गर्मियों का मौसम आते ही लोग छुट्टियों, वीकेंड ट्रिप, पूल पार्टी, बीच आउटिंग और दोस्तों के साथ गेट-टुगेदर का खूब आनंद लेते हैं। ऐसे मौकों पर कई लोग शराब का सेवन भी करते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि भीषण गर्मी और शराब का मेल शरीर के लिए गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है। तेज धूप, उमस और बढ़ते तापमान के बीच शराब पीने से शरीर पर सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा असर पड़ता है। इससे पानी की कमी, शरीर का तापमान बढ़ना, चक्कर आना और कई बार जानलेवा स्थिति तक बन सकती है।
गर्मी और शराब का साथ क्यों माना जाता है जोखिम भरा?
विशेषज्ञों का मानना है कि जब बाहर का तापमान बहुत ज्यादा हो, तब शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए लगातार पसीना निकालता है। इस प्रक्रिया में शरीर से काफी मात्रा में पानी और जरूरी मिनरल्स बाहर निकल जाते हैं। यदि इसी दौरान शराब पी ली जाए, तो शरीर में पानी की कमी और तेजी से बढ़ने लगती है। यही वजह है कि गर्मियों में शराब का सेवन सामान्य मौसम की तुलना में अधिक नुकसानदायक माना जाता है।
शरीर में तेजी से बढ़ सकती है पानी की कमी
शराब को डाइयूरेटिक (Diuretic) माना जाता है। इसका मतलब है कि यह पेशाब की मात्रा बढ़ा देती है, जिससे शरीर से अतिरिक्त तरल पदार्थ बाहर निकलता है। दूसरी तरफ गर्मी में पहले से ही पसीने के जरिए शरीर लगातार पानी खो रहा होता है। ऐसे में दोनों कारण मिलकर डिहाइड्रेशन का खतरा कई गुना बढ़ा सकते हैं।
अगर व्यक्ति पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीता, तो उसे प्यास अधिक लगना, मुंह सूखना, कमजोरी, थकान, सिरदर्द और चक्कर आने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। कुछ मामलों में उल्टी होने पर शरीर से इलेक्ट्रोलाइट्स भी तेजी से कम होने लगते हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।
सिर्फ पानी नहीं, इलेक्ट्रोलाइट्स की भी हो सकती है कमी
गर्मी में लगातार पसीना निकलने से शरीर से केवल पानी ही नहीं बल्कि सोडियम, पोटैशियम और अन्य जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स भी बाहर निकल जाते हैं। शराब का सेवन इस प्रक्रिया को और तेज कर सकता है। इलेक्ट्रोलाइट्स का असंतुलन होने पर मांसपेशियों में ऐंठन, कमजोरी, चक्कर और शरीर की सामान्य कार्यप्रणाली प्रभावित हो सकती है।
इसलिए यदि कोई व्यक्ति शराब पी रहा है, तो उसे बीच-बीच में पर्याप्त पानी पीने और शरीर को हाइड्रेट रखने की सलाह दी जाती है।
हीट स्ट्रोक का खतरा क्यों बढ़ जाता है?
विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर अपने तापमान को नियंत्रित रखने के लिए पसीने का सहारा लेता है। लेकिन जब शरीर में पानी की कमी हो जाती है, तब यह प्राकृतिक प्रणाली ठीक से काम नहीं कर पाती। इसका परिणाम यह हो सकता है कि शरीर का तापमान लगातार बढ़ने लगे और हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थिति बन जाए।
हीट स्ट्रोक एक मेडिकल इमरजेंसी मानी जाती है। यदि समय रहते इलाज न मिले तो यह जानलेवा भी साबित हो सकती है।
किन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए?
अगर गर्मी में शराब पीने के बाद किसी व्यक्ति को तेज सिरदर्द, चक्कर, अत्यधिक कमजोरी, भ्रम की स्थिति, बेहोशी, दौरे पड़ना या शरीर का तापमान बहुत अधिक महसूस हो, तो इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत ठंडी जगह पर ले जाना और चिकित्सा सहायता लेना जरूरी होता है।
पानी के आसपास शराब पीना हो सकता है खतरनाक
गर्मी के मौसम में लोग अक्सर स्विमिंग पूल, नदी, झील या समुद्र के किनारे घूमने जाते हैं। कई लोग इन जगहों पर शराब का सेवन भी कर लेते हैं, लेकिन ऐसा करना जोखिम भरा हो सकता है।
शराब पीने के बाद व्यक्ति का संतुलन बिगड़ सकता है, निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित हो सकती है और प्रतिक्रिया देने की गति भी धीमी हो जाती है। ऐसे में पानी में उतरने पर फिसलने, गहराई का सही अनुमान न लगा पाने या डूबने जैसी घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि शराब पीने के तुरंत बाद तैराकी करने या किसी भी जल गतिविधि में हिस्सा लेने से बचना चाहिए।
नाव की सैर के दौरान भी रखें विशेष सावधानी
अगर आप बोटिंग या नाव की सैर का प्लान बना रहे हैं, तो शराब से दूरी बनाए रखना बेहतर माना जाता है। नाव में संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी होता है, लेकिन शराब पीने के बाद शरीर का नियंत्रण कमजोर हो सकता है।
इसके अलावा कई बार शराब के प्रभाव में व्यक्ति जरूरत से ज्यादा आत्मविश्वास महसूस करने लगता है और जोखिम भरे फैसले ले बैठता है। तेज गति से नाव चलाना या सुरक्षा नियमों की अनदेखी करना दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है।
वाहन चलाना भी हो सकता है जानलेवा फैसला
गर्मी में शराब पीने के बाद ड्राइविंग करना दोहरे खतरे को जन्म देता है। एक ओर शराब प्रतिक्रिया क्षमता और निर्णय लेने की शक्ति को प्रभावित करती है, वहीं दूसरी ओर डिहाइड्रेशन और थकान व्यक्ति की एकाग्रता को कम कर सकते हैं।
ऐसी स्थिति में सड़क दुर्घटनाओं का जोखिम काफी बढ़ जाता है। इसलिए शराब पीने के बाद किसी भी प्रकार का वाहन चलाने से बचना चाहिए।
ज्यादा गर्मी में शरीर पर असर क्यों बढ़ जाता है?
उमस और तेज धूप के कारण शरीर पहले ही अतिरिक्त दबाव में काम कर रहा होता है। दिल की धड़कन तेज हो सकती है और शरीर को ठंडा रखने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। यदि इस दौरान शराब पी जाए, तो शरीर पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। कई लोगों को जल्दी थकान, कमजोरी और चक्कर जैसी समस्याएं महसूस होने लगती हैं।
गर्मियों में शराब पीने वालों को किन बातों का रखना चाहिए ध्यान?
यदि कोई व्यक्ति शराब का सेवन करता भी है, तो उसे मात्रा सीमित रखनी चाहिए। शराब पीने के साथ-साथ नियमित अंतराल पर पानी पीना जरूरी माना जाता है। कोशिश करें कि लंबे समय तक तेज धूप में न रहें और खुद को ठंडी या छायादार जगह पर रखें।
खाली पेट शराब पीने से भी बचना चाहिए। हल्का भोजन करने के बाद ही शराब का सेवन करना अपेक्षाकृत बेहतर माना जाता है। इसके अलावा अगर शरीर में पहले से कमजोरी, बुखार या डिहाइड्रेशन के लक्षण हों, तो शराब से पूरी तरह दूरी बनाना अधिक सुरक्षित विकल्प हो सकता है।
किन लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए?
बुजुर्ग, हृदय रोग से पीड़ित लोग, हाई ब्लड प्रेशर के मरीज, किडनी संबंधी समस्याओं वाले व्यक्ति और लंबे समय तक धूप में काम करने वाले लोगों को गर्मियों में शराब पीने से पहले अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। ऐसे लोगों में डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा अपेक्षाकृत अधिक हो सकता है।
यदि किसी व्यक्ति को पहले से कोई गंभीर बीमारी है या वह नियमित दवाएं ले रहा है, तो शराब के सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर माना जाता है।
सुरक्षित रहने के लिए अपनाएं ये आसान उपाय
गर्मी के मौसम में शरीर को हाइड्रेट रखना सबसे जरूरी है। पर्याप्त पानी पीना, नारियल पानी, नींबू पानी या अन्य तरल पदार्थों का सेवन करना शरीर में पानी की कमी को रोकने में मदद कर सकता है। यदि शराब पी भी रहे हैं, तो हर ड्रिंक के बीच पानी पीने की आदत नुकसान को कुछ हद तक कम कर सकती है।
साथ ही शराब पीने के बाद तैराकी, बोटिंग, लंबी ड्राइव, भारी व्यायाम या तेज धूप में ज्यादा देर रहने जैसी गतिविधियों से बचना चाहिए। यदि किसी को असामान्य कमजोरी, तेज चक्कर, बेहोशी या हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना सबसे सही कदम होगा।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी विभिन्न रिसर्च स्टडीज और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। इसे चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी निर्णय या नई आदत अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।
(Photo : AI Generated)




