EPFO 3.0: अब PF निकालना होगा आसान, UPI और ATM से तुरंत मिल सकता है पैसा; डिजिटल सिस्टम में होंगे बड़े बदलाव

EPFO 3.0: अब PF निकालना होगा आसान, UPI और ATM से तुरंत मिल सकता है पैसा; डिजिटल सिस्टम में होंगे बड़े बदलाव

एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (EPFO) अपने करोड़ों सदस्यों के लिए एक बड़ा डिजिटल बदलाव लाने की तैयारी कर रहा है। EPFO 3.0 के तहत पीएफ खाताधारकों को जल्द ही ऐसी सुविधा मिल सकती है, जिससे वे अपने भविष्य निधि (PF) के पैसे को UPI और ATM जैसे आसान माध्यमों से निकाल सकेंगे। इस कदम का मकसद पीएफ निकासी प्रक्रिया को तेज, आसान और ज्यादा डिजिटल बनाना है।

मौजूदा व्यवस्था में पीएफ से पैसा निकालने के लिए ऑनलाइन क्लेम डालना पड़ता है और कई बार अप्रूवल व सेटलमेंट में समय लग जाता है। नए सिस्टम के लागू होने के बाद यह प्रक्रिया काफी सरल हो सकती है। उम्मीद है कि EPFO इस सुविधा को जून के आखिर तक शुरू कर सकता है।

UPI के जरिए PF निकासी की सुविधा

EPFO 3.0 के आने के बाद सदस्य अपने PF खाते से UPI के माध्यम से पैसे निकाल सकेंगे। इसके लिए उन्हें सपोर्टेड UPI एप्लिकेशन का इस्तेमाल करना होगा। पैसा निकालने से पहले सदस्य की पहचान को आधार आधारित OTP वेरिफिकेशन से प्रमाणित किया जाएगा। वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद पात्र राशि सीधे सदस्य के लिंक किए गए बैंक खाते में ट्रांसफर हो सकती है। इससे लोगों को क्लेम डालने और उसके अप्रूवल का इंतजार करने की जरूरत काफी कम हो जाएगी।

हालांकि EPFO ने अभी तक UPI और ATM निकासी के लिए अलग से कोई नई लिमिट घोषित नहीं की है। माना जा रहा है कि शुरुआत में मौजूदा PF निकासी नियमों के आधार पर ही सुविधा उपलब्ध होगी।

PF बैलेंस का 75% तक निकालने का विकल्प

मौजूदा नियमों के अनुसार योग्य सदस्य अपनी जरूरत और पात्रता के हिसाब से PF खाते में जमा रकम का एक बड़ा हिस्सा निकाल सकते हैं। नए डिजिटल सिस्टम में भी अनुमान है कि पात्र खाताधारक अपने उपलब्ध PF बैलेंस का करीब 75% तक हिस्सा निकाल सकेंगे। इसका मतलब है कि अगर किसी सदस्य को आपात स्थिति में पैसों की जरूरत है तो उसे लंबी प्रक्रिया से गुजरने के बजाय डिजिटल माध्यम से जल्दी पैसा मिल सकता है। हालांकि EPFO की ओर से अंतिम गाइडलाइन जारी होने के बाद ही यह साफ होगा कि किन परिस्थितियों में कितनी राशि निकालने की अनुमति होगी।

NPCI के साथ मिलकर तैयार हो रहा नया सिस्टम

EPFO 3.0 के तहत इस नई सुविधा को तैयार करने में नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की भी अहम भूमिका है। NPCI देश में UPI और डिजिटल पेमेंट सिस्टम को संचालित करता है। बताया जा रहा है कि नए PF विड्रॉल सिस्टम की टेस्टिंग पूरी हो चुकी है और इसे लागू करने की तैयारी चल रही है। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने भी संकेत दिए हैं कि EPFO में डिजिटल सुधारों को आगे बढ़ाया जा रहा है। इस सिस्टम के लागू होने के बाद PF निकासी बैंकिंग ट्रांजैक्शन की तरह आसान हो सकती है।

ATM से भी निकाल सकेंगे PF का पैसा

EPFO 3.0 में सिर्फ UPI ही नहीं बल्कि ATM के जरिए भी PF निकासी की सुविधा देने की योजना है। इसके लिए PF से जुड़े विशेष ATM कार्ड शुरू किए जाने की उम्मीद है। इन कार्ड की मदद से सदस्य अपने योग्य PF अमाउंट को ATM से निकाल पाएंगे। यह प्रक्रिया सामान्य डेबिट कार्ड से पैसे निकालने जैसी हो सकती है। इस सुविधा से उन लोगों को ज्यादा फायदा होगा जिन्हें तुरंत पैसों की जरूरत होती है और जो ऑनलाइन क्लेम प्रक्रिया से बचना चाहते हैं।

खाते में बचा रहेगा कुछ हिस्सा

रिपोर्ट्स के अनुसार, PF खाते से पूरी रकम निकालने के बजाय सदस्य के खाते में कुछ राशि बची रह सकती है। इसका उद्देश्य यह है कि रिटायरमेंट के लिए बनाई गई बचत पूरी तरह खत्म न हो। संभावना है कि सदस्य को कम से कम 25% PF बैलेंस खाते में बनाए रखना जरूरी हो सकता है। हालांकि इस संबंध में अंतिम फैसला EPFO की आधिकारिक गाइडलाइन आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

किन लोगों को मिलेगी नई सुविधा

EPFO की इस डिजिटल निकासी सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए सदस्यों को कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी। सबसे पहले सदस्य का UAN यानी यूनिवर्सल अकाउंट नंबर एक्टिव होना जरूरी होगा। इसके अलावा UAN का आधार से लिंक होना भी जरूरी हो सकता है। सदस्य की KYC जानकारी अपडेट होनी चाहिए। इसमें PAN डिटेल्स, बैंक अकाउंट और IFSC कोड की सही जानकारी शामिल है। इसके साथ ही मोबाइल नंबर का EPFO रिकॉर्ड में अपडेट होना जरूरी होगा, क्योंकि OTP के जरिए पहचान की पुष्टि की जाएगी।

ऑटो सेटलमेंट लिमिट में भी बड़ा बदलाव

EPFO 3.0 के तहत सिर्फ PF निकासी ही नहीं बल्कि क्लेम प्रोसेसिंग में भी बदलाव किए जा रहे हैं। EPFO ने ऑटो सेटलमेंट की सीमा को बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दिया है। पहले यह सीमा 1 लाख रुपए तक थी। अब 5 लाख रुपए तक के योग्य क्लेम को सिस्टम खुद प्रोसेस कर सकेगा। इससे छोटे और सामान्य क्लेम के लिए अधिकारियों की मैनुअल मंजूरी की जरूरत कम होगी और पैसा जल्दी जारी हो सकेगा।

क्लेम प्रक्रिया होगी ज्यादा तेज

ऑटो सेटलमेंट सिस्टम का फायदा यह होगा कि सॉफ्टवेयर तय नियमों के आधार पर क्लेम की जांच करेगा और पात्र होने पर उसे अपने आप आगे बढ़ा देगा। इससे कर्मचारियों को बार-बार EPFO ऑफिस या ऑनलाइन स्टेटस चेक करने की परेशानी कम होगी। डिजिटल सिस्टम बढ़ने से कागजी काम भी कम होगा और पूरी प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी बनने की उम्मीद है।

UMANG ऐप से फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा

EPFO डिजिटल सुविधाओं को बढ़ाने के लिए UMANG ऐप के जरिए फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी (FAT) का इस्तेमाल भी बढ़ा रहा है। इससे सदस्य अपनी पहचान चेहरे के जरिए प्रमाणित कर सकेंगे। इससे KYC और वेरिफिकेशन प्रक्रिया आसान होगी। फेस ऑथेंटिकेशन के आने से दस्तावेजों पर निर्भरता कम हो सकती है और ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल ज्यादा सुविधाजनक बनेगा।

पुराने नियम फिलहाल रहेंगे लागू

हालांकि EPFO 3.0 की नई सुविधाओं का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन जब तक EPFO की ओर से पूरी गाइडलाइन जारी नहीं की जाती, तब तक पुराने नियम ही लागू रहेंगे। PF निकासी की पात्रता, टैक्स नियम और अन्य शर्तें मौजूदा व्यवस्था के अनुसार ही रहेंगी। नई सुविधा शुरू होने के बाद EPFO सदस्य अपने PF खाते को ज्यादा आसानी से मैनेज कर पाएंगे और जरूरत पड़ने पर डिजिटल माध्यम से जल्दी पैसे प्राप्त कर सकेंगे।

कुल मिलाकर EPFO 3.0 को भविष्य निधि सिस्टम को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। UPI, ATM, ऑटो सेटलमेंट और फेस ऑथेंटिकेशन जैसी सुविधाएं आने से करोड़ों कर्मचारियों के लिए PF से जुड़ी सेवाएं पहले से ज्यादा तेज और आसान हो सकती हैं।