लुधियाना रेलवे स्टेशन का इंतजार फिर लंबा, 58% काम पूरा; जून 2027 तक मिल सकता है नया स्वरूप

लुधियाना रेलवे स्टेशन का इंतजार फिर लंबा, 58% काम पूरा; जून 2027 तक मिल सकता है नया स्वरूप

लुधियाना रेलवे स्टेशन के बहुप्रतीक्षित पुनर्विकास प्रोजेक्ट की धीमी रफ्तार ने एक बार फिर यात्रियों का इंतजार बढ़ा दिया है। करीब ₹528.95 करोड़ की लागत से चल रहे इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का अब तक लगभग 58 प्रतिशत काम ही पूरा हो पाया है। परियोजना का 42 प्रतिशत हिस्सा अभी बाकी है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक मौजूदा प्रगति को देखते हुए अब इसके जून 2027 तक पूरा होने की संभावना है। यदि ऐसा होता है तो स्टेशन के कायाकल्प की योजना निर्धारित समयसीमा से काफी आगे निकल जाएगी।

प्रोजेक्ट को पहले अप्रैल 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। समय पर काम पूरा नहीं होने के बाद डेडलाइन को बढ़ाकर दिसंबर 2026 कर दिया गया। अब अगस्त 2026 तक परियोजना की प्रगति को देखते हुए दिसंबर तक पूरा होने की संभावना भी कम नजर आ रही है। रेलवे से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य जारी है और बाकी हिस्सों को पूरा करने के लिए जून 2027 तक का समय लग सकता है।

इस बीच स्टेशन की पार्किंग सुविधा यात्रियों के लिए दोबारा शुरू कर दी गई है। पुनर्विकास कार्य के चलते पार्किंग लंबे समय से प्रभावित थी, जिससे यात्रियों और उन्हें स्टेशन छोड़ने या लेने आने वाले लोगों को काफी परेशानी होती थी। लोगों को आसपास के क्षेत्रों में वाहन खड़े करने पड़ते थे या वैकल्पिक स्थान तलाशने पड़ते थे। अब पार्किंग खुलने से इस समस्या में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि पार्किंग से संबंधित बाकी विकास कार्य अभी भी परियोजना के तहत जारी रहेंगे।

लुधियाना रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास सामान्य निर्माण परियोजनाओं से अलग है, क्योंकि यह एक चालू रेलवे स्टेशन के भीतर किया जा रहा ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट है। स्टेशन पर ट्रेनों का संचालन लगातार जारी है और रोजाना बड़ी संख्या में यात्री यहां पहुंचते हैं। ऐसे में निर्माण एजेंसी के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि निर्माण कार्य भी चलता रहे और यात्रियों की आवाजाही तथा रेल परिचालन भी प्रभावित न हो। स्टेशन परिसर में जगह सीमित होने के कारण भारी मशीनरी, निर्माण सामग्री और मजदूरों की आवाजाही को भी नियंत्रित तरीके से संचालित करना पड़ता है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार निर्माण शुरू करने से पहले स्टेशन परिसर में मौजूद विभिन्न कार्यालयों, सेवाओं और अन्य व्यवस्थाओं को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ी थी। निर्माण के लिए जगह खाली करवाने में ही लंबा समय लगा। इसी वजह से परियोजना की जमीनी स्तर पर निर्माण गतिविधियां तय कार्यक्रम के मुकाबले देर से शुरू हो सकीं। इस शुरुआती देरी का असर बाद के चरणों पर भी पड़ा और परियोजना की समयसीमा लगातार आगे खिसकती चली गई।

परियोजना की प्रगति के आंकड़े भी निर्माण की रफ्तार को लेकर तस्वीर साफ करते हैं। फरवरी 2025 के आसपास स्टेशन पुनर्विकास का लगभग 44 प्रतिशत काम पूरा होने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद करीब एक साल पांच महीने की अवधि में प्रगति केवल 14 प्रतिशत बढ़कर 58 प्रतिशत तक पहुंची। यानी इस अवधि में निर्माण का बड़ा हिस्सा पूरा नहीं हो पाया। अब परियोजना का 42 प्रतिशत काम बाकी है, जिसमें स्टेशन की मुख्य इमारत और अन्य महत्वपूर्ण निर्माण शामिल हैं।

पुनर्विकास के बाद लुधियाना रेलवे स्टेशन को आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ नया स्वरूप देने की योजना है। स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार की तरफ छह मंजिला स्टेशन भवन बनाया जा रहा है। यह परियोजना के सबसे प्रमुख हिस्सों में से एक है। इसके अलावा तीन मंजिला पार्किंग का निर्माण किया जा रहा है, ताकि यात्रियों और उनके साथ आने वाले लोगों के लिए बेहतर पार्किंग व्यवस्था उपलब्ध हो सके।

सिविल लाइंस की तरफ भी तीन मंजिला भवन विकसित किया जाना है। परियोजना में नया अस्पताल, गेस्ट हाउस और रेलवे कर्मचारियों के लिए करीब 130 क्वार्टर बनाए जाने हैं। रेलवे कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधा विकसित होने से स्टेशन परिसर से संबंधित प्रशासनिक और परिचालन व्यवस्थाओं को भी बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

अब तक पार्किंग का स्ट्रक्चर तैयार किया जा चुका है। नया अस्पताल भवन भी तैयार हो चुका है। इन हिस्सों में बाकी जरूरी काम आगे बढ़ाए जा रहे हैं। वहीं स्टेशन की मुख्य इमारत और परियोजना के दूसरे बड़े हिस्सों का निर्माण अभी जारी है। मुख्य भवन के तैयार होने के बाद ही स्टेशन के पुनर्विकास की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।

योजना के तहत स्टेशन के ईस्ट और वेस्ट साइड पर नए मुख्य स्टेशन भवन तैयार किए जाएंगे। दोनों भवनों को आधुनिक सुविधाओं और बेहतर यात्री प्रबंधन को ध्यान में रखकर विकसित किया जाएगा। स्टेशन के दोनों हिस्सों को पर्यावरण के अनुकूल मानकों के अनुसार तैयार करने की योजना है। इसके लिए Green Building Certification की Gold Rating के अनुरूप निर्माण पर जोर दिया जा रहा है।

स्टेशन तक वाहनों की पहुंच को बेहतर बनाने के लिए Elevated Approach Road का भी निर्माण किया जा रहा है। इसका उद्देश्य स्टेशन के आसपास ट्रैफिक को अधिक व्यवस्थित करना है। लुधियाना स्टेशन के आसपास पहले से ही वाहनों का दबाव रहता है। ऐसे में नई एप्रोच रोड के तैयार होने के बाद यात्रियों को स्टेशन तक पहुंचने में आसानी होने और वाहनों की आवाजाही को बेहतर तरीके से नियंत्रित करने की उम्मीद है।

पुनर्विकास योजना में यात्रियों के आगमन और प्रस्थान के रास्तों को अलग-अलग करने का भी प्रावधान है। वर्तमान व्यवस्था में एक ही क्षेत्र में यात्रियों और वाहनों की आवाजाही के कारण कई बार भीड़ और जाम की स्थिति बन जाती है। नई डिजाइन में अलग-अलग रास्ते होने से स्टेशन के प्रवेश और निकास क्षेत्र में यातायात का दबाव कम करने की कोशिश की जाएगी।

स्टेशन की दूसरी एंट्री को भी विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यात्रियों को स्टेशन तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध कराना है। इससे मुख्य प्रवेश द्वार पर भीड़ कम करने में मदद मिल सकती है। खासकर व्यस्त समय में यात्रियों के लिए स्टेशन के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है।

वाहन पार्किंग को लेकर भी परियोजना में व्यापक व्यवस्था की गई है। Multi-Level Car Parking यानी MLCP का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा करीब 1.30 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में Surface Parking की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रावधान है। पार्किंग व्यवस्था के पूरी तरह तैयार होने के बाद स्टेशन पर आने वाले यात्रियों, उन्हें लेने-छोड़ने वाले लोगों और रेलवे से जुड़े वाहनों के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

पुनर्विकास परियोजना का एक अहम उद्देश्य स्टेशन को भविष्य की यात्री जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है। लुधियाना औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों का बड़ा केंद्र है और यहां से पंजाब के अलावा देश के कई हिस्सों के लिए बड़ी संख्या में यात्री रेल सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में स्टेशन पर यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए आधुनिक और अधिक व्यवस्थित इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी।

स्टेशन के पुनर्विकास के दौरान रेलवे को परिचालन और निर्माण के बीच संतुलन बनाना पड़ रहा है। ट्रेनों का संचालन बंद नहीं किया जा सकता और यात्रियों की आवाजाही को भी सामान्य बनाए रखना जरूरी है। यही कारण है कि निर्माण के कई हिस्सों को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। भारी ट्रैफिक और लगातार यात्रियों की मौजूदगी के कारण कई स्थानों पर काम करने के लिए सीमित समय और स्थान उपलब्ध होता है।

EPC यानी Engineering, Procurement and Construction मॉडल पर तैयार किए जा रहे इस प्रोजेक्ट की कुल लागत ₹528.95 करोड़ है। परियोजना की पुरानी समयसीमा अगस्त 2025 बताई गई थी। बाद में इसे दिसंबर 2026 तक बढ़ाया गया। अब जून 2027 की संभावित समयसीमा सामने आने के बाद यह साफ है कि स्टेशन का पुनर्विकास निर्धारित योजना से काफी पीछे चल रहा है।

यात्रियों के लिए फिलहाल सबसे बड़ी राहत पार्किंग सुविधा का दोबारा शुरू होना है। इससे स्टेशन पहुंचने वाले लोगों को वाहन खड़ा करने के लिए पहले की तरह वैकल्पिक स्थानों की तलाश नहीं करनी पड़ेगी। हालांकि स्टेशन परिसर में निर्माण कार्य जारी रहने के कारण आने वाले समय में भी यात्रियों को कुछ असुविधाओं का सामना करना पड़ सकता है।

रेलवे के सामने अब दोहरी चुनौती है। एक तरफ स्टेशन का नियमित संचालन और यात्रियों की सुविधा बनाए रखना है, वहीं दूसरी तरफ बचे हुए 42 प्रतिशत काम को तेजी से पूरा करना है। खास तौर पर मुख्य स्टेशन भवन, दूसरी एंट्री, एप्रोच रोड, पार्किंग से जुड़े शेष कार्य और अन्य भवनों का निर्माण समय पर पूरा करना महत्वपूर्ण होगा।

अगर निर्माण कार्य आने वाले महीनों में गति पकड़ता है तो जून 2027 तक लुधियाना रेलवे स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस नया स्वरूप मिलने की उम्मीद की जा सकती है। लेकिन अब तक की प्रगति को देखते हुए यात्रियों की नजर इस बात पर रहेगी कि रेलवे इस बार तय की जाने वाली समयसीमा के भीतर परियोजना को वास्तव में पूरा कर पाता है या स्टेशन के कायाकल्प का इंतजार एक बार फिर आगे बढ़ता है।