चंडीगढ़। हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी ने आने वाले महीनों के राजनीतिक और संगठनात्मक कार्यक्रमों को लेकर अपनी तैयारियों को नई दिशा देने की शुरुआत कर दी है। इसी उद्देश्य से रविवार को चंडीगढ़ में पार्टी की कोर कमेटी की अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी, जनसंपर्क अभियानों के विस्तार और सरकार की योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाने जैसे विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, प्रदेश अध्यक्ष अर्चना गुप्ता सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। नए प्रदेश अध्यक्ष के कार्यभार संभालने के बाद यह कोर कमेटी की पहली औपचारिक बैठक थी, इसलिए इसे संगठनात्मक दृष्टि से विशेष महत्व दिया जा रहा है। पार्टी नेतृत्व ने इसे आगामी राजनीतिक गतिविधियों और संगठन विस्तार की दिशा तय करने वाली महत्वपूर्ण बैठक माना।
नए नेतृत्व के साथ संगठन को नई गति देने पर जोर
बैठक का प्रमुख उद्देश्य प्रदेश में पार्टी संगठन को और अधिक प्रभावी तथा मजबूत बनाना रहा। नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि संगठन की वास्तविक ताकत बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से आती है, इसलिए प्रत्येक बूथ पर पार्टी की सक्रियता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे। इसके तहत कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपने, नियमित संवाद स्थापित करने और संगठनात्मक कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी बढ़ाने की रणनीति तैयार की गई।
बैठक में यह भी विचार किया गया कि पार्टी की विभिन्न इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर संगठन को अधिक सशक्त बनाया जाए। प्रदेश, जिला, मंडल और बूथ स्तर तक कार्यों की नियमित समीक्षा करने तथा समयबद्ध कार्यक्रमों के माध्यम से संगठन को सक्रिय रखने पर विशेष बल दिया गया।
सरकार की योजनाओं को घर-घर पहुंचाने की रणनीति
कोर कमेटी की चर्चा का एक प्रमुख विषय राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों को आम नागरिकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना भी रहा। नेताओं ने माना कि सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में संगठन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
इसी को ध्यान में रखते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं को विभिन्न जनसंपर्क अभियानों के माध्यम से लोगों के बीच जाने, योजनाओं की जानकारी देने और सरकार की उपलब्धियों को व्यापक स्तर पर प्रचारित करने की जिम्मेदारी सौंपने पर विचार किया गया। साथ ही जनता से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं और सुझावों को भी संगठन के माध्यम से सरकार तक पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूत करने पर चर्चा हुई।
बूथ स्तर पर मजबूत नेटवर्क तैयार करने की योजना
बैठक में बार-बार इस बात पर जोर दिया गया कि चुनावी सफलता की मजबूत नींव बूथ स्तर पर ही तैयार होती है। इसलिए प्रत्येक बूथ को सक्रिय इकाई के रूप में विकसित करने की दिशा में व्यापक कार्ययोजना बनाई जाएगी।
इसके तहत बूथ समितियों को मजबूत करने, नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने, नियमित बैठकों का आयोजन करने तथा सामाजिक और जनहित कार्यक्रमों के माध्यम से जनता के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखने जैसे विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि यदि बूथ स्तर का संगठन मजबूत होगा तो प्रदेश स्तर पर संगठन स्वतः ही अधिक प्रभावी बनेगा।
आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा
बैठक के दौरान आने वाले महीनों में आयोजित होने वाले विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक और संगठनात्मक कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तैयार की गई। नेताओं ने इस बात पर बल दिया कि प्रत्येक कार्यक्रम केवल औपचारिक आयोजन तक सीमित न रहे, बल्कि उसके माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों तक पार्टी की पहुंच और संवाद को मजबूत किया जाए।
इसके अलावा अलग-अलग जिलों और मंडलों में संगठनात्मक गतिविधियों को नियमित रूप से संचालित करने तथा कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को भी गति देने पर सहमति बनी। पार्टी नेतृत्व ने निर्देश दिए कि प्रत्येक स्तर पर कार्यों की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी ताकि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
कार्यकर्ताओं की भूमिका को मिलेगा अधिक महत्व
बैठक में संगठन के विस्तार के साथ-साथ कार्यकर्ताओं की भूमिका को और अधिक महत्वपूर्ण बनाने पर भी विशेष चर्चा हुई। नेताओं का मानना रहा कि पार्टी की सफलता का आधार समर्पित कार्यकर्ता होते हैं, इसलिए उनकी सक्रिय भागीदारी और जिम्मेदारियों में वृद्धि आवश्यक है।
इस उद्देश्य से संगठनात्मक कार्यक्रमों में कार्यकर्ताओं को अधिक अवसर देने, नए चेहरों को जिम्मेदारी सौंपने तथा अनुभवी नेताओं के मार्गदर्शन में संगठन को मजबूत बनाने की रणनीति पर विचार किया गया। साथ ही विभिन्न मोर्चों और प्रकोष्ठों को भी अधिक सक्रिय बनाने की दिशा में सुझाव सामने आए।
समन्वय और संवाद पर रहेगा विशेष फोकस
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने के लिए नियमित संवाद की व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। नेताओं का मानना था कि सरकार की नीतियों और संगठन की गतिविधियों में बेहतर समन्वय होने से जनता तक सकारात्मक संदेश अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचेगा।
इसी के तहत विभिन्न स्तरों पर संवाद कार्यक्रम आयोजित करने तथा संगठनात्मक इकाइयों से लगातार फीडबैक लेने की व्यवस्था को भी सुदृढ़ करने पर सहमति बनी।
राजनीतिक दृष्टि से अहम मानी जा रही बैठक
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह बैठक कई मायनों में महत्वपूर्ण रही। प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अर्चना गुप्ता के नेतृत्व में आयोजित पहली कोर कमेटी बैठक होने के कारण संगठन के भविष्य की दिशा तय करने का यह पहला बड़ा अवसर था।
बैठक में जिस प्रकार संगठन विस्तार, बूथ सशक्तिकरण, जनसंपर्क अभियानों और कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका पर जोर दिया गया, उससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि भाजपा आने वाले समय में संगठनात्मक गतिविधियों को और तेज करने की तैयारी में है। पार्टी नेतृत्व प्रदेशभर में चरणबद्ध अभियान चलाकर संगठन को और मजबूत बनाने की दिशा में काम करेगा।
वरिष्ठ नेताओं की रही मौजूदगी
बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के अलावा प्रदेश प्रभारी डॉ. सतीश पूनिया, सह-प्रभारी सुरेंद्र नागर, राष्ट्रीय सचिव ओमप्रकाश धनखड़, केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, प्रदेश संगठन महामंत्री फनींद्रनाथ शर्मा, भाजपा संसदीय बोर्ड की सदस्य डॉ. सुधा यादव, कैबिनेट मंत्री अनिल विज, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रामबिलास शर्मा, पूर्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली, सांसद सुभाष बराला तथा पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल सहित पार्टी के अनेक वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया।
बैठक में सभी नेताओं ने संगठन को मजबूत बनाने, कार्यकर्ताओं के साथ नियमित संवाद बनाए रखने तथा सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर अपने-अपने सुझाव प्रस्तुत किए। अंत में पार्टी नेतृत्व ने प्रदेशभर में संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने, जनसेवा के संकल्प को और मजबूत करने तथा आगामी कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने का आह्वान किया।




