अफगानिस्तान में शुरू होने जा रही IPL जैसी टी-20 लीग, 27 दिसंबर से होगा पहला सीजन; तीन फ्रेंचाइजी का ऐलान

अफगानिस्तान में शुरू होने जा रही IPL जैसी टी-20 लीग, 27 दिसंबर से होगा पहला सीजन; तीन फ्रेंचाइजी का ऐलान

अफगानिस्तान क्रिकेट अब घरेलू टी-20 क्रिकेट को एक नई ऊंचाई देने की तैयारी में है। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) ने देश में अपनी नई टी-20 प्रतियोगिता अफगानिस्तान प्रीमियर लीग (APL) शुरू करने की घोषणा कर दी है। इस लीग को भारतीय क्रिकेट की मशहूर इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है। APL का पहला सीजन 27 दिसंबर से शुरू होगा, जिससे अफगानिस्तान के क्रिकेट प्रेमियों को पहली बार अपने देश में एक बड़े फ्रेंचाइजी आधारित टी-20 टूर्नामेंट का रोमांच देखने को मिलेगा।

लीग से जुड़ी शुरुआती जानकारी दुबई में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान सामने आई। इसी समारोह में प्रतियोगिता की तीन फ्रेंचाइजी के नाम सार्वजनिक किए गए। इसके साथ ही APL की आधिकारिक ट्रॉफी भी दुनिया के सामने पेश की गई। आयोजकों के मुताबिक, यह लीग सिर्फ मनोरंजन और प्रतिस्पर्धी क्रिकेट तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि देश में मौजूद युवा प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का रास्ता भी दे सकती है।

तीन टीमों के नाम से शुरू होगा APL का सफर

अफगानिस्तान प्रीमियर लीग के पहले सीजन में फिलहाल तीन फ्रेंचाइजी के नाम सामने आए हैं। इनमें एक्सल यूनाइटेड काबुल, बलख जवानन और कंधार वारियर्स शामिल हैं। तीनों टीमों के नाम अफगानिस्तान के अलग-अलग क्षेत्रों और शहरों से जुड़े हुए हैं। इससे लीग में स्थानीय पहचान और क्षेत्रीय जुड़ाव को भी महत्व दिए जाने का संकेत मिलता है।

काबुल की टीम राजधानी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करेगी, जबकि बलख जवानन उत्तरी अफगानिस्तान की प्रतिभाओं को अपनी टीम से जोड़ने पर ध्यान देगी। दूसरी ओर, कंधार वारियर्स ने अपनी पहचान आक्रामक और प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से बनाने की इच्छा जताई है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में इन फ्रेंचाइजी से जुड़ी टीमों, खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की विस्तृत जानकारी भी सामने आएगी।

फ्रेंचाइजी आधारित लीग का सबसे बड़ा आकर्षण अलग-अलग क्षेत्रों की टीमों के बीच मुकाबला होता है। APL भी इसी मॉडल के जरिए स्थानीय प्रशंसकों को अपनी-अपनी पसंदीदा टीम से जोड़ने की कोशिश करेगा। इससे अफगानिस्तान में क्रिकेट को एक नए व्यावसायिक और प्रतिस्पर्धी स्वरूप में बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

27 दिसंबर से मैदान पर दिखेगा लीग का पहला सीजन

ACB ने घोषणा की है कि APL का उद्घाटन सीजन 27 दिसंबर से शुरू किया जाएगा। हालांकि, अभी टूर्नामेंट के सभी मैचों का विस्तृत कार्यक्रम जारी नहीं किया गया है। मुकाबले किन-किन मैदानों पर होंगे और फाइनल समेत अन्य महत्वपूर्ण मैचों की तारीखें क्या रहेंगी, इसकी जानकारी बाद में साझा की जाएगी।

टी-20 क्रिकेट की लोकप्रियता को देखते हुए इस प्रतियोगिता को लेकर अफगानिस्तान में काफी उत्सुकता पैदा हो सकती है। छोटे फॉर्मेट में कम समय के भीतर तेज बल्लेबाजी, आक्रामक गेंदबाजी और रोमांचक मुकाबले देखने को मिलते हैं। यही वजह है कि दुनिया के कई क्रिकेट देशों में फ्रेंचाइजी आधारित टी-20 लीग को बड़ी लोकप्रियता मिली है।

अफगानिस्तान भी अब इसी क्रिकेट संस्कृति का हिस्सा बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ियों ने हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी क्षमता साबित की है। ऐसे में APL को घरेलू स्तर पर उस प्रतिभा की अगली सीढ़ी के तौर पर देखा जा रहा है।

30 अगस्त से शुरू होगा खिलाड़ियों का रजिस्ट्रेशन

APL के पहले सीजन के लिए खिलाड़ियों को टीमों से जोड़ने की प्रक्रिया भी जल्द शुरू होने वाली है। ACB के अनुसार, 30 अगस्त से प्लेयर्स ड्राफ्ट के लिए रजिस्ट्रेशन पोर्टल खोला जाएगा। यानी इच्छुक खिलाड़ी लीग के पहले ड्राफ्ट में शामिल होने के लिए अपना पंजीकरण करा सकेंगे।

इसके बाद खिलाड़ियों के चयन की अगली बड़ी प्रक्रिया 27 सितंबर को आयोजित होने वाले ड्राफ्ट के रूप में होगी। इसी प्रक्रिया के जरिए फ्रेंचाइजी अपनी टीमों के लिए खिलाड़ियों का चयन करेंगी। ड्राफ्ट के कारण स्थानीय और विदेशी खिलाड़ियों के लिए भी लीग का हिस्सा बनने का रास्ता खुल सकता है।

किस टीम में कौन-से खिलाड़ी शामिल होंगे, इसको लेकर फिलहाल तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। लेकिन ड्राफ्ट की तारीख सामने आने के बाद क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें संभावित खिलाड़ियों और फ्रेंचाइजी की रणनीतियों पर रहेंगी।

ट्रॉफी का नाम भी है खास, पहाड़ों से लिया गया डिजाइन

दुबई में हुए कार्यक्रम के दौरान APL की ट्रॉफी को भी लॉन्च किया गया। इस ट्रॉफी का नाम ‘कोह-ए-जफर’ रखा गया है। इसके नाम और डिजाइन में अफगानिस्तान की भौगोलिक पहचान को प्रमुखता दी गई है।

ACB के मुताबिक, ट्रॉफी का डिजाइन देश की पर्वत श्रृंखलाओं से प्रेरित है। अफगानिस्तान अपने ऊंचे और दुर्गम पहाड़ी इलाकों के लिए जाना जाता है। ऐसे में ट्रॉफी में पर्वतीय संरचना को शामिल करना देश की प्राकृतिक पहचान और क्रिकेट की उपलब्धि को एक साथ जोड़ने की कोशिश है।

‘कोह-ए-जफर’ को सिर्फ एक विजेता ट्रॉफी के तौर पर नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसे ताकत, दृढ़ता और सफलता के प्रतीक के रूप में पेश किया गया है। क्रिकेट के मैदान पर चैंपियन बनने के लिए जिस मजबूती और निरंतरता की जरूरत होती है, ट्रॉफी का डिजाइन उसी भावना को दर्शाता है।

युवा क्रिकेटरों के लिए खुल सकता है बड़ा रास्ता

APL की शुरुआत का एक अहम उद्देश्य अफगानिस्तान के युवा क्रिकेटरों को अधिक प्रतिस्पर्धी माहौल उपलब्ध कराना भी है। ACB चेयरमैन मिरवाइस अशरफ ने लीग के लॉन्च को अफगान क्रिकेट के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है।

उनके मुताबिक, इस तरह की प्रतियोगिता युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतर अवसर दे सकती है। घरेलू क्रिकेट में लगातार उच्च स्तर के मुकाबले खेलने से खिलाड़ियों को दबाव में प्रदर्शन करने और बड़े मंच के लिए तैयार होने का अनुभव मिलेगा।

अफगानिस्तान में क्रिकेट को लेकर युवाओं के बीच पहले से ही काफी उत्साह है। राष्ट्रीय टीम में भी कई ऐसे खिलाड़ी सामने आए हैं जिन्होंने कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। APL के जरिए इस प्रतिभा को एक व्यवस्थित और पेशेवर मंच मिल सकता है।

बलख और कंधार की टीमों ने भी बताई अपनी रणनीति

नई फ्रेंचाइजी में शामिल बलख जवानन ने उत्तरी अफगानिस्तान में मौजूद क्रिकेट प्रतिभाओं पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही है। टीम का उद्देश्य अपने क्षेत्र के खिलाड़ियों को आगे लाने और उन्हें बड़े स्तर पर प्रदर्शन का मौका देने की दिशा में काम करना है।

वहीं कंधार वारियर्स ने अपनी टीम की पहचान आक्रामक क्रिकेट से बनाने की इच्छा जाहिर की है। टीम ने स्थानीय प्रशंसकों के साथ मजबूत संबंध स्थापित करने पर भी जोर दिया है। इससे यह संकेत मिलता है कि फ्रेंचाइजी सिर्फ मैदान पर प्रदर्शन करने के बजाय अपने क्षेत्र के क्रिकेट प्रशंसकों को भी टीम से जोड़ने की कोशिश करेंगी।

ऐसे में APL में सिर्फ क्रिकेट मुकाबले ही नहीं, बल्कि अलग-अलग क्षेत्रों के बीच खेल से जुड़ी प्रतिस्पर्धा भी देखने को मिल सकती है।

अभी कई अहम जानकारियों का इंतजार

APL के ऐलान के बाद लीग को लेकर कई सवालों के जवाब अभी आने बाकी हैं। टूर्नामेंट में कुल कितने मुकाबले खेले जाएंगे, सभी मैचों के आयोजन स्थल कौन-कौन से होंगे, टीमों के स्क्वॉड में कितने खिलाड़ी होंगे और विदेशी खिलाड़ियों की भागीदारी का क्या नियम रहेगा—इन विषयों पर अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है।

फिलहाल इतना तय है कि खिलाड़ियों के रजिस्ट्रेशन की शुरुआत 30 अगस्त से होगी और पहला ड्राफ्ट 27 सितंबर को आयोजित किया जाएगा। इसके बाद टीमों की तस्वीर और ज्यादा स्पष्ट हो सकती है।

अगर APL अपने शुरुआती सीजन में सफल रहता है, तो आने वाले वर्षों में इसके विस्तार की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं। अधिक फ्रेंचाइजी, बड़े खिलाड़ी और ज्यादा मुकाबले लीग को अफगानिस्तान के क्रिकेट कैलेंडर का महत्वपूर्ण हिस्सा बना सकते हैं।

APL का लॉन्च अफगानिस्तान क्रिकेट के लिए एक नया अध्याय है। राष्ट्रीय टीम के बाद अब फ्रेंचाइजी क्रिकेट के जरिए घरेलू खिलाड़ियों को बड़ा मंच देने की कोशिश की जा रही है। 27 दिसंबर से शुरू होने वाला पहला सीजन यह तय करेगा कि अफगानिस्तान की यह नई टी-20 लीग दर्शकों और खिलाड़ियों के बीच कितनी जगह बना पाती है। फिलहाल तीन टीमों, नई ट्रॉफी और खिलाड़ियों के ड्राफ्ट की तारीखों के ऐलान के साथ APL का इंतजार शुरू हो चुका है।