अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने पाकिस्तानी सेना की ओर से किए गए हवाई हमलों की कड़ी आलोचना की है। तालिबान प्रशासन का दावा है कि पाकिस्तान की कार्रवाई में बड़ी संख्या में आम नागरिक मारे गए हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। अफगान सरकार ने इसे निर्दोष लोगों को निशाना बनाने वाली कार्रवाई बताते हुए पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व को चेतावनी दी है।
अफगान अधिकारियों के अनुसार, रविवार रात पाकिस्तान की सेना ने अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में हवाई हमले किए। इन हमलों में कम से कम 35 लोगों की मौत होने का दावा किया गया है, जबकि 40 से ज्यादा लोगों के घायल होने की बात कही गई है। अफगानिस्तान की ओर से कहा गया है कि मरने वालों में ज्यादातर आम नागरिक थे, जबकि पाकिस्तान का कहना है कि उसने आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था।
यह हमला अफगानिस्तान के पक्तिका और कुनार प्रांतों में हुआ। दोनों ही इलाके पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा के पास स्थित हैं और लंबे समय से सुरक्षा तनाव के केंद्र रहे हैं। अफगान अधिकारियों ने कहा कि पाकिस्तानी हमलों से कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ है और लोगों के घरों को भी नुकसान पहुंचा है।
तालिबान ने पाकिस्तान की कार्रवाई को बताया ‘आपराधिक’
तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तान की सेना पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने सैन्य कार्रवाई के नाम पर आम लोगों को निशाना बनाया है। उनके मुताबिक, पक्तिका प्रांत के गयान और समकानी जिलों के अलावा कुनार प्रांत के मारवारा इलाके में भी हमले किए गए।
मुजाहिद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर पाकिस्तान की कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के नागरिक इलाकों पर हमला करना स्वीकार नहीं किया जा सकता। तालिबान प्रवक्ता ने इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ बताते हुए पाकिस्तान से ऐसी कार्रवाई रोकने की मांग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी हमलों में महिलाओं और बच्चों समेत कई निर्दोष लोग मारे गए हैं। तालिबान सरकार ने कहा कि किसी भी देश को दूसरे देश की सीमा में घुसकर आम नागरिकों को नुकसान पहुंचाने का अधिकार नहीं है।
तालिबान प्रशासन ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर को चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाई से क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है। अफगान पक्ष ने कहा कि वह अपनी जमीन और नागरिकों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगा।
पाकिस्तान का दावा- आतंकियों के ठिकानों पर की गई कार्रवाई
वहीं पाकिस्तान की सेना और सरकार ने इन आरोपों से अलग दावा किया है। पाकिस्तान का कहना है कि उसकी कार्रवाई का मकसद अफगानिस्तान में मौजूद प्रतिबंधित आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान यानी टीटीपी के ठिकानों को निशाना बनाना था। पाकिस्तान की ओर से दावा किया गया कि सैन्य अभियान के दौरान टीटीपी से जुड़े कई लड़ाके मारे गए हैं। पाकिस्तानी अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई देश में हुए आतंकी हमलों के जवाब में की गई थी।
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने बताया कि यह ऑपरेशन कराची में हुए एक हमले के बाद किया गया। उनके मुताबिक, पाकिस्तान अपनी सुरक्षा के लिए सीमा पार मौजूद आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करने को मजबूर है।
इस्लामाबाद लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल पाकिस्तान विरोधी आतंकी गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। पाकिस्तान का कहना है कि टीटीपी के सदस्य अफगान क्षेत्र में शरण लेकर वहां से हमलों की योजना बनाते हैं।
सीमा विवाद और बढ़ता तनाव
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के रिश्तों में पहले से ही कई मुद्दों को लेकर तनाव रहा है। दोनों देशों के बीच लंबी सीमा, सुरक्षा चिंताएं और आतंकवाद सबसे बड़े विवादों में शामिल हैं। पाकिस्तान कई बार अफगानिस्तान से टीटीपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर चुका है। दूसरी ओर तालिबान सरकार का कहना है कि पाकिस्तान को अपनी समस्याओं का समाधान बातचीत से करना चाहिए और सैन्य कार्रवाई से बचना चाहिए।
अफगानिस्तान का आरोप है कि पाकिस्तान जब भी सीमा पार हमला करता है तो आम लोगों को नुकसान पहुंचता है। वहीं पाकिस्तान का कहना है कि उसकी सेना केवल आतंकवादी समूहों को निशाना बनाती है और नागरिकों को नुकसान पहुंचाना उसका उद्देश्य नहीं होता।
बीते कुछ समय में दोनों देशों के बीच सीमा पर झड़पें और हवाई हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं। अक्टूबर के बाद से पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान के अंदर कई बार सैन्य कार्रवाई किए जाने की खबरें सामने आई हैं।
अफगानिस्तान ने दी कड़ी प्रतिक्रिया
अफगान अधिकारियों ने इस घटना के बाद पाकिस्तान से जवाब मांगा है। तालिबान सरकार का कहना है कि वह अपने नागरिकों की मौत को नजरअंदाज नहीं कर सकती। जबीउल्लाह मुजाहिद ने कहा कि अफगानिस्तान शांति चाहता है लेकिन बार-बार होने वाली ऐसी घटनाओं को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी तरह की आक्रामक कार्रवाई के गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
तालिबान प्रशासन ने दावा किया कि पाकिस्तान की कार्रवाई से कई परिवार प्रभावित हुए हैं और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। अफगान अधिकारियों ने मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई है।
पाकिस्तान की सुरक्षा चिंताएं भी बनी हुई हैं
दूसरी तरफ पाकिस्तान का कहना है कि वह अपनी सीमा और नागरिकों की सुरक्षा के लिए कदम उठा रहा है। पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार, टीटीपी और उससे जुड़े संगठन लगातार पाकिस्तान में हमले करते रहे हैं।
इस्लामाबाद का आरोप है कि अफगानिस्तान में मौजूद कुछ आतंकी समूह पाकिस्तान के खिलाफ गतिविधियां चला रहे हैं। पाकिस्तान का कहना है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए ऐसे ठिकानों को निशाना बनाता रहेगा।
हालांकि अफगानिस्तान इस दावे को स्वीकार नहीं करता। तालिबान सरकार का कहना है कि पाकिस्तान को किसी भी कार्रवाई से पहले अफगान सरकार से बातचीत करनी चाहिए।
दोनों देशों के रिश्तों पर असर
ताजा हमलों के बाद पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच कूटनीतिक तनाव और बढ़ने की संभावना है। दोनों देश पहले भी सीमा सुरक्षा और आतंकवाद के मुद्दे पर आमने-सामने आ चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दोनों देशों के बीच बातचीत का रास्ता कमजोर हुआ तो सीमा क्षेत्रों में हालात और खराब हो सकते हैं। पाकिस्तान जहां आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई को जरूरी बता रहा है, वहीं अफगानिस्तान इसे अपनी संप्रभुता में दखल मान रहा है।
फिलहाल दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। पाकिस्तान का कहना है कि उसका निशाना आतंकी संगठन थे, जबकि तालिबान सरकार का दावा है कि इन हमलों में आम नागरिकों की जान गई है। इस घटना के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।




