हरियाणा सरकार ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए संचालित प्रतिष्ठित ‘सुपर-100’ कार्यक्रम का दायरा बढ़ाते हुए बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने इस योजना में 100 नई सीटें जोड़ने का निर्णय लिया है, जिसके बाद अब इस विशेष आवासीय कोचिंग कार्यक्रम में कुल 600 विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी छात्रों को देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग और मेडिकल संस्थानों में प्रवेश दिलाने के लिए बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराना है।
नई सीटों के साथ प्रवेश प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और सरकारी स्कूलों के प्रधानाचार्यों को निर्देश जारी किए हैं कि पात्र विद्यार्थियों का समय पर पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी योग्य छात्र इस अवसर से वंचित न रहे।
बजट घोषणा को मिला अमलीजामा
मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2026-27 के बजट में सुपर-100 योजना का विस्तार करने की घोषणा की गई थी। अब शिक्षा विभाग ने इस घोषणा को लागू करते हुए योजना में 100 अतिरिक्त सीटें शामिल कर दी हैं। इससे पहले इस कार्यक्रम में 500 विद्यार्थियों का चयन किया जाता था, लेकिन अब कुल क्षमता बढ़ाकर 600 कर दी गई है।
सरकार का मानना है कि अतिरिक्त सीटों से अधिक संख्या में ग्रामीण और सरकारी स्कूलों के छात्र राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे। इससे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को निजी कोचिंग संस्थानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
क्या है सुपर-100 कार्यक्रम?
सुपर-100 हरियाणा सरकार की एक विशेष पहल है, जिसके तहत सरकारी स्कूलों के मेधावी विद्यार्थियों को आईआईटी-जेईई, नीट और अन्य राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं की निशुल्क तैयारी कराई जाती है।
इस कार्यक्रम में चयनित छात्रों को केवल अकादमिक कोचिंग ही नहीं, बल्कि आवास, भोजन, अध्ययन सामग्री, नियमित टेस्ट, विशेषज्ञ शिक्षकों का मार्गदर्शन और करियर काउंसलिंग जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं। इसका उद्देश्य आर्थिक या सामाजिक परिस्थितियों के कारण किसी भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी की पढ़ाई प्रभावित न हो।
कुरुक्षेत्र के बारना में होती है तैयारी
सुपर-100 योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों को कुरुक्षेत्र जिले के बारना गांव स्थित विशेष प्रशिक्षण केंद्र में पढ़ाया जाता है। यहां विद्यार्थियों के लिए आवासीय व्यवस्था के साथ आधुनिक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया गया है।
अनुभवी शिक्षकों की देखरेख में विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुरूप पढ़ाया जाता है। नियमित मॉक टेस्ट, विषयवार मूल्यांकन और व्यक्तिगत मार्गदर्शन के माध्यम से छात्रों की तैयारी को मजबूत बनाया जाता है।
पिछले वर्षों में इस कार्यक्रम से जुड़े कई विद्यार्थियों ने प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग और मेडिकल संस्थानों में प्रवेश प्राप्त कर योजना की सफलता को साबित किया है।
प्रवेश प्रक्रिया का पूरा कार्यक्रम
शिक्षा निदेशालय ने नई सीटों पर दाखिले के लिए विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है।
प्रवेश प्रक्रिया के अनुसार अभ्यर्थी 12 जुलाई से अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकेंगे। इसके बाद 14 जुलाई को पहले चरण की प्रवेश परीक्षा आयोजित होगी। इस परीक्षा का परिणाम 17 जुलाई को घोषित किया जाएगा।
पहले चरण में सफल विद्यार्थियों को 19 जुलाई को दूसरे स्तर की परीक्षा में शामिल होना होगा। अंतिम चयन सूची 23 जुलाई को जारी की जाएगी। चयनित विद्यार्थियों के लिए 25 जुलाई से नियमित कक्षाएं प्रारंभ कर दी जाएंगी।
इस दो-स्तरीय चयन प्रक्रिया का उद्देश्य ऐसे विद्यार्थियों का चयन करना है जिनमें राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की क्षमता हो।
जिला शिक्षा अधिकारियों को दिए गए निर्देश
शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सरकारी स्कूलों के पात्र विद्यार्थियों तक इस योजना की जानकारी पहुंचाई जाए।
स्कूल प्रमुखों से कहा गया है कि वे मेधावी विद्यार्थियों की पहचान कर उनका समय पर पंजीकरण करवाएं। साथ ही विद्यार्थियों और अभिभावकों को योजना के लाभों के बारे में जागरूक किया जाए ताकि अधिक से अधिक छात्र आवेदन कर सकें।
सरकार चाहती है कि किसी भी जिले या विद्यालय का योग्य छात्र केवल जानकारी के अभाव में इस अवसर से वंचित न रह जाए।
आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को मिलेगा लाभ
सुपर-100 योजना विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है जो आर्थिक कारणों से महंगी कोचिंग लेने में सक्षम नहीं हैं।
निजी कोचिंग संस्थानों में इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी पर लाखों रुपये खर्च होते हैं। ऐसे में यह सरकारी योजना प्रतिभाशाली छात्रों को बिना किसी आर्थिक बोझ के गुणवत्तापूर्ण कोचिंग उपलब्ध कराती है।
योजना के तहत विद्यार्थियों को प्रतियोगी माहौल में पढ़ाई का अवसर मिलता है, जिससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है और राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के लिए बेहतर तैयारी हो पाती है।
शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में पहल
राज्य सरकार का मानना है कि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को समान अवसर उपलब्ध कराना शिक्षा सुधार का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सुपर-100 जैसी योजनाएं सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों का मनोबल बढ़ाती हैं और उन्हें बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित करती हैं।
विशेषज्ञों का भी मानना है कि यदि ग्रामीण और सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को समय पर गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन मिले तो वे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों के बराबर प्रदर्शन कर सकते हैं।
अभिभावकों और विद्यार्थियों में उत्साह
योजना में सीटें बढ़ने के बाद विद्यार्थियों और अभिभावकों में उत्साह का माहौल है। अतिरिक्त 100 सीटों के कारण अब पहले की तुलना में अधिक विद्यार्थियों को चयन का अवसर मिलेगा।
शिक्षा विभाग को उम्मीद है कि इस वर्ष आवेदन करने वाले विद्यार्थियों की संख्या भी बढ़ेगी। सरकार का लक्ष्य केवल सीटें बढ़ाना नहीं, बल्कि राज्य के अधिक से अधिक प्रतिभाशाली युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए तैयार करना है।
प्रतियोगी परीक्षाओं में बढ़ेगी सफलता की संभावना
सुपर-100 कार्यक्रम का विस्तार हरियाणा के शिक्षा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल अधिक विद्यार्थियों को आईआईटी, एनआईटी, एम्स और सरकारी मेडिकल कॉलेजों जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं में प्रवेश की तैयारी का अवसर मिलेगा, बल्कि सरकारी स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी मजबूत होगी।
सरकार का विश्वास है कि योजना के विस्तार से आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में हरियाणा के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की सफलता का प्रतिशत और बढ़ेगा। साथ ही यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर उपलब्ध कराने और प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगी।




