पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव के बीच भारत ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ईरान को लेकर नई ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने स्पष्ट रूप से कहा है कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए भारतीय नागरिक फिलहाल ईरान की यात्रा करने से बचें। वहीं जो भारतीय पहले से ईरान में रह रहे हैं, उन्हें उपलब्ध वाणिज्यिक उड़ानों के जरिए अस्थायी रूप से देश छोड़ने पर गंभीरता से विचार करने की सलाह दी गई है।
दूतावास की यह एडवाइजरी ऐसे समय में सामने आई है, जब ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ रहा है। हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच हमलों और जवाबी कार्रवाई की घटनाओं ने पूरे क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति को प्रभावित किया है। ऐसे हालात में भारत ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने और किसी भी तरह का जोखिम न लेने की सलाह दी है।
भारतीय मिशन की ओर से जारी संदेश में कहा गया है कि ईरान के कई हिस्सों में अस्थिरता का स्तर पहले की तुलना में काफी बढ़ गया है। बदलते हालात को देखते हुए यात्रा करना सुरक्षित नहीं माना जा सकता। इसलिए जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक किसी भी उद्देश्य—चाहे वह व्यापार, शिक्षा, पर्यटन या निजी कारण हो—से ईरान जाने की योजना को स्थगित करना बेहतर होगा।
दूतावास ने ईरान में मौजूद भारतीयों के लिए भी विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। एडवाइजरी में कहा गया है कि जो लोग फिलहाल ईरान में रह रहे हैं, वे यदि संभव हो तो उपलब्ध कमर्शियल फ्लाइट्स का उपयोग करके अस्थायी रूप से किसी सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। इससे किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में संभावित खतरे से बचा जा सकेगा।
हालांकि, ऐसे भारतीय नागरिक जो किसी कारणवश ईरान छोड़ने की स्थिति में नहीं हैं या वहीं रहने का निर्णय लेते हैं, उन्हें अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। दूतावास ने कहा है कि ऐसे लोग स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी सभी निर्देशों का पूरी तरह पालन करें और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर भरोसा न करें। विश्वसनीय सरकारी स्रोतों और आधिकारिक घोषणाओं पर ही निर्भर रहें।
एडवाइजरी में विशेष रूप से उन इलाकों का उल्लेख किया गया है जहां सैन्य गतिविधियां अधिक होने की संभावना है। भारतीय नागरिकों को ऐसे क्षेत्रों, खासकर ईरान के दक्षिणी तटीय इलाकों और रणनीतिक महत्व वाले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है। इन क्षेत्रों में सुरक्षा जोखिम अधिक होने की आशंका जताई गई है।
भारतीय दूतावास ने यह भी कहा कि सभी भारतीय नागरिक अपने आसपास की परिस्थितियों पर लगातार नजर रखें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत दूतावास से संपर्क करें। इसके साथ ही यात्रा दस्तावेज, पहचान पत्र और अन्य आवश्यक कागजात हमेशा अपने पास सुरक्षित रखें ताकि जरूरत पड़ने पर किसी तरह की परेशानी न हो।
दूतावास ने उन भारतीयों से भी अपील की है जिन्होंने अब तक अपना पंजीकरण नहीं कराया है। उनसे कहा गया है कि वे जल्द से जल्द भारतीय दूतावास के साथ अपना रजिस्ट्रेशन पूरा करें। इससे किसी भी आपात स्थिति में भारतीय अधिकारियों के लिए नागरिकों तक पहुंचना और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना आसान होगा।
सिर्फ रजिस्ट्रेशन ही नहीं, बल्कि दूतावास ने नागरिकों से यह भी कहा है कि वे उसकी आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जारी होने वाले सभी अपडेट नियमित रूप से देखते रहें। हालात तेजी से बदल रहे हैं, इसलिए नई सलाह या निर्देश किसी भी समय जारी किए जा सकते हैं।
दरअसल, पिछले कुछ समय से पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच आरोप-प्रत्यारोप के साथ सैन्य गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। इस बढ़ते संघर्ष का असर सिर्फ दोनों देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर इसका प्रभाव पड़ रहा है। यही वजह है कि कई देश अपने नागरिकों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी कर रहे हैं।
रविवार को ईरान की ओर से दावा किया गया कि अमेरिका ने उसके निर्माणाधीन दारखोविन परमाणु ऊर्जा संयंत्र सहित कुछ अन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। इन हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव और अधिक बढ़ गया। ईरान ने इसके जवाब में क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही, जिससे हालात और गंभीर हो गए।
इन घटनाओं के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ गई है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने कहा है कि वह दारखोविन परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर हुए कथित हमले से जुड़ी रिपोर्टों की जांच कर रही है। एजेंसी का कहना है कि घटनाक्रम की पुष्टि के लिए उपलब्ध सूचनाओं का विश्लेषण किया जा रहा है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्र में तनाव इसी तरह बढ़ता रहा तो इसका असर हवाई सेवाओं, व्यापारिक गतिविधियों और आम नागरिकों की सुरक्षा पर भी पड़ सकता है। ऐसे में विदेशों में रह रहे लोगों के लिए अपने-अपने देशों की एडवाइजरी का पालन करना बेहद जरूरी हो जाता है।
भारत सरकार पहले भी संकट के समय अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सक्रिय भूमिका निभाती रही है। चाहे युद्ध जैसी परिस्थितियां हों या प्राकृतिक आपदा, विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास लगातार भारतीयों के संपर्क में रहकर उन्हें सुरक्षित निकालने और आवश्यक सहायता पहुंचाने का प्रयास करते रहे हैं। मौजूदा एडवाइजरी भी इसी दिशा में उठाया गया एक एहतियाती कदम माना जा रहा है।
भारतीय दूतावास ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात नागरिकों की सुरक्षा है। इसलिए अनावश्यक यात्रा से बचना, संवेदनशील इलाकों से दूर रहना, आधिकारिक सूचनाओं का पालन करना और जरूरत पड़ने पर तुरंत दूतावास से संपर्क करना ही सबसे सुरक्षित विकल्प होगा।
ईरान में रह रहे भारतीय छात्रों, पेशेवरों, व्यापारियों और अन्य नागरिकों से भी कहा गया है कि वे अपने परिवारों को अपनी स्थिति की नियमित जानकारी देते रहें। साथ ही किसी भी तरह की आपात स्थिति के लिए वैकल्पिक यात्रा योजना तैयार रखें, ताकि हालात अचानक बिगड़ने पर बिना देरी के सुरक्षित स्थान पर जाया जा सके।
फिलहाल भारत सरकार पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है। क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति के अनुसार आगे भी नई सलाह जारी की जा सकती है। इसलिए ईरान से जुड़े किसी भी निर्णय से पहले भारतीय नागरिकों को आधिकारिक एडवाइजरी और दूतावास की ताजा जानकारी पर ही भरोसा करने की सलाह दी गई है।



