वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिंधु और आयुष शेट्टी का जलवा, प्री-क्वार्टर फाइनल में बनाई जगह; सात्विक-चिराग को मिला वॉकओवर

वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिंधु और आयुष शेट्टी का जलवा, प्री-क्वार्टर फाइनल में बनाई जगह; सात्विक-चिराग को मिला वॉकओवर

नई दिल्ली में खेले जा रहे बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप में भारतीय खिलाड़ियों के लिए बुधवार का दिन मिला-जुला रहा। कुछ खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अगले दौर का टिकट कटाया, जबकि कुछ बड़े नामों का सफर यहीं समाप्त हो गया। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने महिला सिंगल्स में लगातार दूसरे मुकाबले में जीत दर्ज कर प्री-क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया। युवा भारतीय शटलर आयुष शेट्टी ने भी अपनी शानदार लय जारी रखते हुए अगले दौर में जगह बना ली।

इसके अलावा पुरुष डबल्स में भारत की स्टार जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी को बिना कोर्ट पर उतरे ही अंतिम-16 में प्रवेश मिल गया। उनके स्कॉटलैंड के प्रतिद्वंद्वियों ने चोट के कारण मुकाबले से नाम वापस ले लिया था। मिक्स्ड डबल्स में ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो ने भी सीधे गेम में जीत हासिल की।

हालांकि, भारत के दो युवा खिलाड़ियों उन्नति हुड्डा और लक्ष्य सेन को अपने-अपने मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा। इस तरह भारतीय अभियान में एक तरफ जीत की खुशी रही तो दूसरी ओर कुछ खिलाड़ियों के बाहर होने का झटका भी लगा।

सिंधु ने सीधे गेम में दर्ज की जीत

महिला सिंगल्स में पीवी सिंधु ने कनाडा की वेन यू झंग के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया। राउंड ऑफ 32 के इस मुकाबले में सिंधु ने अपनी प्रतिद्वंद्वी को 21-16, 21-17 से हराया। मुकाबला करीब 35 मिनट तक चला, लेकिन भारतीय स्टार ने दोनों गेम में अहम मौकों पर नियंत्रण बनाए रखा।

सिंधु के लिए यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह इस टूर्नामेंट में घरेलू दर्शकों के सामने खेल रही हैं और उनसे भारतीय प्रशंसकों को काफी उम्मीदें हैं। शुरुआती दौर से ही उन्होंने आत्मविश्वास के साथ अपना अभियान आगे बढ़ाया है। कनाडाई खिलाड़ी के खिलाफ मुकाबले में सिंधु ने लंबी रैलियों के दौरान धैर्य दिखाया और अंक हासिल करने के लिए सही समय पर आक्रामक खेल का सहारा लिया।

पहला गेम जीतने के बाद सिंधु ने दूसरे गेम में भी अपनी पकड़ ढीली नहीं पड़ने दी। झंग ने वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने महत्वपूर्ण अंकों पर बढ़त बनाए रखी और मुकाबला सीधे दो गेम में अपने नाम कर लिया।

अब सिंधु के सामने प्री-क्वार्टर फाइनल में चीन की तीसरी वरीयता प्राप्त वांग झीयी की चुनौती होगी। यह मुकाबला 20 अगस्त को होना है। यानी अगले दौर में सिंधु के सामने पहले से कहीं कठिन परीक्षा होगी। टूर्नामेंट के कार्यक्रम के मुताबिक 20 अगस्त को राउंड ऑफ 16 के मुकाबले खेले जाने हैं।

आयुष शेट्टी ने भी बढ़ाया कदम

पुरुष सिंगल्स में आयुष शेट्टी ने एक और प्रभावशाली प्रदर्शन किया। पहले ही दौर में दुनिया के नंबर-1 और मौजूदा विश्व चैंपियन शी यूकी को हराकर बड़ा उलटफेर करने वाले आयुष ने दूसरे मुकाबले में भी अपनी लय बरकरार रखी।

आयुष ने श्रीलंका के दमिंदु अबिविक्रमा को केवल 26 मिनट में 21-8, 21-10 से मात दी। मुकाबले के दोनों गेम में भारतीय खिलाड़ी ने शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा और अपने प्रतिद्वंद्वी को ज्यादा मौके नहीं दिए। उनकी तेज गति और आक्रामक अंदाज के सामने श्रीलंकाई खिलाड़ी संघर्ष करते नजर आए।

आयुष की इस जीत ने टूर्नामेंट में भारतीय पुरुष सिंगल्स अभियान को नई उम्मीद दी है। खास बात यह है कि वर्ल्ड चैंपियनशिप में अपने पदार्पण के दौरान ही उन्होंने दुनिया के शीर्ष खिलाड़ी को हराकर अपनी क्षमता का परिचय दिया था। अब दूसरे दौर में भी आसान जीत हासिल करने के बाद वह अंतिम-16 में पहुंच चुके हैं।

आयुष के लिए यह टूर्नामेंट अब तक बेहद यादगार रहा है। विश्व नंबर-1 शी यूकी के खिलाफ जीत को उनके करियर की सबसे बड़ी जीतों में गिना जा रहा है। उस मुकाबले में उन्होंने तीन गेम तक चले संघर्ष में 21-14, 13-21, 21-19 से जीत दर्ज की थी। इसके बाद श्रीलंकाई खिलाड़ी के खिलाफ सीधे गेम में जीत ने उनके आत्मविश्वास को और मजबूत किया है।

सात्विक-चिराग बिना खेले पहुंचे अंतिम-16 में

भारत की पुरुष डबल्स जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी को राउंड ऑफ 32 में कोर्ट पर उतरने की जरूरत ही नहीं पड़ी। स्कॉटलैंड के एलेक्जेंडर डन और एडम प्रिंगल के खिलाफ उनका मुकाबला निर्धारित था, लेकिन स्कॉटिश जोड़ी ने चोट के कारण मैच से अपना नाम वापस ले लिया।

इस वजह से सात्विक और चिराग को वॉकओवर मिल गया और वे सीधे प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए। भारतीय जोड़ी को टूर्नामेंट में पांचवीं वरीयता मिली है और घरेलू मैदान पर उनसे पदक की बड़ी उम्मीद की जा रही है।

वॉकओवर मिलने से उन्हें एक अतिरिक्त फायदा भी मिला है। जहां बाकी खिलाड़ियों को लगातार मुकाबले खेलने पड़ रहे हैं, वहीं सात्विक-चिराग को अगले मैच से पहले रिकवरी का अतिरिक्त समय मिलेगा। यह खास तौर पर सात्विक के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि टूर्नामेंट से पहले उनके कंधे की परेशानी को लेकर चर्चा रही है।

अब भारतीय जोड़ी की नजर अगले दौर में मजबूती से आगे बढ़ने पर होगी। वर्ल्ड चैंपियनशिप में घरेलू दर्शकों का समर्थन भी सात्विक और चिराग के लिए बड़ा मनोबल साबित हो सकता है।

ध्रुव कपिला-तनीषा क्रास्टो की जोड़ी भी आगे

मिक्स्ड डबल्स में ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो ने भी भारतीय अभियान को मजबूती दी। दोनों ने राउंड ऑफ 32 में मकाऊ की लेओंग इओक चोंग और एनजी वेंग ची की जोड़ी को सीधे गेम में शिकस्त दी।

भारतीय जोड़ी ने मुकाबला 21-11, 21-11 से अपने नाम किया। दोनों गेम में उन्होंने शुरुआत से ही बढ़त हासिल की और प्रतिद्वंद्वी जोड़ी को वापसी का मौका नहीं दिया। सीधे गेम में जीत हासिल करने के कारण ध्रुव और तनीषा ने ज्यादा समय कोर्ट पर भी नहीं बिताया।

मिक्स्ड डबल्स में भारत की उम्मीदों के लिए यह जीत अहम है। टूर्नामेंट आगे बढ़ने के साथ मुकाबलों की मुश्किल बढ़ती जाएगी, ऐसे में भारतीय जोड़ी को अपनी लय बरकरार रखनी होगी।

उन्नति हुड्डा को रोमांचक मुकाबले में मिली हार

महिला सिंगल्स में भारत की युवा खिलाड़ी उन्नति हुड्डा ने मुकाबले में संघर्ष तो खूब किया, लेकिन जीत हासिल नहीं कर सकीं। उन्हें कनाडा की मिशेल ली ने तीन गेम तक चले बेहद करीबी मुकाबले में हराया।

मिशेल ली ने पहला गेम 21-11 से जीतकर शुरुआत में बढ़त बनाई। इसके बाद उन्नति ने शानदार वापसी की और दूसरे गेम को 21-9 से अपने नाम कर मुकाबले को बराबरी पर ला दिया। तीसरे गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली।

निर्णायक गेम में उन्नति ने पूरी कोशिश की, लेकिन अंत में मिशेल ली ने 23-21 से गेम अपने नाम कर लिया। इस तरह उन्नति का मुकाबला 11-21, 21-9, 21-23 के स्कोर के साथ समाप्त हुआ।

उन्नति के लिए यह हार निराशाजनक जरूर रही, लेकिन तीन गेम तक मुकाबला ले जाना बताता है कि उन्होंने दबाव की स्थिति में अच्छी चुनौती पेश की। विश्व चैंपियनशिप जैसे बड़े मंच पर उनका यह अनुभव भविष्य में उनके लिए उपयोगी साबित हो सकता है।

लक्ष्य सेन का सफर भी हुआ खत्म

पुरुष सिंगल्स में भारत को सबसे बड़ा झटका लक्ष्य सेन के बाहर होने से लगा। उन्हें अमेरिका के गैरथ टन ने तीन गेम तक चले मुकाबले में मात दी।

दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबला करीब एक घंटे 13 मिनट तक चला। लक्ष्य ने पहले गेम में 21-19 से बढ़त बनाई, लेकिन इसके बाद अमेरिकी खिलाड़ी ने जोरदार वापसी की। टन ने दूसरा गेम 21-19 से जीतकर स्कोर बराबर कर दिया।

निर्णायक गेम में भी दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला हुआ, लेकिन अंत में गैरथ टन ने 21-17 से गेम जीतकर मैच अपने नाम कर लिया। इस तरह लक्ष्य सेन को 21-19, 19-21, 17-21 से हार का सामना करना पड़ा।

लक्ष्य की हार भारतीय पुरुष सिंगल्स अभियान के लिए बड़ा झटका है। हालांकि आयुष शेट्टी के लगातार आगे बढ़ने से इस वर्ग में भारत की उम्मीदें अभी बनी हुई हैं।

भारत की नजर अब अगले दौर पर

नई दिल्ली में 17 से 23 अगस्त तक आयोजित हो रही वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारतीय खिलाड़ियों से इस बार खास प्रदर्शन की उम्मीद है। घरेलू मैदान पर होने वाले इस बड़े टूर्नामेंट में भारत के पास कई मजबूत दावेदार हैं। सिंधु और आयुष का अंतिम-16 में पहुंचना, सात्विक-चिराग का वॉकओवर के जरिए आगे बढ़ना और ध्रुव-तनीषा की जीत भारतीय खेमे के लिए सकारात्मक संकेत हैं।

अब 20 अगस्त को होने वाले प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबलों पर सभी की नजर रहेगी। सिंधु के सामने तीसरी वरीयता प्राप्त वांग झीयी जैसी मजबूत खिलाड़ी होंगी, जबकि आयुष शेट्टी भी अपनी शानदार शुरुआत को आगे बढ़ाने की कोशिश करेंगे। सात्विक-चिराग और अन्य भारतीय जोड़ियां भी टूर्नामेंट में गहराई तक जाने के लिए कोर्ट पर उतरेंगी।

भारत के लिए अब चुनौती सिर्फ अगले दौर में पहुंचने की नहीं, बल्कि इन जीतों को पदक की दौड़ में बदलने की है। सिंधु के अनुभव, आयुष की युवा ऊर्जा और सात्विक-चिराग की जोड़ी से भारतीय प्रशंसकों को बड़ी उम्मीदें हैं। विश्व चैंपियनशिप का सफर जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा, हर मुकाबला मुश्किल होता जाएगा और भारतीय खिलाड़ियों को अपने प्रदर्शन का स्तर लगातार ऊंचा रखना होगा।