तब तक टीम के कई विकेट गिर चुके थे। उनके अलावा कोई भी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका। मध्यक्रम और निचला क्रम भारतीय गेंदबाजों के सामने संघर्ष करता नजर आया। नतीजा यह रहा कि पूरी टीम 44.3 ओवर में 232 रन पर ऑलआउट हो गई।
अर्शदीप सिंह और गुरनूर बरार की घातक गेंदबाजी
भारतीय गेंदबाजी आक्रमण ने भी इस मुकाबले में शानदार प्रदर्शन किया। अर्शदीप सिंह ने नई गेंद के साथ-साथ मध्य ओवरों में भी अहम विकेट लिए और अफगानिस्तान की बल्लेबाजी को लगातार झटके दिए। उन्होंने महत्वपूर्ण मौकों पर विकेट लेकर मैच को भारत के पक्ष में मजबूत कर दिया। वहीं युवा गेंदबाज गुरनूर बरार ने भी प्रभावशाली गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट अपने नाम किए।
गुरनूर ने अपनी गति और सटीक लाइन-लेंथ से बल्लेबाजों को परेशान किया। खासकर एक गेंद जो 139.5 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से अंदर की ओर आई, उसने बल्लेबाज को पूरी तरह चौंका दिया और स्टंप्स उखाड़ दिए।
निर्णायक मोड़: लगातार विकेट गिरने से टूटा अफगानिस्तान
अफगानिस्तान की पारी में कई ऐसे मोड़ आए जहां टीम मैच में वापसी कर सकती थी, लेकिन लगातार विकेट गिरने से दबाव बढ़ता गया। एक समय पर टीम 200 रन के पार पहुंच चुकी थी और स्कोरबोर्ड पर सम्मानजनक स्थिति में दिख रही थी। लेकिन 35वें ओवर के बाद भारतीय गेंदबाजों ने लगातार विकेट लेकर मैच पर पूरी पकड़ बना ली। अर्शदीप ने दो गेंदों पर लगातार दो विकेट लेकर अफगानिस्तान की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया। इसके बाद टीम संभल नहीं सकी और अंतिम ओवरों में तेजी से विकेट गिरते गए।
रहमत शाह अकेले लड़ते रहे, लेकिन जीत दूर रही
जब अफगानिस्तान की टीम 37 ओवर में 7 विकेट पर 202 रन तक पहुंच चुकी थी, तब भी रहमत शाह एक छोर पर डटे हुए थे। उन्होंने 64 गेंदों में 61 रन बनाकर संघर्ष जारी रखा। लेकिन दूसरे छोर पर मोहम्मद सलीम सफी जैसे बल्लेबाज केवल औपचारिकता निभाते नजर आए। साझेदारी न बनने की वजह से लक्ष्य और भी मुश्किल होता चला गया।
प्रिंस यादव ने किया आखिरी वार
मैच का अंतिम फैसला 45वें ओवर में हुआ जब प्रिंस यादव ने रहमत शाह का महत्वपूर्ण विकेट हासिल किया। यह विकेट अफगानिस्तान की पारी का आखिरी बड़ा झटका साबित हुआ और इसके साथ ही टीम की हार तय हो गई। इस विकेट के साथ ही अफगानिस्तान की पूरी टीम 232 रन पर ऑलआउट हो गई और भारत ने 170 रनों से मुकाबला जीत लिया।
सलीम का विकेट और गुरनूर का अहम ओवर
मैच के दौरान गुरनूर बरार ने एक और महत्वपूर्ण सफलता हासिल की जब उन्होंने मोहम्मद सलीम को यॉर्कर गेंद पर बोल्ड कर दिया। तेज रफ्तार से आई यह गेंद सीधे स्टंप्स पर जाकर लगी और बल्लेबाज के पास कोई जवाब नहीं था। यह विकेट भारत के लिए आठवीं सफलता थी और इसके बाद जीत लगभग तय हो गई थी।
पहला मैच भी भारत के नाम, सीरीज पर कब्जा
इस जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की सीरीज 2-0 से अपने नाम कर ली है। इससे पहले धर्मशाला में खेले गए पहले वनडे में भी भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अफगानिस्तान को 7 विकेट से हराया था। अब सीरीज का अंतिम मुकाबला 20 जून को चेन्नई में खेला जाएगा, जिसमें अफगानिस्तान अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिए मैदान में उतरेगा।
भारत का ऑलराउंड दबदबा
इस पूरे मुकाबले में भारतीय टीम ने हर विभाग में बेहतर प्रदर्शन किया। बल्लेबाजी में जहां 400+ का स्कोर बना, वहीं गेंदबाजी में नियमित अंतराल पर विकेट लेकर विपक्ष को दबाव में रखा गया। गिल और किशन की शतकीय पारियां, अर्शदीप की धारदार गेंदबाजी और गुरनूर बरार की तेज रफ्तार ने इस जीत को एकतरफा बना दिया। अफगानिस्तान की टीम ने कुछ समय तक संघर्ष जरूर किया, लेकिन भारतीय टीम के सामने वह टिक नहीं सकी। इस तरह भारत ने एक और मजबूत जीत दर्ज कर सीरीज अपने नाम कर ली।




