वर्ल्ड कप क्वार्टर फाइनल में फ्रांस-मोरक्को की टक्कर, गोल्डन बूट की रेस में मेसी को पीछे छोड़ने का मौका तलाशेंगे एमबाप्पे

वर्ल्ड कप क्वार्टर फाइनल में फ्रांस-मोरक्को की टक्कर, गोल्डन बूट की रेस में मेसी को पीछे छोड़ने का मौका तलाशेंगे एमबाप्पे

FIFA वर्ल्ड कप 2026 अपने निर्णायक दौर में पहुंच चुका है और अब सभी की नजरें पहले क्वार्टर फाइनल मुकाबले पर टिकी हैं। इस हाई-वोल्टेज मैच में मौजूदा चैंपियन फ्रांस का सामना अफ्रीकी टीम मोरक्को से होगा। मुकाबला बोस्टन स्टेडियम में भारतीय समयानुसार रात 1:30 बजे खेला जाएगा। दोनों टीमें इस टूर्नामेंट में अब तक एक भी मैच नहीं हारी हैं, ऐसे में फैंस को रोमांचक मुकाबले की उम्मीद है।

इस मैच की सबसे बड़ी चर्चा फ्रांस के स्टार स्ट्राइकर किलियन एमबाप्पे को लेकर है। टूर्नामेंट में अब तक शानदार प्रदर्शन करने वाले एमबाप्पे ने 7 गोल दागे हैं और वे गोल्डन बूट की दौड़ में दूसरे स्थान पर हैं। अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी फिलहाल 8 गोल के साथ सबसे आगे हैं। यदि एमबाप्पे मोरक्को के खिलाफ गोल करने में सफल रहते हैं तो वे मेसी की बराबरी कर सकते हैं या उनसे आगे भी निकल सकते हैं। ऐसे में यह मुकाबला सिर्फ क्वार्टर फाइनल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि व्यक्तिगत उपलब्धियों के लिहाज से भी काफी अहम होगा।

फ्रांस की टीम इस विश्व कप में बेहद संतुलित नजर आई है। आक्रमण से लेकर मिडफील्ड और डिफेंस तक टीम ने हर विभाग में प्रभावशाली खेल दिखाया है। पांचों मुकाबलों में जीत दर्ज कर फ्रांस ने यह साबित किया है कि वह लगातार दूसरी बार खिताब जीतने की सबसे बड़ी दावेदार है।

ग्रुप चरण में फ्रांस ने अपने अभियान की शुरुआत नॉर्वे पर 4-1 की बड़ी जीत से की थी। इसके बाद इराक को 3-0 से हराकर टीम ने नॉकआउट की राह लगभग तय कर ली। तीसरे लीग मुकाबले में सेनेगल के खिलाफ भी फ्रांस ने 3-1 से जीत दर्ज की। इन तीनों मुकाबलों में टीम का अटैक पूरी तरह हावी रहा और विरोधी टीमों को वापसी का ज्यादा मौका नहीं मिला।

नॉकआउट चरण में भी फ्रांस ने अपनी लय बरकरार रखी। राउंड ऑफ 32 में स्वीडन को 3-0 से हराकर टीम ने आसानी से अगले दौर में प्रवेश किया। इसके बाद राउंड ऑफ 16 में पैराग्वे के खिलाफ मुकाबला अपेक्षाकृत कड़ा रहा, लेकिन फ्रांस ने 1-0 की जीत दर्ज कर क्वार्टर फाइनल का टिकट हासिल कर लिया। इस दौरान टीम के डिफेंस ने भी शानदार प्रदर्शन किया और विरोधी टीमों को सीमित अवसर ही दिए।

दूसरी ओर, मोरक्को ने इस विश्व कप में अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराई है। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले उसे खिताब का प्रबल दावेदार नहीं माना जा रहा था, लेकिन मैदान पर उसके प्रदर्शन ने सभी को प्रभावित किया है। मोरक्को अब तक अजेय रहा है और कई मजबूत टीमों को कड़ी चुनौती दे चुका है।

ग्रुप स्टेज में मोरक्को ने हैती को 4-2 से हराया और फिर स्कॉटलैंड के खिलाफ 1-0 की जीत दर्ज की। इसके बाद ब्राजील जैसी दिग्गज टीम को 1-1 की बराबरी पर रोककर मोरक्को ने यह संकेत दे दिया कि वह किसी भी बड़ी टीम के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है।

राउंड ऑफ 32 में मोरक्को का मुकाबला नीदरलैंड से हुआ। निर्धारित समय तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर रहीं। इसके बाद पेनल्टी शूटआउट में मोरक्को ने 3-2 से जीत हासिल कर अगले दौर में जगह बनाई। वहीं राउंड ऑफ 16 में कनाडा के खिलाफ टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3-0 की जीत दर्ज की और अंतिम आठ में अपना स्थान पक्का किया।

इतिहास की बात करें तो फ्रांस और मोरक्को के बीच अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में अब तक छह मुकाबले खेले जा चुके हैं। इनमें फ्रांस का पलड़ा स्पष्ट रूप से भारी रहा है। फ्रांसीसी टीम ने चार मैच जीते हैं, जबकि मोरक्को को केवल एक जीत मिली है। एक मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ था।

FIFA वर्ल्ड कप के इतिहास में दोनों टीमें दूसरी बार आमने-सामने होंगी। इससे पहले 2022 विश्व कप के सेमीफाइनल में फ्रांस ने मोरक्को को 2-0 से हराकर फाइनल का टिकट हासिल किया था। उस हार के बाद मोरक्को के खिलाड़ी इस बार हिसाब बराबर करने के इरादे से मैदान में उतरेंगे, जबकि फ्रांस अपने दबदबे को कायम रखना चाहेगा।

इस मुकाबले का सबसे दिलचस्प पहलू किलियन एमबाप्पे और मोरक्को के कप्तान अचराफ हकीमी के बीच होने वाली टक्कर मानी जा रही है। एमबाप्पे अपनी तेज रफ्तार, ड्रिब्लिंग और शानदार फिनिशिंग के लिए जाने जाते हैं। दूसरी तरफ हकीमी दुनिया के बेहतरीन राइट बैक में गिने जाते हैं और उनका डिफेंस विरोधी टीम के लिए बड़ी चुनौती साबित होता है।

फ्रांस चाहेगा कि एमबाप्पे को अधिक से अधिक मौके मिलें ताकि टीम शुरुआती बढ़त हासिल कर सके। वहीं मोरक्को की रणनीति एमबाप्पे की गति को रोकने और फ्रांस के आक्रमण को सीमित करने पर केंद्रित रहने की संभावना है। यदि हकीमी और मोरक्को का डिफेंस एमबाप्पे को रोकने में सफल रहता है तो मुकाबला काफी रोमांचक हो सकता है।

फ्रांस की ताकत केवल एमबाप्पे तक सीमित नहीं है। उस्मान डेम्बेले, माइकल ओलिस, एड्रियन रैबियो और ऑरेलियन चुआमेनी जैसे खिलाड़ी भी किसी भी समय मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। वहीं गोलकीपर माइक मैग्नन और सेंटर बैक विलियम सलीबा तथा दायोत उपामेकानो ने अब तक मजबूत रक्षात्मक प्रदर्शन किया है।

मोरक्को के पास भी कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो मैच का परिणाम बदल सकते हैं। गोलकीपर यासीन बोनो अपनी शानदार बचाव क्षमता के लिए मशहूर हैं। कप्तान अचराफ हकीमी के अलावा हाकिम जियेच, यूसुफ एन-नेसिरी, सोफियान बौफाल और सोफयान अमराबत टीम के प्रमुख खिलाड़ी हैं। खासकर जवाबी आक्रमण में मोरक्को काफी खतरनाक साबित हो सकता है।

दोनों टीमों की संभावित शुरुआती एकादश भी लगभग तय मानी जा रही है।

फ्रांस की संभावित प्लेइंग-11:
माइक मैग्नन, जूल्स कौंडे, दायोत उपामेकानो, विलियम सलीबा, थियो हर्नांडेज, ऑरेलियन चुआमेनी, एड्रियन रैबियो, माइकल ओलिस, उस्मान डेम्बेले, ब्रैडली बारकोला और किलियन एमबाप्पे।

मोरक्को की संभावित प्लेइंग-11:
यासीन बोनो, अचराफ हकीमी, नायेफ अगुएर्ड, रोमन साइस, नुसैर मजरौई, सोफयान अमराबत, अजेदीन औनाही, सेलिम अमल्लाह, हाकिम जियेच, यूसुफ एन-नेसिरी और सोफियान बौफाल।

विशेषज्ञों की नजर में फ्रांस को इस मुकाबले में थोड़ा मजबूत माना जा रहा है क्योंकि उसके पास अनुभव, मजबूत स्क्वाड और लगातार जीत का आत्मविश्वास है। हालांकि मोरक्को ने पूरे टूर्नामेंट में जिस तरह का जुझारू खेल दिखाया है, उसे देखते हुए किसी भी तरह की लापरवाही फ्रांस के लिए भारी पड़ सकती है।

कुल मिलाकर यह क्वार्टर फाइनल मुकाबला कई मायनों में खास रहने वाला है। एक तरफ फ्रांस लगातार दूसरी बार विश्व कप जीतने की दिशा में एक और कदम बढ़ाना चाहेगा, वहीं दूसरी ओर मोरक्को इतिहास रचने और 2022 की हार का बदला लेने के इरादे से मैदान में उतरेगा। इसके साथ ही सभी की निगाहें एमबाप्पे पर भी रहेंगी कि क्या वे गोल्डन बूट की दौड़ में मेसी को पीछे छोड़ने में कामयाब हो पाते हैं या नहीं।