हॉकी वर्ल्ड कप में आज भारत-पाकिस्तान की टक्कर: 10 साल से टीम इंडिया का दबदबा, जीत के साथ क्वार्टर फाइनल की ओर बढ़ेगा भारत

हॉकी वर्ल्ड कप में आज भारत-पाकिस्तान की टक्कर: 10 साल से टीम इंडिया का दबदबा, जीत के साथ क्वार्टर फाइनल की ओर बढ़ेगा भारत

मेंस हॉकी वर्ल्ड कप में आज भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने-सामने होंगी। पूल-D का यह मुकाबला दोनों देशों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। मैच वैगनर हॉकी स्टेडियम में शाम 6:30 बजे शुरू होगा। एक तरफ भारतीय टीम की नजर जीत के साथ अगले दौर में जगह पक्की करने पर होगी, वहीं पाकिस्तान के लिए यह मुकाबला करो या मरो जैसा है। हार मिलते ही उसके टूर्नामेंट से बाहर होने का रास्ता साफ हो जाएगा।

भारत के लिए इस मैच का महत्व सिर्फ अंक तालिका तक सीमित नहीं है। दोनों देशों के बीच हॉकी मुकाबले हमेशा से ही हाई-वोल्टेज रहे हैं। हालांकि हाल के वर्षों में भारतीय टीम ने पाकिस्तान पर लगातार बढ़त बनाए रखी है। पिछले करीब एक दशक में पाकिस्तान भारत को हराने में सफल नहीं रहा है। ऐसे में मौजूदा फॉर्म और आंकड़ों के आधार पर भारतीय टीम का आत्मविश्वास काफी मजबूत नजर आ रहा है।

भारत के पास अगले दौर में पहुंचने का मौका

पूल-D में भारत ने अब तक दो मुकाबले खेले हैं। टीम ने अपने अभियान की शुरुआत वेल्स के खिलाफ शानदार अंदाज में की थी। भारतीय खिलाड़ियों ने इस मैच में 3-1 से जीत दर्ज करते हुए पूरे तीन अंक हासिल किए। इसके बाद टीम का सामना इंग्लैंड से हुआ, जहां उसे 1-4 से हार का सामना करना पड़ा।

दो मुकाबलों के बाद भारत के खाते में तीन अंक हैं और टीम अंक तालिका में दूसरे स्थान पर मौजूद है। अब पाकिस्तान के खिलाफ जीत भारत को छह अंकों तक पहुंचा देगी। इस स्थिति में भारतीय टीम अगले चरण में अपनी जगह सुनिश्चित कर लेगी। इसलिए आज का मुकाबला उसके लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

दूसरी ओर पाकिस्तान की स्थिति काफी नाजुक है। उसे टूर्नामेंट में बने रहने के लिए इस मैच में हर हाल में अच्छा प्रदर्शन करना होगा। भारत के खिलाफ हार उसके अभियान को यहीं खत्म कर सकती है। यही वजह है कि दोनों टीमों के लिए यह मुकाबला सिर्फ प्रतिष्ठा की लड़ाई नहीं, बल्कि टूर्नामेंट के भविष्य से भी जुड़ा हुआ है।

पिछले 10 साल में पाकिस्तान पर भारत का दबदबा

भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले एक दशक में हॉकी के मैदान पर मुकाबले हुए हैं, लेकिन पाकिस्तान को जीत हासिल किए काफी समय हो चुका है। दोनों टीमों के बीच पिछले 19 मैचों में भारतीय टीम ने 17 मुकाबलों में बाजी मारी है, जबकि दो मैच ड्रॉ रहे।

पाकिस्तान ने भारत को आखिरी बार 2016 के साउथ एशियन गेम्स के फाइनल में हराया था। उस मुकाबले में पाकिस्तान ने 1-0 से जीत दर्ज की थी। इसके बाद से दोनों टीमों की भिड़ंत में भारत का पलड़ा लगातार भारी रहा है।

यह रिकॉर्ड भारतीय खिलाड़ियों के लिए मनोवैज्ञानिक बढ़त का काम कर सकता है। हालांकि वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर पुराने आंकड़ों से ज्यादा मौजूदा दिन का प्रदर्शन मायने रखता है। इसलिए भारतीय टीम पाकिस्तान को हल्के में लेने की गलती नहीं करना चाहेगी।

वर्ल्ड कप में भी भारत का रिकॉर्ड बेहतर

अगर सिर्फ हॉकी वर्ल्ड कप के मुकाबलों की बात करें तो भारत और पाकिस्तान के बीच अब तक पांच मैच खेले गए हैं। इनमें भारतीय टीम ने तीन बार जीत दर्ज की है, जबकि दो मुकाबलों में पाकिस्तान विजेता रहा है।

दोनों देशों की वर्ल्ड कप में पिछली भिड़ंत 2010 में हुई थी। नई दिल्ली में खेले गए उस मुकाबले में भारतीय टीम ने पाकिस्तान को एकतरफा अंदाज में 4-1 से मात दी थी। इसके बाद वर्ल्ड कप में दोनों टीमों का सामना नहीं हुआ।

आज जब दोनों टीमें इतने लंबे अंतराल के बाद इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में एक-दूसरे के सामने होंगी, तो मुकाबले को लेकर रोमांच और बढ़ गया है। स्टेडियम में मौजूद दर्शकों के साथ-साथ दोनों देशों के हॉकी प्रशंसकों की नजर भी इस मैच पर होगी।

1975 का फाइनल आज भी सबसे यादगार

भारत और पाकिस्तान की हॉकी प्रतिद्वंद्विता का इतिहास काफी पुराना है। दोनों देशों के बीच खेले गए मुकाबलों में 1975 का वर्ल्ड कप फाइनल सबसे खास माना जाता है। उस समय भारतीय टीम ने पाकिस्तान को 2-1 से हराकर वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया था।

यह भारत का अब तक का इकलौता मेंस हॉकी वर्ल्ड कप खिताब है। उस ऐतिहासिक जीत ने भारतीय हॉकी के इतिहास में एक अलग अध्याय जोड़ा था। पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल जीतना उस समय भारतीय टीम की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल रहा।

आज की पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए भी उस मुकाबले की यादें प्रेरणा का काम करती हैं। भारत एक बार फिर पाकिस्तान के खिलाफ मैदान में उतरेगा तो उसके सामने इतिहास को दोहराने के साथ-साथ मौजूदा टूर्नामेंट में अपनी स्थिति मजबूत करने का लक्ष्य होगा।

उसी मैदान पर फिर आमने-सामने होंगी दोनों टीमें

आज का मुकाबला वैगनर हॉकी स्टेडियम में खेला जाना भी खास है। करीब 53 साल पहले इसी मैदान पर भारत और पाकिस्तान की टीमें वर्ल्ड कप में भिड़ चुकी हैं। 1973 के वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में दोनों देशों के बीच मुकाबला हुआ था।

उस मैच में भारत ने पाकिस्तान को 1-0 से शिकस्त देकर फाइनल में जगह बनाई थी। भारतीय टीम के लिए निर्णायक गोल बीपी गोविंदा ने मैच के 62वें मिनट में किया था। उनकी इस गोल ने भारत को फाइनल का टिकट दिलाया था।

दिलचस्प बात यह है कि 1973 के वर्ल्ड कप का फाइनल भी इसी स्टेडियम में खेला गया था। हालांकि खिताबी मुकाबले में भारतीय टीम को मेजबान नीदरलैंड्स के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। अब इतने वर्षों बाद भारत और पाकिस्तान एक बार फिर उसी मैदान पर आमने-सामने होंगे। ऐसे में इस मुकाबले के साथ इतिहास की यादें भी जुड़ गई हैं।

हरमनप्रीत सिंह पर रहेंगी निगाहें

भारतीय टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह मौजूदा वर्ल्ड कप में शानदार फॉर्म में नजर आ रहे हैं। उन्होंने अब तक खेले गए दो मुकाबलों में तीन गोल दागे हैं और इस समय टूर्नामेंट के सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ियों में शीर्ष पर हैं।

हरमनप्रीत की खासियत यह है कि उनके तीनों गोल पेनल्टी कॉर्नर से आए हैं। भारतीय टीम को पाकिस्तान के खिलाफ भी उनसे इसी तरह के मौके को गोल में बदलने की उम्मीद होगी। पेनल्टी कॉर्नर भारत की सबसे बड़ी ताकतों में से एक है और हरमनप्रीत इसमें टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी हैं।

कप्तान के अलावा भारतीय टीम के अन्य खिलाड़ियों पर भी जिम्मेदारी होगी कि वे पाकिस्तान के डिफेंस पर लगातार दबाव बनाए रखें। इंग्लैंड के खिलाफ मिली हार के बाद टीम अपने प्रदर्शन में सुधार करना चाहेगी। खासतौर पर डिफेंस और फिनिशिंग में बेहतर तालमेल भारत की जीत के लिए अहम साबित हो सकता है।

प्रो लीग में भी भारत ने पाकिस्तान को दी मात

हालिया मुकाबलों के आंकड़े भी भारत के पक्ष में हैं। इस साल प्रो लीग के यूरोपियन लेग में भारत और पाकिस्तान के बीच दो मैच खेले गए थे। दोनों ही मुकाबलों में भारतीय टीम ने जीत हासिल की।

पहले मैच में भारत ने पाकिस्तान को 7-1 से करारी शिकस्त दी थी। इसके बाद दूसरे मुकाबले में भी भारतीय टीम ने पाकिस्तान को 4-3 से हराया। लगातार दो जीत से भारत का आत्मविश्वास निश्चित रूप से बढ़ा होगा, जबकि पाकिस्तान इस सिलसिले को तोड़ने के इरादे से मैदान पर उतरेगा।

हालांकि वर्ल्ड कप का मंच अलग होता है और यहां दबाव भी ज्यादा रहता है। इसलिए भारत को पिछले नतीजों के बजाय आज के मुकाबले पर पूरा ध्यान केंद्रित करना होगा।

जीत के साथ भारत की नजर टॉप-8 पर

आज के मुकाबले में भारत के सामने सबसे बड़ा लक्ष्य तीन अंक हासिल करना है। जीत मिलने पर टीम के खाते में छह अंक हो जाएंगे और वह अगले दौर के लिए क्वालिफाई कर जाएगी। इसलिए भारतीय खिलाड़ियों के लिए यह मैच टूर्नामेंट में आगे बढ़ने का सीधा रास्ता खोल सकता है।

पाकिस्तान के लिए चुनौती और भी बड़ी है। उसे न केवल भारत की मजबूत टीम का सामना करना है, बल्कि अपने टूर्नामेंट को बचाने के लिए दबाव में भी बेहतरीन हॉकी खेलनी होगी।

भारत के पास अनुभव, हालिया रिकॉर्ड और मौजूदा टूर्नामेंट में बेहतर स्थिति की बढ़त है। लेकिन मैदान पर मुकाबला शुरू होने के बाद पुराने रिकॉर्ड कोई गारंटी नहीं होते। भारतीय टीम को शुरुआत से ही आक्रामक और संतुलित खेल दिखाना होगा।

शाम 6:30 बजे जब दोनों टीमें वैगनर हॉकी स्टेडियम में उतरेंगी, तो निगाहें सिर्फ स्कोरबोर्ड पर नहीं बल्कि इस ऐतिहासिक प्रतिद्वंद्विता के एक और अध्याय पर होंगी। भारत के पास पाकिस्तान के खिलाफ अपना दबदबा कायम रखते हुए वर्ल्ड कप के अगले चरण में जगह बनाने का मौका है। वहीं पाकिस्तान के लिए यह मैच टूर्नामेंट में बने रहने की आखिरी बड़ी उम्मीद साबित हो सकता है।