भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही पांच मैचों की टी-20 इंटरनेशनल सीरीज अब बेहद अहम मोड़ पर पहुंच चुकी है। गुरुवार को ब्रिस्टल के काउंटी ग्राउंड में दोनों टीमें चौथे मुकाबले में आमने-सामने होंगी। भारतीय समयानुसार मैच रात 10 बजे शुरू होगा। इस मुकाबले का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि मेजबान इंग्लैंड सीरीज में 2-0 की बढ़त बना चुका है। पहला मुकाबला बारिश की वजह से पूरा नहीं हो सका था, जबकि दूसरे और तीसरे मैच में इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की। ऐसे में अगर भारत चौथा मैच हार जाता है तो सीरीज भी उसके हाथ से निकल जाएगी।
भारतीय टीम के सामने सिर्फ मैच जीतने की चुनौती नहीं है, बल्कि लगातार दूसरी टी-20 सीरीज हारने का खतरा भी मंडरा रहा है। अगर ऐसा होता है तो 2018-19 के बाद पहली बार टीम इंडिया लगातार दो टी-20 सीरीज गंवाएगी। यही वजह है कि यह मुकाबला भारतीय खिलाड़ियों के लिए किसी फाइनल से कम नहीं माना जा रहा।
सीरीज में भारत की बल्लेबाजी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी है। हालांकि सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने तीन मैचों में सबसे ज्यादा 112 रन बनाकर प्रभावित किया है। वहीं कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी 110 रन बनाए हैं, लेकिन बाकी बल्लेबाजों का योगदान लगातार नहीं मिल पाया। मिडिल ऑर्डर कई मौकों पर दबाव में बिखरता नजर आया, जिसका फायदा इंग्लैंड ने पूरी तरह उठाया।
सबकी नजर 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर भी रहेगी। उन्होंने अपने शुरुआती दो टी-20 इंटरनेशनल मुकाबलों में क्रमशः 14 और 13 रन बनाए हैं। यानी अब तक दो पारियों में उनके बल्ले से केवल 27 रन निकले हैं। हालांकि इस दौरान उन्होंने अपने आक्रामक अंदाज की झलक जरूर दिखाई है। उनकी सात स्कोरिंग शॉट्स में चार छक्के शामिल रहे हैं। भारतीय टीम को उम्मीद होगी कि युवा बल्लेबाज इस अहम मुकाबले में बड़ी पारी खेलकर खुद को साबित करें।
श्रेयस अय्यर की कप्तानी भी चर्चा का विषय बनी हुई है। टी-20 टीम की कमान संभालने के बाद वह अब तक एक भी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नहीं जीत पाए हैं। तीसरे टी-20 में भारत को 125 रन से मिली करारी हार के बाद उन्होंने टीम के प्रदर्शन को निराशाजनक बताया था। आंकड़ों पर नजर डालें तो आईपीएल समेत श्रेयस अपनी पिछली 11 टी-20 कप्तानी में 10 मुकाबले हार चुके हैं। ऐसे में चौथा मैच उनके लिए कप्तानी के लिहाज से भी काफी अहम माना जा रहा है।
हालांकि टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने खिलाड़ियों का बचाव किया है। उनका कहना है कि एक खराब मुकाबले के आधार पर टीम का आकलन नहीं किया जा सकता। गंभीर ने साफ कहा कि भारतीय टीम अपनी आक्रामक रणनीति में कोई बदलाव नहीं करेगी और खिलाड़ी उसी सकारात्मक सोच के साथ मैदान पर उतरेंगे।
भारत के लिए मिडिल ऑर्डर में शिवम दुबे से भी काफी उम्मीदें रहेंगी। पहले मुकाबले में उन्होंने सिर्फ 21 गेंदों में नाबाद 42 रन बनाकर शानदार बल्लेबाजी की थी, लेकिन उसके बाद अगले दो मैचों में वह बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं रहे। ऐसे में चौथे टी-20 में उनसे तेज रन बनाने और फिनिशर की भूमिका निभाने की उम्मीद होगी।
गेंदबाजी विभाग में अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा ने अब तक सबसे ज्यादा तीन-तीन विकेट लिए हैं। हालांकि तीसरे मुकाबले में भारतीय गेंदबाज इंग्लैंड के बल्लेबाजों को रोकने में नाकाम रहे थे। टीम चाहेगी कि इस बार शुरुआती विकेट लेकर विपक्षी बल्लेबाजी पर दबाव बनाया जाए। वरुण चक्रवर्ती से भी बीच के ओवरों में विकेट निकालने की उम्मीद होगी।
दूसरी ओर इंग्लैंड का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर है। हैरी ब्रूक की कप्तानी में टीम लगातार शानदार क्रिकेट खेल रही है। पिछले 21 पूरे हुए टी-20 मुकाबलों में इंग्लैंड ने 18 मैच अपने नाम किए हैं, जो उसकी बेहतरीन लय को दर्शाता है। टीम अब चौथा मुकाबला जीतकर सीरीज अपने नाम करना चाहेगी।
इंग्लैंड के पास एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने का भी मौका है। उसने अब तक भारत के खिलाफ दो या उससे अधिक मैचों की किसी टी-20 सीरीज में जीत दर्ज नहीं की है। यदि चौथे मुकाबले में मेजबान टीम सफल रहती है तो वह पहली बार भारत के खिलाफ ऐसी सीरीज अपने नाम करेगी।
इंग्लैंड की बल्लेबाजी में फिल सॉल्ट शानदार फॉर्म में दिखाई दे रहे हैं। तीसरे मुकाबले में उन्होंने 70 रन की बेहतरीन पारी खेलकर भारत के गेंदबाजों की मुश्किलें बढ़ा दी थीं। वहीं जैकब बेथेल ने तीन मैचों में 89 रन बनाकर अपनी उपयोगिता साबित की है। कप्तान हैरी ब्रूक भी लगातार जिम्मेदारी निभा रहे हैं, जिससे इंग्लैंड का बल्लेबाजी क्रम काफी मजबूत नजर आ रहा है।
गेंदबाजी में भी इंग्लैंड के पास कई प्रभावी विकल्प मौजूद हैं। सैम करन, जोश टंग और जोफ्रा आर्चर ने मौजूदा सीरीज में चार-चार विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा है। इनके अलावा आदिल रशीद और लियाम डॉसन की स्पिन जोड़ी भी बीच के ओवरों में रन गति पर अंकुश लगाने में सफल रही है।
ब्रिस्टल के काउंटी ग्राउंड की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए अनुकूल मानी जाती है। यहां की सीधी बाउंड्री अपेक्षाकृत छोटी होने के कारण बड़े शॉट खेलना आसान रहता है। हालांकि इस सीजन खेले गए घरेलू टी-20 ब्लास्ट मुकाबलों में पहली पारी का औसत स्कोर लगभग 156 रन रहा है। इसका मतलब यह है कि यदि गेंदबाज अनुशासित लाइन और लेंथ बनाए रखें तो बल्लेबाजों को पूरी तरह खुलकर खेलने का मौका नहीं मिलेगा।
मौसम विभाग के अनुसार मैच के दौरान मौसम साफ रहने की संभावना है। बारिश की आशंका बेहद कम है और तापमान भी खिलाड़ियों के लिए अनुकूल रहने का अनुमान है। ऐसे में मुकाबला बिना किसी रुकावट के पूरा होने की उम्मीद है।
भारतीय टीम तीसरे मैच की हार के बाद प्लेइंग इलेवन में बदलाव कर सकती है। अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन को मौका मिलने की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा वॉशिंगटन सुंदर, सूर्यांश शेडगे, रवि बिश्नोई और प्रसिद्ध कृष्णा भी चयन के विकल्प के रूप में उपलब्ध हैं। टीम प्रबंधन परिस्थितियों और पिच को देखते हुए अंतिम एकादश का फैसला करेगा।
इंग्लैंड की संभावित टीम में फिल सॉल्ट, जोस बटलर, हैरी ब्रूक, जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, सैम करन, विल जैक्स, लियाम डॉसन, आदिल रशीद, जोफ्रा आर्चर और जोश टंग शामिल हो सकते हैं। वहीं भारत की संभावित प्लेइंग इलेवन में अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर, तिलक वर्मा, शिवम दुबे या सूर्यांश शेडगे, अक्षर पटेल या वॉशिंगटन सुंदर, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव और वरुण चक्रवर्ती को जगह मिल सकती है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो भारत ने ब्रिस्टल में खेले अपने पिछले चार पूरे हुए टी-20 मुकाबलों में हार का सामना नहीं किया है। ऐसे में टीम इस रिकॉर्ड को बरकरार रखते हुए सीरीज में वापसी की उम्मीद करेगी। दूसरी ओर इंग्लैंड अपनी मौजूदा शानदार फॉर्म को जारी रखते हुए घरेलू मैदान पर इतिहास रचने के इरादे से उतरेगा।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि दबाव में भारतीय टीम वापसी कर पाती है या फिर इंग्लैंड लगातार तीसरी जीत दर्ज कर सीरीज पर कब्जा जमाने में सफल रहता है। दोनों टीमों के बीच होने वाला यह मुकाबला रोमांच, दबाव और बड़े खिलाड़ियों के प्रदर्शन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।




