सेमीफाइनल की जंग में भारत के सामने ऑस्ट्रेलिया की चुनौती, जीत से खुलेगा रास्ता; साउथ अफ्रीका-बांग्लादेश मुकाबले पर भी रहेंगी नजरें

सेमीफाइनल की जंग में भारत के सामने ऑस्ट्रेलिया की चुनौती, जीत से खुलेगा रास्ता; साउथ अफ्रीका-बांग्लादेश मुकाबले पर भी रहेंगी नजरें

विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के ग्रुप-ए में सेमीफाइनल की तस्वीर आज साफ हो जाएगी। लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर होने वाले दो मुकाबले यह तय करेंगे कि भारत, ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका में से कौन सी टीमें अंतिम-4 में जगह बनाएंगी। दिन के पहले मैच में साउथ अफ्रीका की टीम बांग्लादेश से भिड़ेगी, जबकि इसके बाद भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बड़ा मुकाबला खेला जाएगा।

ऑस्ट्रेलिया पहले ही सेमीफाइनल की दौड़ में मजबूत स्थिति में है। टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 8 अंकों के साथ ग्रुप में पहला स्थान बना रखा है। असली मुकाबला दूसरे स्थान के लिए है, जहां भारत और साउथ अफ्रीका बराबरी की स्थिति में खड़े हैं। दोनों टीमों के खाते में 4 मैचों के बाद 6-6 अंक हैं, लेकिन भारत का नेट रनरेट काफी बेहतर है। भारत का नेट रनरेट +2.268 है, जबकि साउथ अफ्रीका +0.734 के साथ पीछे है।

बांग्लादेश भी गणितीय रूप से दौड़ में मौजूद है। उसके पास 4 अंक हैं, लेकिन खराब नेट रनरेट (-0.849) के कारण उसकी राह बेहद मुश्किल है। अब हर टीम की नजर अपने मुकाबले के साथ-साथ दूसरे मैच के नतीजे पर भी रहेगी।

भारत की जीत सीधे सेमीफाइनल में पहुंचा सकती है

भारतीय टीम के लिए सबसे आसान समीकरण यही है कि वह ऑस्ट्रेलिया को हराकर अपनी जगह पक्की कर ले। अगर भारत जीत दर्ज करता है तो उसके 8 अंक हो जाएंगे और बेहतर नेट रनरेट के आधार पर वह सेमीफाइनल में पहुंच जाएगा।

हालांकि अगर भारत और साउथ अफ्रीका दोनों अपने-अपने मुकाबले जीत लेते हैं तो तीनों टीमों यानी भारत, ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के 8-8 अंक हो जाएंगे। ऐसी स्थिति में नेट रनरेट सबसे अहम भूमिका निभाएगा। ऑस्ट्रेलिया पहले स्थान पर रहेगा, जबकि भारत का मौजूदा नेट रनरेट उसे साउथ अफ्रीका से आगे रखता है।

नेट रनरेट का महत्व इतना ज्यादा है कि बड़े अंतर की जीत या हार से टीमों की स्थिति बदल सकती है। अगर भारत पहले बल्लेबाजी करते हुए 200 रन बनाता है तो ऑस्ट्रेलिया को पीछे छोड़ने के लिए उसे लगभग 93 रन के बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी। वहीं अगर भारत 160 रन के लक्ष्य का पीछा करता है तो करीब 8 ओवर में जीत हासिल करने पर नेट रनरेट में बड़ा फायदा मिल सकता है।

दूसरी तरफ साउथ अफ्रीका के लिए ऑस्ट्रेलिया को पीछे छोड़ना आसान नहीं होगा। उसे बांग्लादेश के खिलाफ बहुत बड़े अंतर से जीत की जरूरत पड़ सकती है, जो मौजूदा परिस्थितियों में बेहद मुश्किल दिखाई दे रहा है।

ऑस्ट्रेलिया की जीत से बदल सकता है समीकरण

अगर भारत ऑस्ट्रेलिया से हार जाता है और साउथ अफ्रीका बांग्लादेश को हरा देता है तो ऑस्ट्रेलिया 10 अंकों के साथ पहले और साउथ अफ्रीका 8 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच जाएगा। ऐसी स्थिति में भारत टूर्नामेंट से बाहर हो सकता है।

वहीं अगर ऑस्ट्रेलिया जीतता है और बांग्लादेश बड़ा उलटफेर करते हुए साउथ अफ्रीका को हरा देता है तो ऑस्ट्रेलिया 10 अंक लेकर टॉप पर रहेगा। भारत, साउथ अफ्रीका और बांग्लादेश तीनों 6-6 अंक पर होंगे। यहां भारत को फायदा उसके बेहतर नेट रनरेट से मिलेगा।

भारत के बाहर होने की स्थिति तभी बन सकती है जब उसे बहुत बड़े अंतर से हार का सामना करना पड़े और बांग्लादेश भी साउथ अफ्रीका को बड़े अंतर से हरा दे। फिलहाल भारतीय टीम मजबूत स्थिति में है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया जैसी बड़ी टीम के खिलाफ छोटी गलती भी भारी पड़ सकती है।

अब तक नहीं मिल पाई भारत को मजबूत प्लेइंग-11

टूर्नामेंट में भारतीय टीम का सबसे बड़ा सवाल उसकी प्लेइंग-11 को लेकर रहा है। टीम मैनेजमेंट ने अब तक लगभग सभी खिलाड़ियों को मौका दिया है, लेकिन एक स्थायी संयोजन तैयार नहीं हो पाया है।

नंबर-3 की जिम्मेदारी यस्तिका भाटिया को देने का फैसला उम्मीद के मुताबिक सफल नहीं रहा। वहीं श्रेयंका पाटिल की चोट के बाद टीम का संतुलन भी प्रभावित हुआ। तेज गेंदबाजी विभाग में लगातार बदलाव देखने को मिले हैं, जबकि फील्डिंग में हुई गलतियों ने भी टीम की परेशानी बढ़ाई है।

हालांकि भारतीय टीम का आत्मविश्वास बढ़ाने वाली बात यह है कि उसने पिछले वनडे वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया था और रिकॉर्ड रनचेज करते हुए जीत हासिल की थी। टीम उसी आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरना चाहेगी।

हरमनप्रीत की फॉर्म बनी चिंता

कप्तान हरमनप्रीत कौर का प्रदर्शन भी टीम के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने चार मैचों में 85 रन बनाए हैं, लेकिन उनका स्ट्राइक रेट 106.25 रहा है और वह अभी तक एक भी छक्का नहीं लगा पाई हैं।

भारत को उम्मीद होगी कि बड़े मुकाबले में कप्तान अपनी लय हासिल करेंगी। बल्लेबाजी में स्मृति मंधाना टीम की सबसे बड़ी उम्मीद बनी हुई हैं। उन्होंने टूर्नामेंट में भारत की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। गेंदबाजी में श्री चरणी ने शानदार प्रदर्शन किया है और वह टीम की सबसे सफल गेंदबाज रही हैं।

संभावना है कि भारत यस्तिका भाटिया की जगह भारती फुलमाली को मौका दे सकता है। तेज गेंदबाजी में अरुंधति रेड्डी और नंदनी शर्मा में से किसी एक को अंतिम-11 में जगह मिल सकती है।

ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी ताकत एलिस पेरी

दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया की टीम शानदार फॉर्म में है। अनुभवी ऑलराउंडर एलिस पेरी टीम की सबसे बड़ी ताकत साबित हो रही हैं। पाकिस्तान के खिलाफ उन्होंने 48 गेंदों में 71 रन की बेहतरीन पारी खेली थी। इसके अलावा उन्होंने गेंद से भी कमाल करते हुए एक ओवर में दो विकेट हासिल किए थे।

पेरी का यह टी-20 वर्ल्ड कप में पहला अर्धशतक था। उनके अलावा ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी में बेथ मूनी और फोएबी लिचफील्ड जैसी खिलाड़ी अहम भूमिका निभा सकती हैं। चोट से वापसी के बाद लिचफील्ड के प्लेइंग-11 में शामिल होने की संभावना है।

लॉर्ड्स की पिच और मौसम का हाल

लॉर्ड्स में इस वर्ल्ड कप में अब तक सिर्फ एक मुकाबला खेला गया है। उस मैच में इंग्लैंड ने 186 रन बनाए थे और वेस्टइंडीज को 148 रन पर रोक दिया था। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां बल्लेबाजों को मदद मिल सकती है।

मौसम की बात करें तो मुकाबले के दौरान बादल छाए रहने की संभावना है। तापमान करीब 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम और पिच दोनों ही मैच के परिणाम में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

संभावित प्लेइंग-11

भारत:
शेफाली वर्मा, स्मृति मंधाना, जेमिमा रोड्रिग्स, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), भारती फुलमाली/यस्तिका भाटिया, ऋचा घोष (विकेटकीपर), दीप्ति शर्मा, राधा यादव, अरुंधति रेड्डी/नंदनी शर्मा, रेणुका सिंह, एन श्री चरणी।

ऑस्ट्रेलिया:
बेथ मूनी (विकेटकीपर), जॉर्जिया वोल, फोएबी लिचफील्ड, एलिस पेरी, एश्ले गार्डनर, जॉर्जिया वेयरहैम, एनाबेल सदरलैंड, निकोला कैरी, सोफी मोलिन्यू (कप्तान), अलाना किंग, किम गर्थ।

बांग्लादेश:
दिलारा अख्तर, जुआरिया फिरदौस, शारमिन अख्तर, निगार सुल्ताना (कप्तान), शोभना मोस्टारी, रितु मोनी, शोरना अख्तर, रबेया खान, नाहिदा अख्तर, मारुफा अख्तर, संजिदा अख्तर मेघला।

साउथ अफ्रीका:
लौरा वोल्वार्ट (कप्तान), ताजमिन ब्रिट्स, एनेरी डर्कसन, मारीजान कैप, नादिन डी क्लर्क, क्लो ट्रायन, डेन वान नीकेर्क, सिनालो जाफ्टा (विकेटकीपर), शबनिम इस्माइल, आयाबोंगा खाका, नोनकुलेको म्लाबा।

भारत के लिए मुकाबला सिर्फ जीत का नहीं बल्कि आत्मविश्वास साबित करने का भी है। ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ प्रदर्शन ही बताएगा कि हरमनप्रीत कौर की टीम खिताबी दौड़ में कितनी तैयार है।